
अलवर जिले के कठूमर क्षेत्र में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते एक कांस्टेबल और उसके सहयोगी दलाल को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई दौसा और भरतपुर एसीबी टीम के संयुक्त ऑपरेशन के तहत बुधवार (25 मार्च) रात को की गई। परिवादी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके बेटे को एक मामले में राहत दिलाने के बदले 40 हजार रुपये की मांग की जा रही थी।
शिकायत की पुष्टि के बाद एसीबी ने पूरी योजना के साथ जाल बिछाया और कार्रवाई को अंजाम दिया। जैसे ही टीम थाने पहुंची, वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बताया जा रहा है कि थाना प्रभारी समेत कई पुलिसकर्मी मौके से गायब हो गए, जिससे पूरे मामले ने और गंभीर रूप ले लिया।
थाने के बाहर जाल बिछाकर की गई गिरफ्तारी
एसीबी टीम ने बुधवार शाम करीब 7 बजे चार गाड़ियों में सवार होकर कठूमर पहुंचकर थाने के आसपास निगरानी शुरू की। योजना के मुताबिक, परिवादी ने थाने के मुख्य गेट के बाहर मौजूद दलाल को 20 हजार रुपये दिए। इसी दौरान कांस्टेबल रामेश्वर दयाल गुर्जर भी वहां मौजूद था। जैसे ही रिश्वत की रकम का लेन-देन हुआ, एसीबी टीम ने तुरंत छापा मारकर दोनों को मौके पर ही पकड़ लिया।
प्रेम विवाह के मामले में मांगी गई थी रिश्वत
परिवादी के अनुसार, उसका 21 वर्षीय बेटा ईश्वर सिंह 16 मार्च को हरियाणा के झज्जर में दूसरी जाति की युवती से प्रेम विवाह कर चुका था। इसके बाद युवती के परिजनों ने उसके खिलाफ अपहरण का केस दर्ज करा दिया। सुरक्षा के लिए यह नवविवाहित जोड़ा अलवर एसपी कार्यालय पहुंचा, जहां से उन्हें कठूमर थाने भेजा गया। वहां युवक को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया।
40 हजार की मांग, जांच जारी
आरोप है कि युवक को छोड़ने के बदले अलग-अलग माध्यमों से 40 हजार रुपये की मांग की गई थी। इस मामले में जांच अधिकारी के रूप में एएसआई नरेंद्र मीणा का नाम सामने आया है। फिलहाल एसीबी टीम गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और इस पूरे प्रकरण में और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।














