
राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ अब सरकार ने और सख्त तेवर अपना लिए हैं। राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) के 68वें स्थापना दिवस समारोह में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने वो बातें कहीं जो न सिर्फ प्रशासन को हौसला देती हैं बल्कि आम जनता को यह भरोसा भी दिलाती हैं कि अब भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई आधी नहीं, पूरी होगी।
मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि भ्रष्टाचार वो दीमक है, जो जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने से रोकती है। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, अगर वह कानून तोड़ेगा तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। यह बात उन्होंने पूरे भरोसे और साफ नीयत से कही, जिससे वहां मौजूद अधिकारियों और आम जनता दोनों को सुकून मिला।
ACB की जिम्मेदारी अब और बड़ी
मुख्यमंत्री ने कहा कि एसीबी की भूमिका अब केवल एक जांच एजेंसी की नहीं, बल्कि जनविश्वास को मजबूत करने वाली संस्था की हो गई है। जब खुद ACB ने अपने ही एक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को गिरफ्तार किया, तो यह दर्शाता है कि विभाग सच में जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहा है। यह कदम आम लोगों में यह भरोसा जगाता है कि अब कोई भी कानून से ऊपर नहीं है।
रिश्वतखोरी को रोकना सिर्फ सरकार की नहीं, हम सबकी जिम्मेदारी
समारोह में भजनलाल शर्मा ने जोर देते हुए कहा कि रिश्वत लेना सिर्फ अपराध नहीं, बल्कि समाज के भरोसे को तोड़ने जैसा कृत्य है। इसे रोकना सिर्फ पुलिस या सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर जागरूक नागरिक की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने जनता से अपील की कि यदि कहीं भी भ्रष्टाचार हो रहा है तो डरने की बजाय तुरंत इसकी सूचना दें, ताकि सिस्टम को साफ-सुथरा बनाया जा सके।
पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने के लिए उठाए गए बड़े कदम
भ्रष्टाचार पर सख्ती के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि उनकी सरकार राज्य की कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है।
एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स का गठन
10 हजार पुलिस पदों पर भर्ती
8 नए जिलों में एएसपी कार्यालयों की स्वीकृति
3 महिला पुलिस बटालियनों की स्थापना
इन सबके साथ, पुलिस के रिस्पॉन्स टाइम को बेहतर करने के लिए कई आधुनिक उपाय भी किए गए हैं:
22 इंटरसेप्टर वाहन
750 मोटरसाइकिल
500 मोबाइल यूनिट वाहन
कालिका पेट्रोलिंग टीम की 500 यूनिट का गठन
जन भागीदारी से ही खत्म होगा भ्रष्टाचार
सीएम भजनलाल शर्मा के भाषण की सबसे बड़ी ताकत यह थी कि उन्होंने सिर्फ बातें नहीं कीं, बल्कि ठोस कदम गिनाए और जनता को भरोसा दिलाया कि अब भ्रष्टाचारियों की खैर नहीं। उन्होंने एक बार फिर दोहराया कि अगर ईमानदारी से लड़ाई लड़ी जाए और जनता भी जागरूक रहे, तो राजस्थान को भ्रष्टाचार मुक्त बनाना कोई सपना नहीं।














