
जयपुर: राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में सोमवार को एक भावनात्मक और गर्व से भरे माहौल में भारतीय खान ब्यूरो द्वारा आयोजित 5 और 7 स्टार रेटिंग वाली खदानों के सम्मान समारोह का आयोजन हुआ। इस गरिमामयी अवसर पर केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ‘स्टार रेटिंग ऑफ माइन्स’ के अंतर्गत उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने आत्मीय भाषण में कहा कि राजस्थान अब खनन क्षेत्र में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, पारदर्शिता और बुनियादी ढांचे के मजबूत विकास के साथ तेज़ी से प्रगति कर रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में राजस्थान खनन के क्षेत्र में देश का सबसे अग्रणी राज्य बनेगा। उन्होंने उद्योगपतियों से भावुक अपील करते हुए कहा कि प्रदेश में लोहे से लेकर सोने तक खनिज संपदा प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है। ऐसे में निवेशकों को यहां अपार संभावनाएं दिख रही हैं और राज्य सरकार उन्हें हरसंभव सहयोग देने के लिए संकल्पबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राजस्थान एक खनिज संग्रहालय है। वर्तमान में प्रदेश में 57 प्रकार के धात्विक और अधात्विक खनिजों का सफल दोहन किया जा रहा है, जो कि देश के कुल खनिज उत्पादन मूल्य का 12% है। उन्होंने इस बात पर गर्व जताया कि राजस्थान देशभर में आवंटित 500 ब्लॉक्स में से 100 से अधिक की नीलामी कर चुका है, जिससे यह क्षेत्र निवेशकों के लिए अत्यंत आकर्षक बना है।
उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में माइनिंग रॉयल्टी मात्र 7,460 करोड़ रुपये थी, जो उनकी सरकार के प्रयासों से वर्ष 2024-25 में बढ़कर 9,228 करोड़ रुपये हो गई। यह 24% की उल्लेखनीय वृद्धि है, जो राज्य के राजस्व इतिहास में एक रिकॉर्ड है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार ने अवैध खनन के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है और तीन विशेष अभियान चला कर ठोस कार्रवाई की है।
बजरी के विकल्प एम-सैंड को लेकर मुख्यमंत्री ने नई नीति की जानकारी दी और कहा कि इससे पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलेगा। इसके साथ ही उन्होंने "मिशन हरियालो राजस्थान" की बात करते हुए बताया कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि 5 वर्षों में 50 करोड़ पौधे लगाए जाएं, जिनमें से 7.5 करोड़ पौधे पिछले वर्ष लगाए भी जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने देश के बदलते परिदृश्य का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2014 के बाद देश में जो अभूतपूर्व परिवर्तन हुए हैं, उनसे राज्य को भी प्रेरणा मिल रही है। उन्होंने खनन उद्योग को एक ऐसा मॉडल बनाने की बात कही जो आर्थिक प्रगति के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक उत्थान का भी प्रतीक बने।
इस समारोह से पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और केंद्रीय मंत्री रेड्डी के बीच एक संयुक्त समीक्षा बैठक भी हुई, जिसमें खनिज संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग और क्षेत्रीय विकास पर विस्तार से चर्चा की गई।
केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने राजस्थान की खनिज संपदा की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री की ग्रीन एनर्जी पहल के लिए राज्य की भूमिका को बेहद अहम बताया। उन्होंने अधिकारियों को निवेश आकर्षित करने के लिए प्रो-एक्टिव अप्रोच अपनाने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने बताया कि हाल ही में राजस्थान को देशभर में खनिज ब्लॉक्स की पारदर्शी नीलामी के लिए प्रथम पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया है, जो इस राज्य की नई पहचान बन रही है।
निवेश के भरपूर अवसर:
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंच से बेहद भावुक होकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2014 के बाद देश में जो ऐतिहासिक बदलाव आए हैं, वो सिर्फ आंकड़ों में नहीं, ज़मीन पर भी साफ नज़र आते हैं। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी द्वारा शुरू की गई गरीब कल्याण योजनाओं ने समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े व्यक्ति को नई ऊर्जा और नया आत्मविश्वास दिया है।
उन्होंने कहा कि आज आतंकवाद और नक्सलवाद जैसे गंभीर संकटों का भी निर्णायक अंत हो रहा है। यह देश के भविष्य के लिए शुभ संकेत है। सीएम ने जोर देकर कहा कि केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ राजस्थान को विकास के हर क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है।
राज्य की विशालता को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि देश का सबसे बड़ा राज्य राजस्थान आज अवसरों की धरती बन चुका है। शिक्षा, उद्योग, पर्यटन और खासतौर से खनन जैसे क्षेत्रों में निवेश के दरवाज़े बड़े पैमाने पर खुले हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी जोड़ा कि हमें ऐसा खनन मॉडल तैयार करना है जो ना सिर्फ वर्तमान आवश्यकताओं को पूरा करे, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणास्त्रोत भी बने।
उन्होंने सभी उद्योगपतियों और खनन उद्यमियों से भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि आइए, राजस्थान में ऐसा खनन क्षेत्र विकसित करें जो आर्थिक विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक कल्याण की मिसाल बने।
संयोजन की शक्ति: मुख्यमंत्री निवास पर हुई खान विभाग की अहम समीक्षा बैठक
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने समारोह से पूर्व मुख्यमंत्री निवास पर राज्य के खान विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक की। इस बैठक में सीएम भजनलाल ने स्पष्ट कहा कि राजस्थान में प्रचुर मात्रा में खनिज संसाधन उपलब्ध हैं और इसके विवेकपूर्ण उपयोग से राज्य की अर्थव्यवस्था को ज़बरदस्त बल मिलेगा।
उन्होंने बताया कि सरकार की नीति का उद्देश्य राजस्व अर्जन के साथ-साथ रोजगार और क्षेत्रीय विकास को गति देना है, जिससे गांवों और पिछड़े इलाकों तक भी विकास की रौशनी पहुंचे। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि खनन और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।
सीएम ने भरोसा जताया कि राज्य और केंद्र सरकार के तालमेल से राजस्थान खनन के क्षेत्र में एक नया युग शुरू कर चुका है।
दुर्लभ खनिजों में छिपा है राजस्थान का उज्ज्वल भविष्य
केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने अपनी बात में विशेष रूप से इस बात पर ज़ोर दिया कि राजस्थान खनिज संपदा की दृष्टि से देश का सबसे समृद्ध राज्य बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि यहां दुर्लभ और बहुमूल्य खनिजों की असीमित संभावनाएं हैं, जो भारत को ग्रीन एनर्जी हब बनाने में बड़ी भूमिका निभा सकती हैं।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ग्रीन एनर्जी सेक्टर को नई ऊंचाई तक ले जाने के लिए दुर्लभ खनिजों के सुव्यवस्थित और तीव्र खनन पर जोर दे रहे हैं। इस दिशा में राजस्थान की भूमिका बेहद अहम हो जाती है।
केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि राजस्थान ने हाल के वर्षों में खनन में पारदर्शिता, निवेश आकर्षण और स्थानीय विकास के क्षेत्र में अनुकरणीय प्रदर्शन किया है।
उन्होंने गर्व से बताया कि हाल ही में देशभर में खनिज ब्लॉक्स की नीलामी में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए राजस्थान को प्रथम पुरस्कार से नवाजा गया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राजस्थान में और अधिक निवेश आकर्षित करने के लिए प्रो-एक्टिव अप्रोच अपनाई जाए और हर स्तर पर सहयोग बढ़ाया जाए।














