न्यूज़
Toxic Yogi Adityanath Jyotish Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

'धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का क्या हुआ?' अनशन खत्म करने के बाद सोनम वांगचुक ने दिया बड़ा अपडेट

सोनम वांगचुक ने 26 दिन बाद आमरण अनशन समाप्त कर बड़ा अपडेट दिया। जानिए धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सरकार का क्या रुख रहा, किन मांगों पर बनी सहमति और क्या बोले वांगचुक।

Posts by : Jhanvi Gupta | Updated on: Fri, 24 Jul 2026 8:26:13

'धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का क्या हुआ?' अनशन खत्म करने के बाद सोनम वांगचुक ने दिया बड़ा अपडेट

जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना आमरण अनशन समाप्त कर दिया है। शुक्रवार देर रात उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी कर अनशन खत्म करने के पीछे की वजह विस्तार से बताई। वांगचुक ने कहा कि सरकार ने उनकी कुछ प्रमुख मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाया है। प्रदर्शन में शामिल लोगों पर मुकदमे दर्ज नहीं किए जाएंगे और नीट पेपर लीक प्रकरण से जुड़े उन परिवारों को मुआवजा देने पर भी सहमति बनी है, जिनके बच्चों ने कथित तौर पर आत्महत्या की। हालांकि, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर सरकार की ओर से अभी कोई स्पष्ट आश्वासन नहीं मिला है।

वांगचुक ने कहा, "आज मेरे अनशन का 26वां दिन था और मैं आप सभी के साथ एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा करना चाहता हूं। रात करीब साढ़े 12 बजे केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह यहां पहुंचे। उनके साथ लद्दाख एपेक्स बॉडी के वरिष्ठ प्रतिनिधि भी मौजूद थे। इससे पहले विभिन्न राजनीतिक दलों के लगभग 65 सांसद भी हमारे बीच आए थे। उन्होंने हस्ताक्षर कर मुझसे अनशन समाप्त करने का आग्रह किया और भरोसा दिलाया कि संसद में नीट पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में सुधार जैसे मुद्दों पर गंभीर चर्चा कराई जाएगी।"

उन्होंने बताया कि पिछले दो दिनों से सरकार के साथ लगातार बातचीत चल रही थी। उनकी मांग थी कि जो भी आश्वासन दिया जाए, वह केवल मौखिक नहीं बल्कि लिखित रूप में हो। वांगचुक ने कहा, "मैंने साफ कहा था कि मुझे लिखित गारंटी चाहिए। इसी कारण मुझे दो अतिरिक्त दिन तक अनशन जारी रखना पड़ा। आखिरकार सरकार ने लिखित आश्वासन दिया, जिसके बाद मैंने अपना अनशन समाप्त करने का फैसला किया।"

सोनम वांगचुक के मुताबिक, सरकार ने यह भी भरोसा दिया है कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया जाएगा। इसके अलावा 20 जुलाई को आयोजित मार्च में शामिल प्रदर्शनकारियों पर भी कानूनी कार्रवाई नहीं होगी। उन्होंने कहा कि संसद में पेपर लीक, परीक्षा प्रणाली में सुधार और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर चर्चा कराने का आश्वासन पहले ही दिया जा चुका है। साथ ही हालिया नीट पेपर लीक विवाद के बाद जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा देने पर भी सरकार गंभीरता से विचार कर रही है।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर पूछे जा रहे सवालों पर वांगचुक ने कहा, "अब आप जरूर पूछेंगे कि धर्मेंद्र प्रधान जी के इस्तीफे का क्या हुआ। इस मुद्दे पर सरकार अभी कोई निश्चित समयसीमा या आश्वासन देने की स्थिति में नहीं थी। इतना जरूर कहा गया है कि संसद के भीतर इस विषय पर चर्चा होगी।"

उन्होंने आगे कहा कि उनके सामने दो विकल्प थे। पहला यह कि वे कई और सप्ताह तक अनशन जारी रखते और संभव है कि उनकी जान पर भी बन आती। दूसरा यह कि जो महत्वपूर्ण आश्वासन मिल चुके हैं, उन्हें स्वीकार कर आगे की लड़ाई लोकतांत्रिक तरीके से जारी रखी जाए। वांगचुक ने कहा, "पिछले कई सप्ताह से हजारों लोग मुझे लगातार संदेश भेज रहे थे कि मेरी जिंदगी इस आंदोलन के लिए ज्यादा जरूरी है। अगर मैं जीवित रहूंगा तभी इस संघर्ष को आगे बढ़ा सकूंगा।"

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा फिलहाल नहीं होता है तो इससे आंदोलन या छात्रों का नुकसान नहीं होगा। उनके अनुसार इसका राजनीतिक असर सरकार पर ही पड़ेगा। वांगचुक ने कहा, "अगर सरकार यह कदम नहीं उठाती है तो नुकसान हमारा नहीं बल्कि उसका अपना होगा। इतने छोटे से मुद्दे को लंबा खींचकर सरकार खुद अपनी छवि को नुकसान पहुंचा रही है। यदि समय रहते फैसला ले लिया जाता तो यह विवाद पहले ही समाप्त हो सकता था।"

वांगचुक ने कहा कि उनके लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता उन युवाओं और छात्रों को कानूनी परेशानियों से बचाना था, जो आंदोलन में शामिल हुए। उन्होंने कहा, "मेरे लिए सबसे अहम बात यह थी कि हमारे बच्चों के भविष्य पर कोई दाग न लगे। उनके खिलाफ केस दर्ज न हों। यही हमारी सबसे बड़ी चिंता थी और इसी दिशा में हमें सफलता मिली है।"

लद्दाख का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने क्षेत्र में ऐसे कई लोगों को देखा है, जिनका भविष्य केवल एक एफआईआर की वजह से वर्षों तक प्रभावित रहा। उन्होंने कहा, "मैं जानता हूं कि एक मुकदमा किसी युवा की पूरी जिंदगी बदल सकता है। इसलिए प्रदर्शनकारियों पर केस नहीं होने का आश्वासन मेरे लिए बेहद महत्वपूर्ण था।"

सोनम वांगचुक ने अंत में कहा कि जिन परिवारों ने अपने बच्चों को खोया है, उन्हें उचित मुआवजा देने की दिशा में सरकार की सहमति भी एक सकारात्मक कदम है। साथ ही देश की सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्था संसद में इस पूरे मामले, जवाबदेही और शिक्षा व्यवस्था में सुधार पर विस्तृत बहस होना भी बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने आंदोलन को समर्थन देने वाले सभी नागरिकों, सांसदों और सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा, "आप सभी के समर्थन से यह आंदोलन यहां तक पहुंचा है। इसके लिए मैं दिल से धन्यवाद देता हूं। जय हिंद।"

राज्य
View More

Shorts see more

क्या लव बाइट जानलेवा हो सकता है? जानें कब बनता है यह गंभीर खतरा और किन उपायों से पा सकते हैं राहत

क्या लव बाइट जानलेवा हो सकता है? जानें कब बनता है यह गंभीर खतरा और किन उपायों से पा सकते हैं राहत

  • लव बाइट प्यार की निशानी है, लेकिन कभी-कभी खतरे की वजह भी बन सकती है।
  • एक छोटा सा निशान स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्या से जुड़ा हो सकता है।
  • जानिए कब हिक्की सामान्य है और कब सतर्क होने की जरूरत है।
read more

ताजा खबरें
View More

शुद्धिकरण विवाद पर सियासी घमासान, रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी पर साधा निशाना
शुद्धिकरण विवाद पर सियासी घमासान, रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी पर साधा निशाना
न्यूयॉर्क में मोहन भागवत का संदेश, बोले- ‘एकता और विविधता भारत के DNA में है’
न्यूयॉर्क में मोहन भागवत का संदेश, बोले- ‘एकता और विविधता भारत के DNA में है’
पानी की टंकी पर चढ़े अभिजीत दीपके, सरकारी स्कूल की बदहाल व्यवस्था पर उठाए सवाल
पानी की टंकी पर चढ़े अभिजीत दीपके, सरकारी स्कूल की बदहाल व्यवस्था पर उठाए सवाल
नेपाल बाढ़ की तबाही के बीच चमत्कार! 3 दिन बाद मलबे से जिंदा निकली 6 साल की बच्ची
नेपाल बाढ़ की तबाही के बीच चमत्कार! 3 दिन बाद मलबे से जिंदा निकली 6 साल की बच्ची
नेपाल-असम बाढ़ पीड़ितों के लिए विशाल मिश्रा की पहल, कॉन्सर्ट की पूरी कमाई करेंगे दान
नेपाल-असम बाढ़ पीड़ितों के लिए विशाल मिश्रा की पहल, कॉन्सर्ट की पूरी कमाई करेंगे दान
राहुल गांधी के हाथों जूस पीकर अनशन खत्म करना चाहते थे सोनम वांगचुक, बताया 20 जुलाई का पूरा प्लान
राहुल गांधी के हाथों जूस पीकर अनशन खत्म करना चाहते थे सोनम वांगचुक, बताया 20 जुलाई का पूरा प्लान
‘इरुमुडी’ ने बॉक्स ऑफिस पर पकड़ी रफ्तार, 9वें दिन वर्ल्डवाइड कमाई 150 करोड़ के पार
‘इरुमुडी’ ने बॉक्स ऑफिस पर पकड़ी रफ्तार, 9वें दिन वर्ल्डवाइड कमाई 150 करोड़ के पार
‘मिर्जापुर: द मूवी’ की रिलीज से पहले बड़ा अपडेट, CBFC ने दिया A सर्टिफिकेट
‘मिर्जापुर: द मूवी’ की रिलीज से पहले बड़ा अपडेट, CBFC ने दिया A सर्टिफिकेट
चेहरे की चमक बढ़ाने में काम आएगा अपराजिता का फूल, ऐसे बनाएं फेस मास्क
चेहरे की चमक बढ़ाने में काम आएगा अपराजिता का फूल, ऐसे बनाएं फेस मास्क
‘टॉक्सिक’ ने बॉक्स ऑफिस पर मचाया धमाल, 5वें दिन 200 करोड़ के पार पहुंची कमाई
‘टॉक्सिक’ ने बॉक्स ऑफिस पर मचाया धमाल, 5वें दिन 200 करोड़ के पार पहुंची कमाई
हल्द्वानी में खरगे के ‘शुद्धिकरण’ विवाद पर भड़के शशि थरूर, बोले- दलितों की गरिमा पर हमला बर्दाश्त नहीं
हल्द्वानी में खरगे के ‘शुद्धिकरण’ विवाद पर भड़के शशि थरूर, बोले- दलितों की गरिमा पर हमला बर्दाश्त नहीं
रोज की चिकन करी से हो गए हैं बोर? बनाएं झटपट हरियाली चिकन
रोज की चिकन करी से हो गए हैं बोर? बनाएं झटपट हरियाली चिकन
श्रेया कालरा किसिंग विवाद पर राम कपूर ने तोड़ी चुप्पी, बोले- ‘मैं बदलने वाला नहीं हूं’
श्रेया कालरा किसिंग विवाद पर राम कपूर ने तोड़ी चुप्पी, बोले- ‘मैं बदलने वाला नहीं हूं’
रात के बचे चावल को न करें बर्बाद, ऐसे बनाएं कुरकुरे पराठे
रात के बचे चावल को न करें बर्बाद, ऐसे बनाएं कुरकुरे पराठे