न्यूज़
Yogi Adityanath Jyotish Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

‘कुछ तो ठीक नहीं’, SIR को लेकर सचिन पायलट का गंभीर आरोप — कहा, ‘जल्दबाजी में निर्धारित की गई डेडलाइन…’

हालिया SIR प्रक्रिया पर सचिन पायलट ने चुनाव आयोग के रवैये पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची पुनरीक्षण में जल्दबाजी, अधिकारियों पर दबाव और पारदर्शिता की कमी से जनता में डर और अविश्वास बढ़ा है।

Posts by : Kratika Maheshwari | Updated on: Sat, 29 Nov 2025 8:03:12

‘कुछ तो ठीक नहीं’, SIR को लेकर सचिन पायलट का गंभीर आरोप — कहा, ‘जल्दबाजी में निर्धारित की गई डेडलाइन…’

कांग्रेस के प्रमुख नेता सचिन पायलट ने शनिवार (29 नवंबर) को चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान देशभर में डर और अविश्वास का माहौल बन गया है। पायलट का आरोप है कि फील्ड कर्मचारियों पर अनुचित दबाव, असामान्य गति से चल रही प्रक्रिया और जल्दबाजी में निर्धारित समयसीमा इस पूरी कवायद पर सवाल खड़े करती है।

जयपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान पायलट ने कहा कि SIR कोई नई प्रक्रिया नहीं है, इसका आयोजन कई बार हो चुका है। लेकिन, मौजूदा वर्ष की तरह जनता में भ्रम, चिंता और आशंका पहले कभी पैदा नहीं हुई।

उन्होंने कहा, “देश में SIR कई बार आयोजित हुई है, पर इस बार जैसी शंका और चर्चा पहले कभी नहीं देखी गई। पहली बार चुनाव आयोग का रवैया जनता को असहज कर रहा है और यही सबसे बड़ी चिंता का विषय है।”

‘SIR में लगे अधिकारी भारी दबाव झेल रहे हैं’

पायलट ने आरोप लगाया कि बिहार में मतदाताओं के नाम हटाए जाने की घटनाओं के बाद अब विभिन्न राज्यों में SIR से जुड़े कर्मचारी और अधिकारी तीव्र दबाव में काम कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इस दबाव का असर इतना गंभीर है कि कई जगह मानसिक तनाव की स्थिति बन गई है और कुछ लोग तो जीवन समाप्त करने जैसे कदम तक उठा रहे हैं। उनके अनुसार यह साफ संकेत है कि प्रक्रिया में पारदर्शिता और संतुलन की कमी है।

‘EC को राजनीतिक प्रभाव से मुक्त होकर कार्य करना चाहिए’

राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री पायलट ने कहा कि चुनाव आयोग का दायित्व निष्पक्ष और स्वतंत्र रूप से कार्य करना है। मतदाता सूची का पुनरीक्षण एक संवैधानिक ज़िम्मेदारी है, न कि किसी राजनीतिक दल का कार्यक्रम। उन्होंने बताया कि कांग्रेस पार्टी राष्ट्रव्यापी स्तर पर अभियान चलाकर यह सुनिश्चित करने में लगी है कि कोई भी कमजोर या हाशिए पर रहने वाला नागरिक अपना वोट अधिकार न खोए।

‘गरीब, दलित, आदिवासी और बुजुर्गों के अधिकारों से समझौता नहीं’

पायलट ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जागरूकता की कमी, दबाव या किसी पक्ष की मंशा से किसी भी व्यक्ति—खासतौर पर गरीब, दलित, जनजातीय समुदाय और वरिष्ठ नागरिक—का नाम सूची से हटाना पूरी तरह अस्वीकार्य है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि चुनाव आयोग किसी भी राजनीतिक दबाव में आएगा, किसी विचारधारा या सत्ता पक्ष के इशारे पर चलेगा, तो कांग्रेस और जनता इसे स्वीकार नहीं करेगी।

उन्होंने कहा, “चुनाव आयोग को निष्पक्षता का पालन करना होगा। लोकतंत्र में उसकी भूमिका बेहद अहम है। अगर वह किसी प्रभाव में आकर कार्य करेगा, तो यह न जनता के हित में होगा और न ही लोकतांत्रिक प्रक्रिया के।”

राज्य
View More

Shorts see more

कुदरती तरीके से चाहिए चमकदार और सफेद दांत, इन 5 चीजों को टूथपेस्ट में मिलाकर ब्रश करें

कुदरती तरीके से चाहिए चमकदार और सफेद दांत, इन 5 चीजों को टूथपेस्ट में मिलाकर ब्रश करें

  • खराब खानपान से दांत पीले हो जाते हैं
  • महंगे ट्रीटमेंट के बिना दांतों को चमकदार बनाएं
  • घरेलू नुस्खों से दांत सफेद और मजबूत बनते हैं
read more

ताजा खबरें
View More

सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा की इच्छामृत्यु को दी अनुमति, लाइफ सपोर्ट हटाने के दिए निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा की इच्छामृत्यु को दी अनुमति, लाइफ सपोर्ट हटाने के दिए निर्देश
गाजियाबाद में पुलिस और गोतस्करों के बीच मुठभेड़, फायरिंग के बाद 5 आरोपी गिरफ्तार; 2 बदमाश घायल
गाजियाबाद में पुलिस और गोतस्करों के बीच मुठभेड़, फायरिंग के बाद 5 आरोपी गिरफ्तार; 2 बदमाश घायल
सोना-चांदी की कीमतों में आई नरमी, जानिए महानगरों में क्या है आज Gold का ताजा हाजिर भाव
सोना-चांदी की कीमतों में आई नरमी, जानिए महानगरों में क्या है आज Gold का ताजा हाजिर भाव
ऐसी क्या मजबूरी थी कि माता-पिता ने बेटे की लंबी उम्र नहीं, उसकी मौत की दुआ मांगी? हरीश राणा की कहानी कर देगी भावुक
ऐसी क्या मजबूरी थी कि माता-पिता ने बेटे की लंबी उम्र नहीं, उसकी मौत की दुआ मांगी? हरीश राणा की कहानी कर देगी भावुक
सुबह उठते ही होने लगता है बदन दर्द, जबकि कोई मेहनत भी नहीं की? जानिए इसके छिपे कारण
सुबह उठते ही होने लगता है बदन दर्द, जबकि कोई मेहनत भी नहीं की? जानिए इसके छिपे कारण
शंकराचार्य लखनऊ पहुंचे, समर्थक वाराणसी में करेंगे शंखनाद, अस्सी घाट पर होगा जयघोष
शंकराचार्य लखनऊ पहुंचे, समर्थक वाराणसी में करेंगे शंखनाद, अस्सी घाट पर होगा जयघोष
‘पीएम मोदी ने सबसे बड़ी भूल की…’, अरविंद केजरीवाल का दावा, देश में 1 करोड़ लोगों के बेरोजगार होने का खतरा
‘पीएम मोदी ने सबसे बड़ी भूल की…’, अरविंद केजरीवाल का दावा, देश में 1 करोड़ लोगों के बेरोजगार होने का खतरा
वॉक, जॉगिंग या रनिंग: जल्दी वजन कम करने के लिए कौन सा तरीका सबसे ज्यादा असरदार है, जानिए इनके अलग-अलग फायदे
वॉक, जॉगिंग या रनिंग: जल्दी वजन कम करने के लिए कौन सा तरीका सबसे ज्यादा असरदार है, जानिए इनके अलग-अलग फायदे
 ‘द केरल स्टोरी 2’ का 12वां दिन धमाकेदार, ‘इक्कीस’ का रिकॉर्ड तोड़कर बनाई नई मिसाल
 ‘द केरल स्टोरी 2’ का 12वां दिन धमाकेदार, ‘इक्कीस’ का रिकॉर्ड तोड़कर बनाई नई मिसाल
भारत में लॉन्च हुए Xiaomi 17 और Xiaomi 17 Ultra, दमदार फीचर्स के साथ कीमत भी प्रीमियम
भारत में लॉन्च हुए Xiaomi 17 और Xiaomi 17 Ultra, दमदार फीचर्स के साथ कीमत भी प्रीमियम
Apple के फोल्डेबल iPhone को लेकर नया लीक, CAD रेंडर्स से सामने आया डिजाइन और कैमरा डिटेल
Apple के फोल्डेबल iPhone को लेकर नया लीक, CAD रेंडर्स से सामने आया डिजाइन और कैमरा डिटेल
LPG सिलेंडर में कितनी गैस बाकी है? इन आसान ट्रिक्स से मिनटों में लगाएं पता
LPG सिलेंडर में कितनी गैस बाकी है? इन आसान ट्रिक्स से मिनटों में लगाएं पता
चुकंदर का जूस हर किसी के लिए नहीं होता फायदेमंद, इन लोगों को सेवन से करना चाहिए परहेज
चुकंदर का जूस हर किसी के लिए नहीं होता फायदेमंद, इन लोगों को सेवन से करना चाहिए परहेज
हरीश राणा की इच्छामृत्यु पर फैसला सुनाते समय भावुक हुए जस्टिस पारदीवाला, बोले – अब हम ऐसे मोड़ पर हैं जहां निर्णय लेना जरूरी है
हरीश राणा की इच्छामृत्यु पर फैसला सुनाते समय भावुक हुए जस्टिस पारदीवाला, बोले – अब हम ऐसे मोड़ पर हैं जहां निर्णय लेना जरूरी है