राजस्थान की सियासत में इन दिनों पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर जोरदार राजनीतिक टकराव देखने को मिल रहा है। विपक्षी कांग्रेस लगातार राज्य की बीजेपी सरकार पर हमलावर है। इसी क्रम में पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत सहित पार्टी के कई नेताओं ने सरकार को घेरा है। गहलोत ने आरोप लगाया है कि डीजल के दाम बढ़ने से राज्य सरकार को आर्थिक लाभ मिल रहा है और यदि सरकार चाहे तो वैट (VAT) में कटौती करके आम जनता को राहत दे सकती है। इन आरोपों के बाद अब राज्य के कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल ने कड़ा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि जब गहलोत खुद मुख्यमंत्री थे, तब भी बार-बार मांग किए जाने के बावजूद उन्होंने वैट में कोई कमी नहीं की थी।
जोगाराम पटेल का तीखा पलटवार
कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल ने जोधपुर सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के आरोपों पर सीधा जवाब दिया। उनसे जब वैट को लेकर गहलोत की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने कहा, “जिनके घर कांच के बने होते हैं, वे दूसरों पर पत्थर नहीं फेंका करते। हमारी कई बार मांग के बावजूद गहलोत सरकार ने वैट में कोई कमी नहीं की थी।”
पटेल ने आगे कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि केवल भारत तक सीमित समस्या नहीं है, बल्कि यह एक वैश्विक स्थिति है। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्य सरकार ने व्यवस्था को इस तरह संभाला है कि ईंधन की उपलब्धता में किसी प्रकार की बाधा नहीं आई है और आपूर्ति लगातार बनी हुई है।
गहलोत ने क्या लगाए थे आरोप?
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार, 23 मई को सोशल मीडिया पर बयान जारी करते हुए डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर चिंता जताई थी। उन्होंने कहा था कि डीजल महंगा होने से आम जनता, खासकर किसानों और मध्यम वर्ग पर सीधा और भारी असर पड़ रहा है।
गहलोत के अनुसार पेट्रोल और डीजल के दाम लगातार बढ़ने से लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। उन्होंने लिखा था कि परिवहन लागत यानी मालभाड़ा बढ़ने के कारण रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतें भी ऊपर जा रही हैं, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग का जीवन और कठिन हो गया है। उन्होंने यह भी कहा कि सबसे अधिक नुकसान किसानों को हो रहा है क्योंकि कृषि उत्पादन की लागत लगातार बढ़ती जा रही है।
वैट और सरकार की भूमिका पर सवाल
अशोक गहलोत ने अपने बयान में यह भी दावा किया कि राज्य सरकार चाहती तो वैट कम करके जनता को राहत दे सकती थी। उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि के साथ राज्य सरकार का राजस्व भी बढ़ जाता है, क्योंकि वैट स्वतः बढ़ जाता है, जिससे सरकार को अतिरिक्त आय प्राप्त होती है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष में रहते समय भारतीय जनता पार्टी वैट को लेकर लगातार सवाल उठाती थी, लेकिन अब जब राज्य में बीजेपी की सरकार है तब भी राजस्थान में वैट दरें पड़ोसी राज्यों हरियाणा और गुजरात की तुलना में अधिक बनी हुई हैं।
गहलोत ने जोर देकर कहा कि सरकार को अपने कर ढांचे में कटौती कर जनता को राहत देनी चाहिए और अतिरिक्त लाभ की बजाय आम लोगों के हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए।














