
राजस्थान के जयपुर में रेलवे भर्ती बोर्ड की ग्रुप डी परीक्षा के दौरान एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। 10 दिसंबर 2025 को सीतापुर इलाके के परीक्षा केंद्र पर एक युवक डमी उम्मीदवार के रूप में परीक्षा देने पहुंचा। यह युवक असली उम्मीदवार अभिषेक मीना के एडमिट कार्ड और दस्तावेजों के साथ परीक्षा में शामिल होने आया था।
बायोमेट्रिक जांच में खुला राज
परीक्षा के दौरान बायोमेट्रिक स्कैन में चेहरे का मिलान न होने पर मामला सामने आया। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया।
दोनों आरोपियों पर कार्रवाई
मुख्य आरोपी ऋषभ रंजन उर्फ रिषभ रंजन को गिरफ्तार किया गया, जबकि उसके साथी गौतम कुमार उर्फ गोटी को भी पकड़ा गया। दोनों के खिलाफ सांगानेर थाने में परीक्षा अधिनियम 2024 की धारा 3 और 10 के साथ भारतीय दंड संहिता की धारा 319 और 61(1) के तहत मामला दर्ज किया गया। ऋषभ रंजन को न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
1.25 लाख में डमी कैंडिडेट की डील
प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि गौतम कुमार उर्फ गोटी पहले भी कानपुर, प्रयागराज और जयपुर के कानोता में इस तरह के फर्जी परीक्षा मामलों में पकड़ा जा चुका है। वह डमी उम्मीदवार तैयार कर उन्हें परीक्षा दिलाने का काम करता था।
सूत्रों के अनुसार, गोटी बिहार और उत्तर प्रदेश की लगभग 10 भर्ती परीक्षाओं में डमी कैंडिडेट भेज चुका है। डमी उम्मीदवार के लिए वह 30,000 रुपये एडवांस और परीक्षा के बाद 1,25,000 रुपये वसूलता था। पुलिस ने आरोपी से परीक्षा हेतु तय 31,250 रुपये बरामद किए हैं।
जांच में और खुलासे की संभावना
पुलिस अब गौतम से गहन पूछताछ कर रही है ताकि जयपुर में किन परीक्षाओं में फर्जी उम्मीदवार बिठाए गए और कौन-कौन लोग इस गिरोह में शामिल हैं, यह पता लगाया जा सके। रेलवे ग्रुप डी परीक्षा 29 नवंबर 2025 से टीसीएस कंपनी द्वारा तीन शिफ्टों में आयोजित की जा रही है। यह परीक्षा 90 मिनट की पूरी तरह ऑनलाइन परीक्षा है।
डीसीपी साउथ राजर्षि राज की अगुवाई में यह ऑपरेशन चलाया गया। पुलिस ने बताया कि जांच जारी है और जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। यह मामला परीक्षाओं की निष्पक्षता पर सवाल उठाता है और सभी उम्मीदवारों को सतर्क रहने की चेतावनी देता है।














