
राजस्थान के मेवात इलाके में साइबर अपराधियों के बढ़ते दुस्साहस का एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। इस बार ठगों को पकड़ने पहुंची पुलिस टीम को ही ग्रामीणों के गुस्से का सामना करना पड़ा। अलवर जिले के गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र के सेमला खुर्द गांव में साइबर ठगी के आरोपियों को पकड़ने गई पुलिस पर ग्रामीणों और आरोपियों के परिजनों ने हमला कर दिया। इस घटना में एक एएसआई को बंधक बनाकर बुरी तरह पीटा गया, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया।
मिली जानकारी के अनुसार डीग जिले के नगर थाना क्षेत्र से पुलिस टीम सादे कपड़ों में सेमला खुर्द गांव पहुंची थी। टीम का नेतृत्व एएसआई रामनिवास कर रहे थे और उनके साथ अन्य पुलिसकर्मी भी मौजूद थे। पुलिस साइबर ठगी के मामले में वांछित दो आरोपियों तस्लीम और साबिर को पकड़ने के लिए गांव में दबिश देने आई थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों संदिग्धों को पकड़ भी लिया था, लेकिन तभी हालात अचानक बदल गए।
बताया जा रहा है कि आरोपियों को पकड़े जाने की खबर मिलते ही गांव में शोर मच गया। कुछ ही देर में बड़ी संख्या में ग्रामीण और आरोपियों के परिजन मौके पर इकट्ठा हो गए। भीड़ ने पुलिस टीम को चारों तरफ से घेर लिया और माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। इसी दौरान भीड़ ने एएसआई रामनिवास को जबरन खींचकर एक मकान के अंदर बंद कर दिया और उन्हें बंधक बना लिया।
घर के भीतर एएसआई के साथ मारपीट की गई। आरोप है कि कुछ लोगों ने लाठियों और डंडों से उन पर हमला किया, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट लग गई। इस दौरान उनका मोबाइल फोन भी छीन लिया गया। अचानक हुए इस हमले से पुलिस टीम के अन्य सदस्य भी असहाय हो गए और स्थिति बेहद बिगड़ गई।
बाहर मौजूद एक कांस्टेबल ने तुरंत अतिरिक्त पुलिस बल को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस का और जाप्ता मौके पर पहुंचा, लेकिन तब तक भीड़ काफी उग्र हो चुकी थी। ग्रामीणों ने पुलिसकर्मियों को घर के अंदर घुसने से रोकने की कोशिश की और माहौल काफी तनावपूर्ण बना रहा।
इस अफरा-तफरी और धक्का-मुक्की का फायदा उठाकर मुख्य आरोपी तस्लीम और साबिर वहां से भागने में सफल हो गए। बताया जा रहा है कि दोनों ने मकान की पिछली दीवार फांदी और खेतों के रास्ते फरार हो गए। काफी प्रयासों के बाद पुलिस ने भीड़ के कब्जे से घायल एएसआई को बाहर निकाला और उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज कराया गया।
यह पहला मौका नहीं है जब इस गांव में पुलिस टीम को इस तरह की स्थिति का सामना करना पड़ा हो। जानकारी के अनुसार करीब छह महीने पहले भी नगर थाना पुलिस इसी गांव में साइबर ठगी के आरोपी तस्लीम और साबिर को पकड़ने पहुंची थी। उस समय भी पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई और मारपीट की घटना सामने आई थी।
इतना ही नहीं, इससे पहले भी सेमला खुर्द गांव में एक थानाधिकारी को ग्रामीणों द्वारा बंधक बनाए जाने की घटना चर्चा में रही थी। इन घटनाओं से साफ है कि इलाके में पुलिस कार्रवाई के दौरान कई बार गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
नगर पुलिस उपाधीक्षक मनोज कुमार गुप्ता ने बताया कि वांछित साइबर अपराधियों को पकड़ने के लिए पुलिस की एडवांस टीम गांव में भेजी गई थी। लेकिन आरोपियों के परिजनों और कुछ ग्रामीणों ने मिलकर पुलिस टीम के साथ मारपीट कर दी। उन्होंने कहा कि यदि समय पर अतिरिक्त पुलिस बल नहीं पहुंचता तो एएसआई की जान को गंभीर खतरा हो सकता था।
इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए नगर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा डालने, पुलिसकर्मी के साथ मारपीट करने, आरोपियों को छुड़ाने और मोबाइल लूटने जैसे आरोपों में करीब 20 से 25 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है, जिनमें से 9 लोगों को नामजद किया गया है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि घटना में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।














