न्यूज़
IPL 2026 Yogi Adityanath Jyotish Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

‘मेरे साथ भी होता है भैया…’ वसुंधरा राजे के बयान से गरमाई राजस्थान की सियासत

मेरे साथ भी होता है भैया… वाले बयान के बाद वसुंधरा राजे एक बार फिर सुर्खियों में हैं। राजस्थान की राजनीति में इस टिप्पणी ने नई बहस छेड़ दी है, जबकि विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों की ओर से लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

Posts by : Jhanvi Gupta | Updated on: Sun, 12 Apr 2026 09:39:12

‘मेरे साथ भी होता है भैया…’ वसुंधरा राजे के बयान से गरमाई राजस्थान की सियासत

राजस्थान की राजनीति में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे एक बार फिर अपने बयान को लेकर सुर्खियों में आ गई हैं। झालावाड़ जिले के मनोहर थाना क्षेत्र में आयोजित जनसंवाद यात्रा के दौरान दिया गया उनका एक कथन अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। 9 अप्रैल को बेटे दुष्यंत सिंह के साथ मंच साझा करते हुए उन्होंने लोगों से संवाद किया और विकास कार्यों से जुड़े मुद्दों पर खुलकर बात की।

मंच से बोलते हुए वसुंधरा राजे ने स्थानीय लोगों से आपसी विश्वास बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा, “आप प्यार बनाए रखो, मुझ पर भरोसा बनाए रखो। छोटे-मोटे काम चलते रहते हैं। किसी का मकान नहीं बन रहा है, किसी की पेंशन नहीं आ रही है, किसी का मुआवजा अटका हुआ है। किसी को मिला, किसी को नहीं मिला—ये सब चलता रहता है। लेकिन हम सब मिलकर इन्हें ठीक करने की कोशिश करेंगे।”

बयान ने बढ़ाया राजनीतिक तापमान

इसी भाषण के दौरान दिया गया एक और बयान चर्चा का कारण बन गया, जिसमें उन्होंने कहा, “मेरे साथ भी होता है भैया… मैं भी अपने लिए कुछ नहीं कर सकी, मैं खुद को भी नहीं बचा सकी।” यह टिप्पणी सामने आते ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और राजनीतिक गलियारों में बहस छिड़ गई। कई लोगों ने इसे मुख्यमंत्री पद न मिलने की निराशा से जोड़कर देखा, जिसके बाद यह मुद्दा लगातार चर्चा में बना रहा।

सोशल मीडिया से लेकर सियासत तक गूंज

यह बयान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से ट्रेंड करने लगा। इसी बीच जब उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जयपुर पहुंचे तो उनसे भी इस पर प्रतिक्रिया मांगी गई। उन्होंने कहा, “अगर वसुंधरा जी मुख्यमंत्री होतीं तो ज्यादा बेहतर काम होता। पर्ची वाले सिस्टम से किसी का भला नहीं होता।”

गहलोत ने भी कसा तंज

राजनीतिक बहस यहीं नहीं रुकी। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए अप्रत्यक्ष रूप से तंज कसा। ज्योतिबा फुले जयंती के कार्यक्रम में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने अखिलेश यादव की टिप्पणी पर सहमति जताई। माना गया कि इस बयानबाजी ने राजस्थान की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है, जिसमें भाजपा और कांग्रेस दोनों के बीच जुबानी वार तेज हो गए।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का बयान भी आया सामने


इस मुद्दे पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ को भी सफाई देनी पड़ी। बीकानेर दौरे के दौरान उन्होंने कहा कि वसुंधरा राजे पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं और उनके सभी काम सामान्य रूप से चल रहे हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि हर व्यक्ति मुख्यमंत्री नहीं बन सकता और राजनीतिक परिस्थितियों के अनुसार भूमिका तय होती है। बातचीत के दौरान उन्होंने एक कहावत का जिक्र करते हुए बात समाप्त की, जिसका आशय था कि उपलब्ध परिस्थितियों में संतोष रखना चाहिए।

हालांकि उनके बयान को भी राजनीतिक संकेतों के रूप में देखा गया, जिसमें पार्टी अनुशासन और नेतृत्व को लेकर अप्रत्यक्ष संदेश छिपा हुआ माना गया।

वसुंधरा राजे ने दी सफाई

मामला तूल पकड़ता देख खुद वसुंधरा राजे ने सामने आकर सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है और यह पूरी तरह एक राजनीतिक साजिश है। उनके अनुसार, जनता का स्नेह ही उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान है, किसी पद की चाह उनके लिए प्राथमिकता नहीं रही।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि झालावाड़ में चल रही विकास परियोजनाओं और सड़क निर्माण कार्यों के संदर्भ में ही उन्होंने उदाहरण दिए थे। उनके मुताबिक, उनके अपने क्षेत्र में भी कई बार नियमों के चलते उन्हें व्यक्तिगत स्तर पर समझौते करने पड़े, इसलिए यह सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है।

‘बयान का गलत अर्थ निकाला गया’


वसुंधरा राजे ने दोहराया कि उनका बयान मुख्यमंत्री पद या किसी राजनीतिक कुर्सी से जुड़ा नहीं था। यह केवल विकास कार्यों और जमीनी अनुभवों पर आधारित था। उन्होंने कहा कि झालावाड़ उनका परिवार है और वहां के लोगों से उनका संवाद स्वाभाविक और आत्मीय है, जिसे गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया।

राजनीतिक असर और लगातार चर्चा

इस पूरे घटनाक्रम के बाद यह साफ हो गया है कि वसुंधरा राजे के किसी भी बयान का असर राजस्थान की राजनीति पर तुरंत दिखाई देता है। उनकी राजनीतिक पकड़ और जनाधार आज भी उन्हें राज्य की सबसे प्रभावशाली नेताओं में बनाए रखते हैं।

संगठन को लेकर दिया संदेश

हाल ही में भाजपा के स्थापना दिवस के अवसर पर भी उन्होंने संगठन को लेकर टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि पार्टी में अवसर उन्हीं कार्यकर्ताओं को मिलना चाहिए जिन्होंने लंबे समय तक संघर्ष किया है और संगठन की विचारधारा के प्रति पूरी तरह समर्पित रहे हैं। उनके अनुसार, निष्ठावान कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता मिलनी चाहिए, न कि अवसरवादियों को।

राज्य
View More

Shorts see more

बारिश के मौसम में ग्लोइंग स्किन चाहिए? अपनाएं ब्लू स्किन केयर का ये वायरल ब्यूटी ट्रेंड

बारिश के मौसम में ग्लोइंग स्किन चाहिए? अपनाएं ब्लू स्किन केयर का ये वायरल ब्यूटी ट्रेंड

  • मानसून में स्किन चिपचिपी और पिंपल्स वाली हो जाती है
  • ब्लू स्किन केयर से ठंडक और हाइड्रेशन मिलता है
  • #BlueSkincare ट्रेंड युवाओं में वायरल है
read more

ताजा खबरें
View More

दिग्गज गायिका आशा भोसले का 92 वर्ष की उम्र में निधन, सोमवार को होगा अंतिम संस्कार
दिग्गज गायिका आशा भोसले का 92 वर्ष की उम्र में निधन, सोमवार को होगा अंतिम संस्कार
हिंदी सिनेमा की आवाज़ खामोश: आशा भोसले के जाने से टूटा संगीत का एक युग, ओ.पी. नैयर संग उनकी जोड़ी ने रचा था इतिहास
हिंदी सिनेमा की आवाज़ खामोश: आशा भोसले के जाने से टूटा संगीत का एक युग, ओ.पी. नैयर संग उनकी जोड़ी ने रचा था इतिहास
‘जो जंग में हासिल नहीं कर पाए, वही बातचीत में मांग रहे थे’, अमेरिका संग पीस टॉक फेल होने पर ईरान का तीखा बयान
‘जो जंग में हासिल नहीं कर पाए, वही बातचीत में मांग रहे थे’, अमेरिका संग पीस टॉक फेल होने पर ईरान का तीखा बयान
‘डकैत’ का दूसरे दिन भी बॉक्स ऑफिस पर दबदबा, आदिवी शेष-मृणाल ठाकुर की जोड़ी ने दिखाया कमाल
‘डकैत’ का दूसरे दिन भी बॉक्स ऑफिस पर दबदबा, आदिवी शेष-मृणाल ठाकुर की जोड़ी ने दिखाया कमाल
20 भाषाओं में बिखेरा सुरों का जादू, 12 हजार गानों के साथ आशा भोसले ने बनाया रिकॉर्ड
20 भाषाओं में बिखेरा सुरों का जादू, 12 हजार गानों के साथ आशा भोसले ने बनाया रिकॉर्ड
ग्लोबल तनाव का दबाव! सिर्फ 10 दिनों में FIIs ने भारतीय बाजार से ₹48,213 करोड़ निकाले, घरेलू निवेशकों की बढ़ी चिंता
ग्लोबल तनाव का दबाव! सिर्फ 10 दिनों में FIIs ने भारतीय बाजार से ₹48,213 करोड़ निकाले, घरेलू निवेशकों की बढ़ी चिंता
रिव्यू ‘डकैत’: बेहतरीन निर्देशन व अभिनय, बिखरी पटकथा और कमजोर प्रचार ने बदला बॉक्स ऑफिस गणित
रिव्यू ‘डकैत’: बेहतरीन निर्देशन व अभिनय, बिखरी पटकथा और कमजोर प्रचार ने बदला बॉक्स ऑफिस गणित
सही स्थान न मिले तो मनी प्लांट बन सकता है नुकसान की वजह, ये 5 गलतियां पड़ सकती हैं भारी, जानिए कहां हो रही है गलती
सही स्थान न मिले तो मनी प्लांट बन सकता है नुकसान की वजह, ये 5 गलतियां पड़ सकती हैं भारी, जानिए कहां हो रही है गलती
संजू सैमसन का शतकीय तूफान, रिकॉर्ड्स की बरसात में टूटा एमएस धोनी का बड़ा कीर्तिमान
संजू सैमसन का शतकीय तूफान, रिकॉर्ड्स की बरसात में टूटा एमएस धोनी का बड़ा कीर्तिमान
संजू सैमसन की बड़ी उपलब्धि, कोहली-रोहित के क्लब में शामिल, T20 में ऐसा करने वाले चौथे भारतीय बने
संजू सैमसन की बड़ी उपलब्धि, कोहली-रोहित के क्लब में शामिल, T20 में ऐसा करने वाले चौथे भारतीय बने
IPL 2026: ऑरेंज कैप की दौड़ में कौन आगे, सिर्फ एक बल्लेबाज ने पार किया 200 रन का आंकड़ा
IPL 2026: ऑरेंज कैप की दौड़ में कौन आगे, सिर्फ एक बल्लेबाज ने पार किया 200 रन का आंकड़ा
LSG vs GT Head To Head: लखनऊ-गुजरात की भिड़ंत में कौन मारेगा बाजी, आंकड़े और फॉर्म बता रहे दिलचस्प कहानी
LSG vs GT Head To Head: लखनऊ-गुजरात की भिड़ंत में कौन मारेगा बाजी, आंकड़े और फॉर्म बता रहे दिलचस्प कहानी
MI vs RCB Head To Head: मुंबई और बेंगलुरु की टक्कर में किसका रहा दबदबा, आंकड़ों में जानें पूरी कहानी
MI vs RCB Head To Head: मुंबई और बेंगलुरु की टक्कर में किसका रहा दबदबा, आंकड़ों में जानें पूरी कहानी
सूर्य देव को अर्घ्य देते समय रखें इन जरूरी बातों का ध्यान, सही विधि अपनाएं वरना अधूरा रह सकता है पूजा का फल
सूर्य देव को अर्घ्य देते समय रखें इन जरूरी बातों का ध्यान, सही विधि अपनाएं वरना अधूरा रह सकता है पूजा का फल