
अजमेर शरीफ स्थित ख्वाजा गरीब नवाज दरगाह में चल रहे 814वें सालाना उर्स के अवसर पर केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने चादर चढ़ाई। यह चादर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से भेजी गई थी। चादरपोशी के बाद धार्मिक रस्में अदा की गईं और पूरे देश में अमन, चैन और भाईचारे की दुआ मांगी गई। किरेन रिजिजू ने ख्वाजा साहब की दरगाह को देश की गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी सौहार्द का प्रतीक बताया।
"800 सालों से हर मन्नत होती है पूरी"
पत्रकारों से बातचीत में किरेन रिजिजू ने कहा, "यह माना जाता है कि पिछले 800 सालों से यहां मांगी गई हर मन्नत पूरी होती है। हमने यहां अपने देश के हर धर्म और जाति के लिए दुआ मांगी है। खुद को खुशनसीब मानता हूं कि मैं लगातार दूसरी बार इस दरगाह में आया हूं।"
देश की तरक्की के लिए दुआ
केंद्रीय मंत्री ने बताया, "चादर चढ़ाते समय हमने देश की तरक्की, विकास और दुनिया में हर क्षेत्र में सबसे आगे रहने की दुआ की। तेजी से विकसित राष्ट्र बनने के लिए आशीर्वाद मांगा। मुझे विश्वास है कि अजमेर दरगाह में मांगी गई हर दुआ पूरी होती है। हमारा इस दरगाह से गहरा नाता है।"
अमन और चैन का संदेश
रिजिजू ने आगे कहा, "ख्वाजा साहब की दरगाह पूरी दुनिया में अमन, चैन, शांति और सेवा का संदेश देती है। यहां हर धर्म और समुदाय के लोग आदर और प्रेम के साथ आते हैं। अल्पसंख्यक मंत्रालय भी दरगाह के विकास और बेहतर प्रबंधन के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है। इस बार का प्रबंधन काफी संतोषजनक रहा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि यहां आने वाले किसी भी व्यक्ति को किसी प्रकार की असुविधा न हो।"














