उत्तर प्रदेश सरकार अब सरकारी सेवाओं को पहले से ज्यादा तेज और आसान बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने से लेकर घर-जमीन के दाखिल-खारिज जैसे जरूरी कामों के लिए लोगों को अब लंबे समय तक दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश के सभी नगर निगमों में “वन डे गवर्नेंस सेंटर” शुरू करने का फैसला किया है, जहां कई महत्वपूर्ण नागरिक सेवाओं का निस्तारण एक ही दिन में किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य लोगों को त्वरित, पारदर्शी और सुविधाजनक सेवाएं उपलब्ध कराना है।
प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने मंगलवार को लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान इस नई व्यवस्था की घोषणा की। उन्होंने बताया कि सरकार नगर निकायों की कार्यप्रणाली को आधुनिक और नागरिक हितैषी बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। नई प्रणाली लागू होने के बाद लोगों को प्रमाण पत्र और अन्य जरूरी दस्तावेजों के लिए कई दिनों तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
नगर निगमों में शुरू होंगे वन डे गवर्नेंस सेंटर
सरकार की योजना के तहत प्रदेश के सभी नगर निगमों में विशेष वन डे गवर्नेंस सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों पर जन्म प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र, दाखिल-खारिज और अन्य नगर निकाय सेवाओं का काम तेजी से पूरा किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार कोशिश यह रहेगी कि अधिकांश मामलों का निस्तारण उसी दिन कर दिया जाए।
मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि लखनऊ में इस तरह का सेंटर तैयार किया जा चुका है, जबकि प्रयागराज, वाराणसी और गोरखपुर में भी इसे शुरू करने की तैयारी चल रही है। आने वाले समय में इस मॉडल को पूरे उत्तर प्रदेश में लागू करने की योजना है।
गुजरात मॉडल की तर्ज पर बनेगी व्यवस्था
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुजरात मॉडल से प्रेरित है। उन्होंने बताया कि जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब वहां वन डे गवर्नेंस सिस्टम शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य सरकारी सेवाओं को सरल और समयबद्ध बनाना था। अब उसी व्यवस्था को उत्तर प्रदेश में लागू करने की तैयारी की जा रही है।
ए.के. शर्मा ने कहा कि सरकार चाहती है कि किसी भी नागरिक को एक प्रमाण पत्र बनवाने के लिए कई दिनों या हफ्तों तक दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने कहा कि सामान्य मामलों में लोगों को आधे घंटे के भीतर प्रमाण पत्र देने का प्रयास किया जाएगा। यदि कोई मामला ज्यादा जटिल होगा तो संबंधित व्यक्ति को कुछ समय बाद बुलाकर उसी दिन काम पूरा कर दिया जाएगा।
लोगों को मिलेगी बड़ी राहत
सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से आम नागरिकों को काफी राहत मिलेगी। अभी तक जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जैसे जरूरी दस्तावेजों के लिए लोगों को कई बार नगर निगम कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे। कई बार आवेदन प्रक्रिया लंबी होने की वजह से लोगों को परेशानी उठानी पड़ती थी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद सेवाओं का निस्तारण अधिक तेज और पारदर्शी तरीके से किया जा सकेगा।
मंत्री ने कहा कि खासतौर पर उन लोगों को इस पहल से फायदा होगा जो ऑनलाइन सेवाओं का उपयोग आसानी से नहीं कर पाते। ऐसे नागरिक सीधे सेंटर पहुंचकर अपनी समस्याओं का समाधान कर सकेंगे।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष सुविधाएं
लखनऊ में बनाए गए वन डे गवर्नेंस सेंटर में वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। यहां बैठने के लिए आरामदायक स्थान, पीने के पानी और चाय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं ताकि लोगों को इंतजार के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो।
सरकार का कहना है कि स्मार्ट सिटी के साथ-साथ नागरिक सेवाओं का स्मार्ट और आधुनिक होना भी जरूरी है। इसी सोच के तहत यह नई प्रणाली विकसित की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार आने वाले समय में इन केंद्रों में तकनीक का और अधिक उपयोग किया जाएगा, जिससे काम की गति और पारदर्शिता दोनों बढ़ेंगी।
शहरी विकास योजनाओं पर भी हुई चर्चा
यह घोषणा लखनऊ महापौर के तीन साल का कार्यकाल पूरा होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में की गई। समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। इस दौरान नगर विकास, शहरी सुविधाओं और विभिन्न इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं पर भी चर्चा की गई।
सरकार ने संकेत दिए हैं कि प्रदेश के शहरों को केवल स्मार्ट सिटी ही नहीं बल्कि वैश्विक स्तर की आधुनिक शहरी व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में काम किया जाएगा। वन डे गवर्नेंस सेंटर को इसी व्यापक योजना का हिस्सा माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य नागरिकों को बेहतर और तेज प्रशासनिक सेवाएं देना है।













