
राजस्थान के जैसलमेर में एक बस हादसे में 21 लोगों की दर्दनाक मौत के महज दो दिन बाद ही प्रदेश में एक और हृदयविदारक दुर्घटना हुई है। बाड़मेर जिले के बालोतरा क्षेत्र में देर रात एक कार और ट्रेलर की आमने-सामने की टक्कर के बाद कार में आग लग गई। इस भीषण आग में कार सवार चार युवक जिंदा जल गए, जबकि एक गंभीर रूप से घायल है।
यह हादसा सिंधरी पुलिस थाना क्षेत्र के सादा गांव के पास मेगा हाईवे पर रात करीब 1:30 बजे हुआ, जब पांच युवक काम से लौट रहे थे। इस त्रासदी ने पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ा दी है।
काम से लौट रहे थे, लेकिन घर तक नहीं पहुंच सके
पुलिस के अनुसार, पांचों युवक बाड़मेर के डाबर गुड़ामालानी क्षेत्र के निवासी थे और सिणधरी में काम करने के बाद देर रात घर लौट रहे थे। रास्ते में उनकी कार सामने से आ रहे एक ट्रेलर से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार में आग लग गई और देखते ही देखते वह पूरी तरह जलकर खाक हो गई।
इस हादसे में मोहन सिंह (35), शंभु सिंह (20), पंचाराम (22) और प्रकाश (28) की मौके पर ही मौत हो गई। सभी के शव जलकर पूरी तरह क्षत-विक्षत हो गए हैं। कार चालक दिलीप सिंह को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
शवों की पहचान डीएनए से होगी, परिजनों पर टूटा दुख का कहर
डीएसपी नीरज शर्मा ने बताया कि शवों की हालत ऐसी नहीं है कि पहचान की जा सके। सभी की पहचान डीएनए जांच के जरिए की जाएगी और इसके बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे। फिलहाल चारों शवों को अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया है।
हादसे के बाद हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई और जाम लग गया। पुलिस ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद यातायात बहाल किया।
इस हादसे ने न सिर्फ चार परिवारों को उजाड़ दिया, बल्कि क्षेत्रवासियों को भी स्तब्ध कर दिया है। सुबह होते ही गांव में मातम पसर गया।
राजस्थान की सड़कों पर लगातार मौत का तांडव
इस भीषण हादसे से पहले जैसलमेर में मंगलवार को एसी बस में आग लगने से 21 लोगों की जान चली गई थी और दर्जनों लोग झुलस गए थे। अब बालोतरा में हुई इस कार दुर्घटना ने एक बार फिर राजस्थान की सड़कों पर ट्रैफिक सुरक्षा और भारी वाहनों की निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अधिकतर सड़क हादसे तेज रफ्तार, ओवरलोडिंग, खराब सड़क व्यवस्था और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी के चलते होते हैं। इस हादसे की जांच शुरू हो चुकी है, लेकिन सवाल यह है कि कब तक निर्दोष लोग ऐसी दर्दनाक घटनाओं के शिकार होते रहेंगे?
एक के बाद एक हादसे, कब जागेगी व्यवस्था?
राजस्थान में लगातार हो रही भीषण सड़क दुर्घटनाएं प्रशासन, परिवहन विभाग और सड़क सुरक्षा एजेंसियों के लिए चेतावनी हैं। चार युवकों की जलकर मौत कोई सामान्य खबर नहीं है, यह उन परिवारों के लिए जीवनभर का शोक बन चुकी है।
अब जरूरी है कि सरकार सड़क सुरक्षा को लेकर और अधिक सख्ती बरते, हाईवे पर निगरानी बढ़ाए और तेज गति से चलने वाले भारी वाहनों पर सख्त कार्रवाई करे। वरना हर दिन कहीं न कहीं कोई परिवार अपनों को खोता रहेगा।














