
धौलपुर। जिले के मचकुंड धाम स्थित एक गुरुकुल में शनिवार देर रात हुई दो विद्यार्थियों की अचानक मौत से हड़कंप मच गया। दोनों किशोरों की तबीयत रात में एक साथ बिगड़ी और इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। यह घटना कोतवाली थाना क्षेत्र की है और फिलहाल पुलिस इसे संदिग्ध मानते हुए जांच में जुटी है।
मृतकों की पहचान 12 वर्षीय विवेक पुत्र हरिओम निवासी चितौरा और 15 वर्षीय अमित पुत्र दीपक निवासी कैथरी के रूप में हुई है। दोनों छात्र शिवानंद महाराज द्वारा संचालित गुरुकुल में अन्य विद्यार्थियों के साथ फर्श पर दरी पर सो रहे थे। शनिवार रात लगभग 1 बजे दोनों की तबीयत अचानक खराब हो गई। छात्रों को पेट में तेज दर्द हुआ, मुंह से झाग निकलने लगे, जिससे अन्य छात्र और गुरुकुल प्रबंधन घबरा गए।
गुरुकुल प्रबंधन ने दी जानकारी, परिजन पहुंचे और कराया इलाज
घटना के बाद गुरुकुल प्रशासन ने तत्काल दोनों छात्रों के परिजनों को सूचित किया। परिजन रात में ही गुरुकुल पहुंचे और दोनों बच्चों को अस्पताल लेकर गए, जहां चिकित्सकों ने इलाज के दौरान दोनों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया और पोस्टमार्टम कराया गया।
सर्पदंश की आशंका, परिसर से पकड़ा गया सांप
स्थानीय सूत्रों और गुरुकुल प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार, यह आशंका जताई जा रही है कि दोनों छात्रों को किसी विषैले सर्प ने काटा है। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर एक सर्प को रेस्क्यू किया है, जो परिसर में ही घूम रहा था। चूंकि मचकुंड धाम का यह इलाका जंगलों से घिरा हुआ है, ऐसे में यहां विषैले जीव-जंतुओं की मौजूदगी कोई नई बात नहीं है।
पुलिस ने कहा - पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगी पुष्टि
कोतवाली थाने के उपनिरीक्षक अशोक कुमार ने बताया कि मामला अत्यंत गंभीर और संवेदनशील है। दोनों छात्रों की मृत्यु संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है। प्रथम दृष्टया सर्पदंश की संभावना लग रही है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल दोनों शवों को परिजनों को सौंप दिया गया है और गुरुकुल स्टाफ से भी पूछताछ की जा रही है।
परिसर की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना के बाद गुरुकुल जैसे धार्मिक और शैक्षिक संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठ रहे हैं। फर्श पर खुले में बच्चों को सुलाना, विषैले जीवों के खतरे से सुरक्षा के लिए कोई प्रभावी इंतजाम न होना और रात में चिकित्सकीय सुविधा का अभाव इस हादसे के पीछे प्रमुख कारण माने जा रहे हैं।
पुलिस ने कहा है कि मामले में किसी भी तरह की लापरवाही या साजिश की संभावना को भी नज़रअंदाज़ नहीं किया जा रहा। मौके से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और संबंधित स्टाफ, प्रत्यक्षदर्शियों व अन्य छात्रों से पूछताछ जारी है। यदि गुरुकुल प्रबंधन की ओर से कोई लापरवाही सामने आती है तो विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।














