
जयपुर पुलिस कमिश्नरेट को नए नेतृत्व की कमान मिल गई है। शुक्रवार (25 अक्टूबर) को सचिन मित्तल ने जयपुर के नए पुलिस कमिश्नर के रूप में पदभार ग्रहण किया। सुबह करीब 10 बजे वे कमिश्नरेट कार्यालय पहुंचे, जहां उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस मौके पर पूर्व पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसफ भी मौजूद रहे।
कार्यभार संभालने के तुरंत बाद मित्तल ने कमिश्नरेट के सभी वरिष्ठ अधिकारियों — आईपीएस, एडिशनल डीसीपी, एसीपी और सीआई — के साथ बैठक की। उन्होंने कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने और अपराध पर अंकुश लगाने के लिए अपनी रणनीति साझा की। बैठक में कमिश्नर (ऑपरेशन) राहुल प्रकाश, एडिशनल कमिश्नर डॉ. राजीव पचार, एडिशनल पुलिस कमिश्नर (क्राइम) मनीष अग्रवाल, योगेश गोयल और चारों जिलों के डीसीपी मौजूद रहे।
अपराध नियंत्रण रहेगा सर्वोच्च प्राथमिकता
मीडिया से बातचीत में पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने कहा कि जयपुर में क्राइम कंट्रोल उनकी पहली और सबसे अहम प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीमों को तत्काल मौके पर पहुंचना होगा। उनके अनुसार, “समय पर पुलिस की मौजूदगी न केवल अपराधियों में डर पैदा करती है बल्कि केस सुलझाने की संभावना भी बढ़ाती है।”
साइबर क्राइम पर रहेगा विशेष फोकस
मित्तल ने बताया कि साइबर अपराध वर्तमान समय की बड़ी चुनौती बन चुके हैं। इसलिए जयपुर पुलिस की कोशिश रहेगी कि लोगों को जागरूक कर इनसे बचाया जाए। उन्होंने कहा, “हम समय-समय पर साइबर सुरक्षा से जुड़े जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करेंगे ताकि लोग धोखाधड़ी और ऑनलाइन अपराधों से सुरक्षित रह सकें।”
पीड़ितों को पुलिस मुख्यालय जाने की आवश्यकता नहीं
नई कार्यशैली के तहत मित्तल ने कहा कि पीड़ितों को किसी अपराध की शिकायत के लिए पुलिस मुख्यालय या कमिश्नरेट के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि, “हर थाने में लोगों को पूरा सहयोग और त्वरित सहायता मिलेगी। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि न्याय लोगों की दहलीज तक पहुंचे।”
नई ऊर्जा के साथ पुलिसिंग की दिशा
सचिन मित्तल का यह संदेश साफ है कि वे तेज, पारदर्शी और संवेदनशील पुलिसिंग के पक्षधर हैं। उनके नेतृत्व में जयपुर पुलिस प्रशासन अब नई दिशा और ऊर्जा के साथ काम करने की तैयारी में है — जहां अपराध पर सख्त कार्रवाई के साथ-साथ आम नागरिकों की सुरक्षा और भरोसे को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।














