
जयपुर: राजस्थान में जनगणना-2027 के पहले चरण की औपचारिक शुरुआत आज से हो चुकी है। इस चरण में ‘हाउस लिस्टिंग और हाउसहोल्ड एन्यूमरेशन’ यानी मकानों की सूचीकरण प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा। इसके तहत राज्यभर में 14 जून तक प्रशिक्षित प्रगणक और पर्यवेक्षक घर-घर जाकर विस्तृत जानकारी एकत्र करेंगे।
इससे पहले 1 मई से 15 मई तक नागरिकों के लिए स्वगणना (Self Enumeration) का विकल्प उपलब्ध कराया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज की। आंकड़ों के अनुसार, अब तक 15 लाख 81 हजार से अधिक नागरिकों ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपनी प्रविष्टियां पूरी की हैं। इनमें जयपुर सबसे आगे रहा, जहां 3 लाख 32 हजार से अधिक लोगों ने ऑनलाइन जानकारी भरी, जबकि जैसलमेर में यह संख्या सबसे कम 7 हजार 852 दर्ज की गई।
33 बिंदुओं पर होगी विस्तृत जानकारी की एंट्री
जनगणना के इस पहले चरण में प्रगणक प्रत्येक परिवार से कुल 33 प्रकार की जानकारियां जुटाएंगे। इसमें मकान की स्थिति, स्वामित्व का विवरण, निर्माण में उपयोग हुई सामग्री, परिवार के सदस्यों की संख्या, पेयजल स्रोत, बिजली कनेक्शन, शौचालय की उपलब्धता, रसोई व्यवस्था, इंटरनेट सुविधा, मोबाइल फोन और वाहनों की जानकारी शामिल होगी।
इसके अलावा खाना पकाने में इस्तेमाल होने वाला ईंधन, अनाज उपभोग का पैटर्न और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े प्रश्न भी पूछे जाएंगे। राज्य सरकार और जनगणना विभाग के अनुसार, इस पूरे अभियान में करीब 1.60 लाख प्रगणक और सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं। सभी कर्मियों को टैबलेट आधारित डिजिटल ऐप के जरिए डेटा संग्रहण का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।
स्वगणना में जयपुर और सीकर की मजबूत भागीदारी
प्रारंभिक रिपोर्ट के मुताबिक स्वगणना प्रक्रिया में जयपुर जिला सबसे आगे रहा है। यहां शहरी क्षेत्रों के नागरिकों ने ऑनलाइन पोर्टल का व्यापक उपयोग किया। जयपुर में 3,32,958 लोगों ने अपनी जानकारी दर्ज कराई, जबकि सीकर जिले में यह आंकड़ा 1,74,633 तक पहुंचा।
प्रशासन की जागरूकता अभियानों के कारण इन जिलों में लोगों की भागीदारी अपेक्षाकृत बेहतर रही। इसके विपरीत जैसलमेर, फलोदी और सिरोही जैसे सीमावर्ती एवं दूरस्थ क्षेत्रों में इंटरनेट पहुंच और तकनीकी जागरूकता की कमी के चलते स्वगणना की रफ्तार धीमी रही। इनमें जैसलमेर में 7,172, सिरोही में 9,322 और फलोदी में 9,597 लोगों ने ऑनलाइन विवरण भरा। अब इन क्षेत्रों में ऑफलाइन सर्वे के माध्यम से डेटा पूरा किया जाएगा।
अब फील्ड में उतरेंगे प्रगणक, घर-घर होगा सत्यापन
जनगणना संचालन निदेशालय के निदेशक विष्णु चरण मलिक के अनुसार, स्वगणना चरण पूरा होने के बाद अब मुख्य कार्य ऑफलाइन फील्ड सर्वे के रूप में आगे बढ़ेगा।
प्रगणक प्रत्येक घर पर पहुंचकर परिवार के मुखिया से जानकारी लेंगे और उसे डिजिटल ऐप में दर्ज करेंगे। जिन परिवारों ने पहले ही ऑनलाइन डेटा दिया है, उसका भी मौके पर सत्यापन किया जाएगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत स्तर पर विशेष टीमें गठित की गई हैं, जबकि शहरी इलाकों में वार्डवार निगरानी व्यवस्था लागू की गई है। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे प्रगणकों को सही और पूर्ण जानकारी दें और केवल पहचान पत्र देखने के बाद ही डेटा साझा करें।
जनगणना विभाग का मानना है कि यह व्यापक अभियान भविष्य की सरकारी योजनाओं, आधारभूत ढांचे के विकास और नीतिगत निर्णयों के लिए बेहद महत्वपूर्ण आधार तैयार करेगा।














