
जयपुर। राजस्थान में मानसून की शुरुआती बारिश ने ही कहर बरपा दिया है। बीते 24 घंटों में पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों में मूसलधार बारिश ने जहां जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है, वहीं भीलवाड़ा, जालोर, चित्तौड़गढ़, अजमेर, जोधपुर, राजसमंद जैसे जिलों से बारिश जनित हादसों में अब तक 9 लोगों की मौत और कई के लापता होने की खबर सामने आई है।
बारिश से उफनती नदियों, टूटते एनीकट और जलमग्न गांवों के दृश्य राज्यभर में चिंता बढ़ा रहे हैं। बीसलपुर बांध में भी पानी की रिकॉर्ड आवक हुई है, जिससे जल्द ही गेट खोलने की संभावना जताई जा रही है।
जयपुर, टोंक और दौसा में ऑरेंज अलर्ट, कई जिलों में येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने जयपुर, दौसा और टोंक में 4 जुलाई को भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। साथ ही कोटा, उदयपुर, अजमेर, बीकानेर और जोधपुर संभागों में अगले कुछ दिनों तक सक्रिय मानसून बना रहेगा। जोधपुर और बीकानेर के कुछ हिस्सों में तेज बारिश और गरज-चमक की संभावना है।
#helpinghands #SDRF की रेस्क्यू टीम ने #भीलवाड़ा के अंतर्गत ड्रेनेज नाले में बहे 55 वर्षीय व्यक्ति शिवचरण पुत्र श्री रामलाल के शव को बरामद कर स्थानीय प्रशासन को सुपुर्द किया।#Rajasthanpolice #rescue @PoliceRajasthan @IgpAjmer @Bhilwara_Police @DmBhilwara @News18Rajasthan pic.twitter.com/9dvnBAMtLI
— SDRF RAJASTHAN (@SDRFRaj) July 3, 2025
भीलवाड़ा में 3 अलग-अलग हादसे, SDRF ने चलाया राहत अभियान
भीलवाड़ा जिले में काछोला थाना क्षेत्र में एक बुजुर्ग मजदूर बह गया, जिसका 15 घंटे बाद भी कोई सुराग नहीं मिला। वहीं शास्त्री नगर में नगर निगम का सफाईकर्मी नाला पार करते बह गया, जिसका शव एसडीआरएफ ने गुरुवार सुबह बरामद किया। बड़लियास क्षेत्र में खेत से लौटते वक्त एक किसान की तालाब में बहने से मौत हो गई।
जयपुर में आकाशीय बिजली की चपेट में आईं महिलाएं
जयपुर जिले के फागी उपखंड में खेत पर काम कर रही तीन महिलाएं आकाशीय बिजली की चपेट में आ गईं। दो महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल है जिसे SMS अस्पताल रेफर किया गया है।
पाली, कोटा और बूंदी से भी हादसे, कई मौतें
पाली जिले के बर क्षेत्र में नाड़ी में नहाने गई तीन किशोरों की डूबने से मौत हो गई। कोटा के खाल में एक युवक बह गया, जिसकी तलाश जारी है। बूंदी में चितावा नदी का तेज बहाव ट्रैक्टर समेत किसान को बहा ले गया, जिसे ग्रामीणों ने कठिन प्रयासों के बाद बचाया।
सैकड़ों गांवों में बाढ़ जैसे हालात, सड़क संपर्क टूटा
भीलवाड़ा जिले के मंगरोप, भोली, हमीरगढ़ और कोटड़ी जैसे इलाकों के दर्जनों गांव बाढ़ की चपेट में हैं। बनास, कोठारी और त्रिवेणी नदियों में जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर चला गया है। कई एनीकट टूटने से घरों में पानी घुस गया और फसलें नष्ट हो गईं। कोटा के इटावा में चंबल नदी पर स्थित झरेल पुलिया पर 6 फीट तक पानी बह रहा है, जिससे खातोली मार्ग बीते 14 दिनों से बंद है।
पिछले 24 घंटों के भीतर राजस्थान के कई जिलों में भारी बारिश दर्ज की गई, जिससे राज्य में मानसून की सक्रियता स्पष्ट रूप से देखने को मिली। सबसे अधिक वर्षा जालौर जिले में दर्ज की गई, जहां 136 मिमी बारिश हुई। इसके बाद सिवाना में 75 मिमी, समदड़ी और सायला दोनों स्थानों पर 64 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
वहीं, शेरगढ़ और बाली में 58 मिमी, जबकि भादराजून में 56 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। बालोतरा और खमनोर में 53 मिमी की समान वर्षा दर्ज हुई, और पचपदरा में 52 मिमी बारिश हुई। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में मानसून ने जोरदार दस्तक दी है, जिससे कई इलाकों में जलभराव और नदियों में उफान की स्थिति बनी हुई है।














