दिल्ली-एनसीआर में सफर करने वाले लोगों को गुरुवार को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। राजधानी में 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के जारी प्रदर्शन के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने लगातार दूसरे दिन 16 मेट्रो स्टेशनों को बंद रखने का फैसला किया है। इन स्टेशनों पर यात्रियों की एंट्री और एग्जिट अगले आदेश तक बंद रहेगी। इनमें जनपथ, राजीव चौक और सुप्रीम कोर्ट जैसे व्यस्त मेट्रो स्टेशन भी शामिल हैं। इससे पहले बुधवार को भी इन्हीं स्टेशनों पर प्रवेश और निकास पर रोक लगाई गई थी।
डीएमआरसी की ओर से जारी सूचना के अनुसार, गुरुवार सुबह 7:30 बजे से लोक कल्याण मार्ग, राजीव चौक, पटेल चौक, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, बाराखंभा रोड, सुप्रीम कोर्ट, सेवा तीर्थ, जनपथ, मंडी हाउस, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, आईटीओ, दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, खान मार्केट, जोर बाग और शिवाजी स्टेडियम मेट्रो स्टेशन पर यात्रियों के प्रवेश और निकास की सुविधा अस्थायी रूप से बंद कर दी गई है। यह व्यवस्था अगले आदेश तक लागू रहेगी।
इन स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा जारी
हालांकि यात्रियों को कुछ राहत भी दी गई है। डीएमआरसी ने स्पष्ट किया है कि राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट मेट्रो स्टेशन पर इंटरचेंज की सुविधा सामान्य रूप से उपलब्ध रहेगी। यानी यात्री इन स्टेशनों पर ट्रेन बदल सकेंगे, लेकिन स्टेशन के बाहर आने या भीतर प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी।
इस सप्ताह लगातार कई बार बंद किए गए स्टेशन
सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए डीएमआरसी ने इस सप्ताह कई बार मेट्रो स्टेशनों पर प्रतिबंध लगाए हैं। 20 जुलाई को CJP के 'संसद मार्च' के दौरान राजीव चौक सहित पांच मेट्रो स्टेशनों को बंद किया गया था। इसके बाद बुधवार को सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी करते हुए 16 स्टेशनों के एंट्री और एग्जिट गेट बंद कर दिए गए। अब गुरुवार को भी यही व्यवस्था जारी रखी गई है। निगम का कहना है कि यह फैसला पूरी तरह सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों के आधार पर लिया गया है।
विपक्ष ने सरकार और पुलिस पर साधा निशाना
CJP के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन के बीच मेट्रो स्टेशनों को बंद किए जाने और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार की आलोचना की है। विपक्ष का आरोप है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन को रोकने के लिए जरूरत से ज्यादा सख्ती बरती जा रही है और लोगों की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है।
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी इस मुद्दे पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब प्रदर्शनकारी निहत्थे थे तो उनके खिलाफ बल प्रयोग क्यों किया गया। उन्होंने मेट्रो स्टेशन बंद करने के फैसले पर भी आपत्ति जताई और कहा कि इससे छात्रों और आंदोलन में शामिल लोगों को रोकने की कोशिश की जा रही है।
केजरीवाल ने कहा, "अगर सभी मेट्रो स्टेशन भी बंद कर दिए जाएंगे, तब भी ये युवा पैदल चलकर अपने गंतव्य तक पहुंचेंगे। आंदोलन को दबाने के बजाय सरकार को उनकी मांगों और समस्याओं को सुनना चाहिए।"
जंतर-मंतर के आसपास इंटरनेट सेवा बंद होने का आरोप
इस बीच CJP ने एक और गंभीर आरोप लगाया है। पार्टी का दावा है कि जंतर-मंतर के आसपास इंटरनेट सेवाएं बाधित कर दी गई हैं। संगठन ने सवाल उठाया है कि क्या प्रशासन आंदोलन को नियंत्रित करने के लिए एक बार फिर सख्त पुलिस कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
CJP के नेता अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए लिखा कि जंतर-मंतर क्षेत्र में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है। उन्होंने सवाल किया कि क्या सरकार प्रदर्शन को रोकने के लिए एक और कठोर कदम उठाने की तैयारी में है। फिलहाल प्रशासन की ओर से इंटरनेट सेवाओं को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।













