
प्रधानमंत्री आवास योजना–शहरी 2.0 के तहत जिले में आवास निर्माण को नई रफ्तार मिली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डिजिटल माध्यम से एक क्लिक कर 5100 पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में एक-एक लाख रुपये की पहली किस्त सीधे ट्रांसफर की। राशि सीधे खाते में पहुंचने से हजारों परिवारों के चेहरे खिल उठे हैं और पक्के घर का सपना अब हकीकत के करीब नजर आ रहा है।
जिला नगरीय विकास अभिकरण की देखरेख में संचालित इस योजना के अंतर्गत पात्रता सूची में शामिल परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि पारदर्शी व्यवस्था के जरिए धनराशि सीधे बैंक खातों में भेजी गई है, जिससे किसी भी तरह की बिचौलिया व्यवस्था या अनियमितता की गुंजाइश न रहे।
एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह ने लाभार्थियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्राप्त राशि का उपयोग निर्धारित मानकों के अनुरूप ही किया जाए। योजना के तहत बनाए जाने वाले मकान का क्षेत्रफल न्यूनतम 30 वर्गमीटर और अधिकतम 45 वर्गमीटर तय किया गया है। इससे कम या अधिक क्षेत्र में निर्माण की अनुमति नहीं होगी।
इसके साथ ही यह भी अनिवार्य किया गया है कि आवास का निर्माण केवल भूतल पर ही किया जाए। प्रथम या द्वितीय तल पर निर्माण की अनुमति नहीं है। यदि किसी लाभार्थी द्वारा निर्धारित मानकों का उल्लंघन किया जाता है, तो अब तक जारी की गई धनराशि की वसूली की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि नियमों से किसी प्रकार का समझौता नहीं होगा।
निर्माण की गुणवत्ता को लेकर भी सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। सभी लाभार्थियों को मकान की छत आरसीसी (रेइनफोर्स्ड सीमेंट कंक्रीट) से बनवाना अनिवार्य होगा, ताकि आवास मजबूत, सुरक्षित और दीर्घकालिक हो। संबंधित विभाग समय-समय पर निर्माण कार्य का निरीक्षण करेगा और गुणवत्ता सुनिश्चित करेगा।
अधिकारियों ने यह भी दोहराया है कि प्रधानमंत्री आवास योजना–शहरी पूरी तरह निःशुल्क है। लाभार्थियों को किसी भी स्तर पर किसी व्यक्ति या कर्मचारी को कोई शुल्क या कमीशन देने की आवश्यकता नहीं है। यदि कोई व्यक्ति योजना के नाम पर पैसे की मांग करता है, तो इसकी सूचना तत्काल प्रशासन को देने की अपील की गई है।
एक साथ बड़ी संख्या में परिवारों के खातों में राशि हस्तांतरित होने से शहर में निर्माण गतिविधियों के तेज होने की संभावना जताई जा रही है। स्थानीय बाजारों में निर्माण सामग्री की मांग बढ़ सकती है और रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। प्रशासन का कहना है कि सरकार की प्राथमिकता पात्र और जरूरतमंद परिवारों को पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्ध तरीके से आवास उपलब्ध कराना है, ताकि हर व्यक्ति का अपना घर हो सके।














