
महारानी कॉलेज परिसर में बनी मजार को लेकर चल रहा विवाद अब धीरे-धीरे एक बड़े जन आंदोलन का रूप लेने लगा है। मंगलवार को इस मुद्दे पर जनता की भावनाएं और नाराज़गी खुलकर सामने आईं, जब धरोहर बचाव समिति के अध्यक्ष भारत शर्मा के नेतृत्व में कॉलेज गेट के बाहर भारी संख्या में लोग इकट्ठा हुए और सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया। इस धार्मिक पाठ में कॉलेज की कई छात्राएं भी शामिल हुईं, जबकि हिंदूवादी संगठनों के सदस्य भी कंधे से कंधा मिलाकर उपस्थित रहे।
गूंज उठीं हनुमान की चौपाइयां, माहौल बना गंभीर
इस पूरी घटना के दौरान मौके पर सुरक्षा व्यवस्था काफी सख्त रही। DCP साउथ दिगंत आनंद, एडिशनल DCP ललित शर्मा सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। स्थिति की नजाकत को देखते हुए किसी को भी कॉलेज के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। प्रदर्शनकारियों ने कॉलेज के बाहर सड़क पर ही बैठकर श्रद्धा भाव से हनुमान चालीसा का पाठ किया और भगवान से राज्य सरकार को ‘सद्बुद्धि’ देने की प्रार्थना की।
सरकार को चेतावनी, मजार नहीं हटी तो होगा बड़ा आंदोलन
भारत शर्मा ने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार को पहले ही 10 दिन का समय दिया गया था, लेकिन वह मजार अब तक नहीं हटाई गई है। उन्होंने कहा, “हमने हनुमान चालीसा का पाठ इसलिए किया है ताकि भगवान सरकार को सही निर्णय लेने की प्रेरणा दें। अगर अब भी मजार नहीं हटाई गई तो हम इससे भी बड़ा जन आंदोलन शुरू करेंगे।” उन्होंने इस बाबत पुलिस को एक ज्ञापन भी सौंपा।
कॉलेज की छात्राओं की चिंता: हमारी सुरक्षा को खतरा
प्रदर्शन के दौरान कॉलेज की कई छात्राएं भी अपनी चिंता जाहिर करती नजर आईं। उन्होंने कहा कि “यह गर्ल्स कॉलेज है और परिसर में इस तरह की गतिविधियों का होना हमारे लिए डर और असहजता का कारण बन रहा है।” छात्राओं की ओर से स्पष्ट तौर पर कार्रवाई की मांग उठाई गई।
तीन मजारें मिलने से गहराया विवाद
कॉलेज प्रशासन की ओर से की गई जांच में सामने आया कि पंप हाउस के पास परिसर में तीन मजारें बनी हुई हैं। इस मुद्दे को लेकर सरकार ने एक विशेष जांच कमेटी भी गठित की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ये मजारें 20 साल पुरानी हैं, वहीं कांग्रेस विधायक अमीन कागजी का कहना है कि इनकी उम्र करीब 165 साल हो सकती है। दूसरी ओर, हिंदूवादी संगठनों का दावा है कि ये मजारें हाल ही में बनाई गई हैं।
अब सबकी निगाहें जांच कमेटी पर टिकीं
फिलहाल जांच कमेटी पूरे विवाद की गहनता से जांच कर रही है। इस मामले में सरकार की प्रतिक्रिया, कमेटी की रिपोर्ट और प्रशासन की अगली कार्रवाई ही अब इस पूरे मसले की दिशा तय करेगी। लेकिन एक बात साफ है – जनता के भीतर इस मुद्दे को लेकर आक्रोश और भावनात्मक जुड़ाव दोनों ही गहराते जा रहे हैं।














