राजस्थान के सीकर जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां नीट (NEET) की तैयारी कर रहे एक छात्र प्रदीप ने आत्महत्या कर ली। मूल रूप से झुंझुनू जिले के गुड्डा गांव का रहने वाला प्रदीप पिछले तीन वर्षों से सीकर के एक निजी कोचिंग संस्थान में रहकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहा था। परिवार के अनुसार, हाल ही में हुई NEET परीक्षा में उसने शानदार प्रदर्शन किया था और उसे पूरा भरोसा था कि इस बार उसका स्कोर लगभग 650 के आसपास रहेगा, जिससे उसका डॉक्टर बनने का सपना साकार हो सकता था।
बहनों के बाहर जाते ही उठाया आत्मघाती कदम
घटना के समय प्रदीप सीकर में अपनी दो बहनों के साथ किराए के मकान में रह रहा था। परिजनों के मुताबिक, जब उसकी बहनें किसी काम से बाहर गईं, उसी दौरान उसने कमरे में फांसी का फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। कुछ ही देर बाद जब दोनों बहनें वापस लौटीं, तो उन्होंने जो दृश्य देखा, उससे वे पूरी तरह टूट गईं और पूरे घर में चीख-पुकार मच गई।
अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और स्थानीय लोग प्रदीप को तुरंत सीकर के कल्याण (SK) अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल की मोर्चरी में सुरक्षित रखवाया गया है। इकलौते बेटे की अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और परिजन गहरे सदमे में हैं।
परिवार ने उठाए सिस्टम पर सवाल
इस दर्दनाक घटना के बाद परिजनों ने शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि प्रदीप ने परीक्षा अच्छी दी थी और वह काफी आत्मविश्वास में था, लेकिन अचानक ऐसा कदम कैसे उठा लिया गया, यह समझ से परे है। परिवार का आरोप है कि मौजूदा प्रतिस्पर्धी सिस्टम छात्रों पर अत्यधिक मानसिक दबाव डाल रहा है।
पुलिस जांच जारी
सूचना मिलने पर उद्योग नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज कर लिए हैं और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती जांच में इसे आत्महत्या का मामला माना जा रहा है, लेकिन हर एंगल से पड़ताल जारी है ताकि घटना के पीछे की वास्तविक वजह सामने आ सके।














