
भीलवाड़ा जिले में होली के मद्देनजर खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरों पर सख्ती बढ़ा दी है। त्योहारों के दौरान बाजार में खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने के साथ मिलावट की आशंका भी बढ़ जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग ने विशेष अभियान चलाकर औचक निरीक्षण शुरू किए हैं। सोमवार को की गई कार्रवाई में चित्तौड़गढ़ रोड स्थित एक कोल्ड स्टोरेज पर छापा मारकर भारी मात्रा में संदिग्ध मसालों को जब्त किया गया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव कुमार शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि विभाग की टीम लगातार बाजारों और भंडारण स्थलों की निगरानी कर रही है ताकि आमजन को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जा सके। निरीक्षण के दौरान टीम को बड़ी मात्रा में मसाले संदिग्ध अवस्था में मिले, जिसके बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें सीज कर दिया गया।
कार्रवाई के दौरान करीब 2300 किलोग्राम से अधिक लाल मिर्च पाउडर और लगभग 1710 किलोग्राम साबुत धनिया को मिलावट की आशंका के आधार पर जब्त किया गया। अधिकारियों के अनुसार मसालों की गुणवत्ता और रंग-रूप को देखते हुए प्रारंभिक स्तर पर संदेह उत्पन्न हुआ, जिसके बाद नियमानुसार उन्हें सील कर दिया गया ताकि आगे की जांच की जा सके।
मौके पर निरीक्षण के दौरान टीम को करीब 400 किलोग्राम खराब और अनुपयोगी खजूर भी मिले। स्वास्थ्य विभाग की उपस्थिति में इन खजूरों को नष्ट करवाया गया ताकि वे किसी भी रूप में बाजार तक न पहुंच सकें। विभाग का कहना है कि त्योहारों के समय खराब या मिलावटी खाद्य सामग्री बेचने वालों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे।
डॉ. शर्मा ने बताया कि जब्त किए गए मसालों के नमूने लेकर उन्हें प्रयोगशाला परीक्षण के लिए अजमेर भेजा गया है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। यदि मिलावट की पुष्टि होती है तो संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई तय है।
उन्होंने आम नागरिकों से भी सतर्क रहने की अपील की है। खाद्य सामग्री खरीदते समय पैकेजिंग, लेबल और गुणवत्ता की सावधानीपूर्वक जांच करें। यदि किसी भी खाद्य पदार्थ में मिलावट की आशंका हो तो तुरंत विभाग को सूचित करें। इसके लिए भीलवाड़ा जिला कार्यालय के फोन नंबर 01482-232643 पर संपर्क किया जा सकता है।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि त्योहारों के दौरान यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की रक्षा करना है ताकि त्योहारों की खुशियां किसी भी तरह की लापरवाही या मिलावट की भेंट न चढ़ें।














