
केरल में विधानसभा चुनाव की सरगर्मी तेज हो चुकी है और राजनीतिक दलों ने प्रचार अभियान में पूरी ताकत झोंक दी है। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तिरुवल्ला पहुंचे, जहां उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए राज्य की राजनीति और विकास को लेकर कई अहम बातें कहीं। अपने भाषण की शुरुआत उन्होंने श्री वल्लभम, तिरुवल्लुवर, सबरीमाला और स्वामी अय्यप्पा को नमन करते हुए की। इसके बाद उन्होंने कहा कि इस बार केरल का माहौल पहले से बिल्कुल अलग है और राज्य एक बड़े बदलाव की ओर बढ़ रहा है।
पीएम मोदी ने जनता से मिल रहे समर्थन का जिक्र करते हुए कहा कि एनडीए के प्रति लोगों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है, खासकर महिलाओं का समर्थन साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि वह पहले भी तिरुवल्ला आ चुके हैं, लेकिन इस बार की ऊर्जा और उत्साह अलग है। उनके मुताबिक, 9 अप्रैल को मतदान के बाद 4 मई को केरल में एनडीए की सरकार बनने जा रही है।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने ‘मेरा बूथ सबसे मजबूत’ अभियान का जिक्र करते हुए बताया कि उन्होंने केरल के हजारों भाजपा कार्यकर्ताओं से बातचीत की है। करीब 5,000 शक्ति केंद्रों से जुड़े 1.25 लाख कार्यकर्ताओं के साथ संवाद में एक बात स्पष्ट होकर सामने आई कि राज्य की जनता अब एलडीएफ सरकार को सत्ता से हटाने का मन बना चुकी है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से सभा स्थल तक भारी भीड़ उमड़ी, वह इस बदलाव का संकेत है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जहां वामपंथी मानव श्रृंखला की बात करते हैं, वहीं केरल की जनता ने एनडीए के समर्थन में मानव दीवार खड़ी कर दी है।
एलडीएफ और यूडीएफ पर हमला बोलते हुए पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि इन दोनों दलों ने वर्षों तक इस क्षेत्र की अनदेखी की है। उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचा कमजोर है, सड़कें जर्जर हैं, नए पुल नहीं बने और मेडिकल कॉलेज की स्थिति भी चिंताजनक है। उनका कहना था कि इन कमियों का सीधा असर आम लोगों के जीवन पर पड़ा है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जब केंद्र में एलडीएफ और यूडीएफ की सरकारें थीं, तब केरल को सीमित संसाधन मिले, जबकि मौजूदा केंद्र सरकार ने राज्य को पहले से कई गुना अधिक सहायता दी है।
पूर्वोत्तर राज्यों का उदाहरण देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि वहां, जहां बड़ी संख्या में ईसाई आबादी रहती है, एनडीए की सात राज्यों में सरकार है और वहां विकास के कई अधूरे काम पूरे किए गए हैं। गोवा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वहां भी विकास की गति तेज हुई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि केरल में भी एनडीए की सरकार बनने पर जीवन स्तर में सुधार होगा, मछुआरों और स्थानीय समुदायों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा और सबरीमाला रेलवे परियोजना को आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार इस परियोजना में लगातार अड़चनें डाल रही है, लेकिन ‘डबल इंजन’ सरकार बनने के बाद ये बाधाएं दूर हो जाएंगी।
महिला सशक्तिकरण को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि एनडीए की नीतियों का सबसे ज्यादा लाभ महिलाओं को मिला है। उन्होंने बताया कि सरकार ने महिलाओं के लिए शौचालय निर्माण, बैंक खाते, आवास और मुद्रा ऋण जैसी योजनाओं के जरिए उनकी आर्थिक और सामाजिक स्थिति मजबूत की है। उन्होंने ‘लखपति दीदी’ योजना का जिक्र करते हुए कहा कि अब तक 3 करोड़ महिलाओं को इसका लाभ मिल चुका है और आने वाले समय में 3 करोड़ और महिलाओं को इससे जोड़ने का लक्ष्य है। उनका कहना था कि केरल में भाजपा सरकार बनने पर महिलाओं को और अधिक अवसर मिलेंगे।
उन्होंने संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का भी उल्लेख किया और कहा कि सरकार इस दिशा में गंभीरता से आगे बढ़ रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीटों में कटौती को लेकर फैलाई जा रही अफवाहें निराधार हैं और भविष्य में सीटों की संख्या बढ़ेगी, जिससे सभी राज्यों को फायदा होगा। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से इस मुद्दे पर एकजुट होकर समर्थन करने की अपील भी की।
अपने भाषण के अंत में पीएम मोदी ने केरल में बढ़ते पलायन के मुद्दे को उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य के युवा रोजगार की तलाश में बाहर जा रहे हैं, जो एक गंभीर चुनौती है। उन्होंने कहा कि केरल को रोजगार सृजन, औद्योगिक विकास, सेवा क्षेत्र के विस्तार और स्टार्टअप को बढ़ावा देने की जरूरत है। लेकिन भ्रष्टाचार और सांप्रदायिक राजनीति विकास में सबसे बड़ी बाधा हैं। उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों से निपटने के लिए एलडीएफ और यूडीएफ दोनों को हराना जरूरी है।
पश्चिम एशिया संकट पर पीएम मोदी का बयान
पश्चिम एशिया में जारी तनाव और युद्ध जैसे हालातों पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मौजूदा संकट ने विपक्ष की सोच और रणनीति को उजागर कर दिया है। पीएम मोदी के अनुसार, आज पूरा देश देख रहा है कि खाड़ी देशों में स्थिति कितनी संवेदनशील बनी हुई है, जहां लाखों भारतीय, खासकर केरल के लोग, रोजगार के लिए मौजूद हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेता ऐसे बयान दे रहे हैं, जो वहां रह रहे भारतीयों की सुरक्षा को खतरे में डाल सकते हैं। पीएम मोदी ने कहा, “हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण वहां मौजूद हर भारतीय की सुरक्षा है, लेकिन यहां से दी जा रही गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणियां स्थिति को बिगाड़ सकती हैं।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारत के खाड़ी देशों के साथ मजबूत रिश्तों के कारण वहां की सरकारें भारतीयों को परिवार की तरह संरक्षण दे रही हैं, लेकिन देश के भीतर से आने वाली बयानबाजी चिंता का विषय है।
प्रधानमंत्री ने विपक्ष से अपील करते हुए कहा कि यह समय राजनीतिक बयान देने का नहीं, बल्कि जिम्मेदारी दिखाने का है। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि अनावश्यक और भड़काऊ बयान बंद किए जाने चाहिए, ताकि विदेशों में रह रहे भारतीयों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसे केवल सत्ता और राजनीति की चिंता है, जबकि आम नागरिकों की सुरक्षा उसके एजेंडे में नहीं है।
कांग्रेस पर तीखा हमला
अपने भाषण में पीएम मोदी ने कांग्रेस की मंशा पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ऐसी स्थिति पैदा करना चाहती है, जिससे पश्चिम एशिया के देश भारत के प्रति नकारात्मक रुख अपना लें। उन्होंने आरोप लगाया कि जानबूझकर ऐसे बयान दिए जा रहे हैं, जिनसे खाड़ी देशों में असंतोष पैदा हो सकता है।
पीएम मोदी ने कहा, “कुछ लोग चाहते हैं कि हालात बिगड़ें, अफरा-तफरी फैले और उन्हें सरकार पर निशाना साधने का मौका मिले।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राजनीति अपनी जगह है, लेकिन देशवासियों की सुरक्षा सर्वोपरि है। उन्होंने दोहराया कि केरल समेत देश के हर नागरिक की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है और इसके लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
वामपंथ और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि दोनों दल एक-दूसरे को भाजपा की ‘बी टीम’ बताते हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि जनता सब समझती है। उन्होंने दावा किया कि अगर केरल में कोई वास्तविक विकल्प है, तो वह भाजपा और एनडीए ही है।
सबरीमाला मुद्दे पर उठाए सवाल
प्रधानमंत्री ने सबरीमाला से जुड़े मामलों को लेकर भी एलडीएफ और कांग्रेस दोनों को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि मंदिर से जुड़ी घटनाओं में एक खास पैटर्न दिखाई देता है, जो गंभीर जांच की मांग करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि एलडीएफ सरकार ने इन मामलों की जांच केंद्रीय एजेंसी को नहीं सौंपी, जिससे संदेह और गहरा हो जाता है।
पीएम मोदी ने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जो पार्टी पहले मंदिरों के मुद्दों से दूरी बनाकर रखती थी, वह अब राजनीतिक लाभ के लिए खुद को धार्मिक रूप से जुड़ा हुआ दिखाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि एनडीए की सरकार बनने के बाद इन सभी मामलों की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और दोषियों को सख्त सजा दिलाई जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि स्वामी अय्यप्पा के भक्त केवल न्याय चाहते हैं और सरकार की जिम्मेदारी है कि उन्हें न्याय दिलाया जाए। पीएम मोदी ने विपक्ष पर झूठ फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि एलडीएफ और यूडीएफ के नेता विभिन्न मुद्दों पर भ्रम फैलाने में लगे रहते हैं। उन्होंने कहा कि ये लोग फिल्मों से लेकर नीतियों तक हर चीज को लेकर गलत जानकारी फैलाते हैं।
एफसीआरए, यूसीसी और सीएए जैसे मुद्दों का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि विपक्ष इन विषयों पर भी जनता को गुमराह करने की कोशिश करता रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि गोवा में लंबे समय से यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू है, लेकिन इसके बावजूद इसे लेकर गलत धारणाएं फैलाई जा रही हैं।













