
राजस्थान के जालोर जिले में मूसलधार बारिश आफत बनकर टूटी है। आसाना और सूकड़ी नदी उफान पर हैं और इन नदियों ने लोगों की जान ले ली। पिछले 24 घंटे में यहां अलग-अलग हादसों में 9 लोग बह गए, जिनमें से 2 की मौत की पुष्टि हो चुकी है। वहीं 6 लोगों की तलाश अब भी जारी है। लगातार बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव के कारण बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण हो गया है।
आसाना नदी का दर्दनाक हादसा
मंगलवार की शाम सायला इलाके की आसाना नदी में छह युवकों के बहने की खबर से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। ग्रामीणों द्वारा दी गई जानकारी पर पुलिस और प्रशासनिक टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। रातभर रेस्क्यू अभियान चलाने की कोशिश की गई, लेकिन तेज बारिश और अंधेरे के कारण ऑपरेशन रोकना पड़ा। बुधवार सुबह फिर से सर्च ऑपरेशन शुरू हुआ, लेकिन अब तक लापता युवकों का कोई सुराग नहीं मिला है।
प्रत्यक्षदर्शी राजूसिंह के अनुसार, बोलेरो गाड़ी से पहुंचे छह युवक नदी किनारे आए थे। उन्होंने थोड़ी देर बातचीत के बाद हाथ पकड़कर नदी में उतरने का साहसिक कदम उठाया, लेकिन कुछ ही पलों में तेज बहाव ने उन्हें निगल लिया। बाद में मौके पर गाड़ी और चप्पलें बरामद की गईं। लापता युवकों के नाम जगताराम, मनोहरसिंह, जितेंद्रसिंह, श्रवण कुमार (दो), और उमाराम बताए जा रहे हैं। हालांकि, प्रशासन ने अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
सूकड़ी नदी में भी त्रासदी
इसी दिन शाम को जिले के बागरा थाना क्षेत्र के सांथू गांव के पास सूकड़ी नदी में तीन लोग बह गए। इनमें दो महिलाओं और एक पुरुष शामिल थे। प्रशासन और ग्रामीणों की मदद से रेस्क्यू अभियान शुरू हुआ। इस हादसे में पसिया (30) पत्नी टीलाराम भील और छोटाराम (25) पुत्र होकाराम की मौत हो गई। दोनों के शव काफी प्रयासों के बाद नदी से बाहर निकाले गए। वहीं कुटुआ पत्नी रणछोड़ाराम को जिंदा बचा लिया गया और फिलहाल वह अस्पताल में उपचाराधीन है।
खेत जाते वक्त बना हादसे का सबब
स्थानीय तहसीलदार बाबूसिंह राजपुरोहित के अनुसार, तीनों लोग खेत जा रहे थे और नजदीकी रास्ता नदी के बहाव क्षेत्र से होकर गुजरता था। पानी की गहराई और छिपे गड्ढों का अंदाजा न होने से ये लोग अचानक तेज बहाव में फंस गए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सूकड़ी नदी में वर्षों से हो रहा अवैध बजरी खनन ही इन खतरनाक गड्ढों की वजह है, जो बारिश के मौसम में जानलेवा साबित हो रहे हैं।
प्रशासन की अपील और रेस्क्यू की मुश्किलें
जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी के बहाव क्षेत्र में न जाएं और खतरे को हल्के में न लें। एसडीएम, तहसीलदार, पुलिस अधिकारी और एसडीआरएफ टीमें मौके पर लगातार जुटी हुई हैं। लेकिन संकरी गलियां, खराब मौसम और तेज जलधारा के कारण बचाव कार्य बेहद कठिन बना हुआ है।














