अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले की जांच लगातार नए मोड़ ले रही है। रविवार को पुलिस ने न्यायालय की अनुमति मिलने के बाद जेल पहुंचकर तीन आरोपियों से लगभग पांच घंटे तक गहन पूछताछ की। जांच के दौरान मोबाइल चैट रिकॉर्ड से ऐसे कई अहम सुराग सामने आए हैं, जिनसे संकेत मिलता है कि पूरे घटनाक्रम की साजिश का मुख्य सूत्रधार चंपत राय का करीबी बताया जा रहा टिन्नू यादव हो सकता है। पुलिस के मुताबिक चैट में करीब दो करोड़ रुपये के चढ़ावे की हेराफेरी का भी उल्लेख मिला है। अब तक जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर जांच एजेंसियां टिन्नू यादव की पुलिस कस्टडी रिमांड लेने की तैयारी कर रही हैं, क्योंकि अधिकारियों को उम्मीद है कि उससे पूछताछ में इस पूरे मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।
अनुकल्प, लवकुश और करुणेश से घंटों चली पूछताछ
मामले की जांच कर रही पुलिस की साइबर सेल ने आरोपियों के मोबाइल फोन से पिछले लगभग एक वर्ष का चैट डेटा और डिजिटल रिकॉर्ड एकत्र किया है। इन्हीं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर रविवार को जेल में बंद आरोपियों से विभिन्न पहलुओं पर सवाल-जवाब किए गए। जांच अधिकारी एवं क्षेत्राधिकारी आशुतोष तिवारी सुबह करीब 11:30 बजे जेल पहुंचे और शाम लगभग 4:15 बजे तक पूछताछ करते रहे। इससे पहले आरोपी अविनाश से हुई पूछताछ में पुलिस को कई नए तथ्य हाथ लगे थे। उन्हीं जानकारियों का सत्यापन करने के उद्देश्य से अन्य आरोपियों से भी विस्तृत पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान सभी आरोपियों के लिखित बयान भी दर्ज किए गए हैं, जिन्हें आगे की कानूनी कार्रवाई के तहत अदालत में प्रस्तुत किया जाएगा। इन्हीं बयानों और डिजिटल सबूतों के आधार पर पुलिस भविष्य में कस्टडी रिमांड की मांग कर सकती है।
अलग-अलग पूछताछ के बाद कराया आमना-सामना
रविवार की कार्रवाई के दौरान पुलिस ने अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पाण्डेय से पहले अलग-अलग पूछताछ की, ताकि प्रत्येक आरोपी का स्वतंत्र पक्ष सामने आ सके। इसके बाद तीनों को आमने-सामने बैठाकर भी सवाल किए गए, जिससे उनके बयानों में मौजूद विरोधाभासों की जांच की जा सके। पुलिस को अविनाश को छोड़कर बाकी सात आरोपियों से पूछताछ की अनुमति मिल चुकी है। आने वाले दिनों में रमाशंकर मिश्र, टिन्नू यादव, मनीष यादव और सुभाष श्रीवास्तव से भी जेल में पूछताछ किए जाने की संभावना है। हालांकि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि किस आरोपी से किस दिन पूछताछ होगी। जांच एजेंसियां क्रमबद्ध तरीके से सभी आरोपियों से पूछताछ कर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में लगी हुई हैं।
मोबाइल चैट से दो करोड़ की हेराफेरी के मिले संकेत
जांच के दौरान सामने आए मोबाइल चैट रिकॉर्ड इस पूरे मामले में सबसे अहम डिजिटल साक्ष्य माने जा रहे हैं। पुलिस का दावा है कि आरोपियों के बीच हुई बातचीत से करीब दो करोड़ रुपये के चढ़ावे की कथित चोरी और उसके बंटवारे से जुड़े कई संकेत मिले हैं। विशेष रूप से अनुकल्प मिश्रा और लवकुश मिश्रा की चैट में ऐसे कई संदेश मिले हैं, जिनसे पुलिस को नई दिशा मिली है। सूत्रों के अनुसार फरवरी महीने में चोरी की रकम के बंटवारे को लेकर दोनों के बीच विवाद भी हुआ था। इस विवाद और आपसी मतभेद का उल्लेख भी चैट रिकॉर्ड में सामने आया है। पुलिस अब इन डिजिटल संदेशों का फॉरेंसिक विश्लेषण कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित रकम का लेन-देन किस प्रकार किया गया और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।
मंदिर परिसर से नकदी बाहर कैसे पहुंची, यही सबसे बड़ा सवाल
पूरी जांच में सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न यह बना हुआ है कि आखिर इतनी बड़ी मात्रा में नकदी राम मंदिर परिसर से बाहर कैसे निकाली गई। जांच अधिकारियों का मानना है कि बिना किसी संगठित नेटवर्क या कई लोगों की मिलीभगत के इस तरह की वारदात को अंजाम देना बेहद कठिन है। इसी वजह से पुलिस अब उन अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है, जिन्होंने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इस प्रक्रिया में सहयोग किया हो या लापरवाही बरती हो। सूत्रों के मुताबिक अनुकल्प मिश्रा की जिम्मेदारी चढ़ावे की गणना के दौरान वाउचर तैयार करने की थी और आशंका है कि इसी प्रक्रिया में बड़े स्तर पर हेरफेर करने में उसकी भूमिका रही। पुलिस अब दस्तावेजी साक्ष्य, डिजिटल रिकॉर्ड और आरोपियों के बयानों को जोड़कर पूरे कथित षड्यंत्र की मजबूत कड़ी तैयार करने में जुटी है, ताकि अदालत में पर्याप्त और ठोस प्रमाणों के साथ अपना पक्ष प्रभावी ढंग से रखा जा सके।













