न्यूज़
CJP Yogi Adityanath Jyotish Narendra Modi Rahul Gandhi

दून एक्सप्रेस में फिर मिले जिंदा कछुए, 13 दिन में दूसरी बार कार्रवाई; जनरल कोच से 78 कछुए बरामद

दून एक्सप्रेस के जनरल कोच से 78 जिंदा कछुए बरामद हुए हैं। 13 दिन में दूसरी बार ट्रेन से कछुओं की खेप मिलने के बाद आरपीएफ ने निगरानी बढ़ाई।

Posts by : Jhanvi Gupta | Updated on: Sat, 12 Sep 2026 10:08:48

दून एक्सप्रेस में फिर मिले जिंदा कछुए, 13 दिन में दूसरी बार कार्रवाई; जनरल कोच से 78 कछुए बरामद

दून एक्सप्रेस एक बार फिर कछुओं की बरामदगी को लेकर चर्चा में है। ट्रेन के जनरल कोच से 78 जिंदा कछुए बरामद किए गए हैं। खास बात यह है कि महज 13 दिनों के भीतर इसी ट्रेन से दूसरी बार कछुओं की खेप पकड़े जाने की बात सामने आई है। आरपीएफ की कार्रवाई के बाद कछुओं को सुरक्षित कब्जे में लिया गया और वन विभाग को सौंपने की प्रक्रिया की गई।

दून एक्सप्रेस में लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने ट्रेनों के जरिए वन्यजीवों की तस्करी पर निगरानी को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। इससे पहले भी दून एक्सप्रेस से बड़ी संख्या में जीवित कछुए बरामद किए जा चुके हैं। नवंबर 2025 में धनबाद स्टेशन पर इसी ट्रेन से 78 जीवित कछुए मिलने का मामला सामने आया था। उस समय कछुओं को कपड़े के छह थैलों में छिपाकर रखा गया था और सभी कछुए महिला कोच में सीट के नीचे से बरामद हुए थे।

जनरल कोच में तलाशी के दौरान पकड़ी गई खेप

मौजूदा मामले में आरपीएफ ने दून एक्सप्रेस के जनरल कोच में तलाशी अभियान चलाया। इसी दौरान कछुओं की खेप बरामद हुई। आरपीएफ की टीम ने कछुओं को अपने कब्जे में लेकर संबंधित वन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी। इसके बाद कछुओं को वन विभाग को सौंप दिया गया।

आरपीएफ की ओर से गया-गोमो रेल सेक्शन में अवैध गतिविधियों और वन्यजीव तस्करी के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत ट्रेनों और स्टेशनों पर संदिग्ध यात्रियों और सामान की जांच की जा रही है। जनरल कोचों पर भी विशेष नजर रखी जा रही है, क्योंकि इन्हीं कोचों में ऐसी खेप छिपाकर ले जाने के मामले सामने आए हैं।

पहले भी दून एक्सप्रेस से मिले थे 78 कछुए

दून एक्सप्रेस से कछुओं की बरामदगी का यह सिलसिला नया नहीं है। इससे पहले धनबाद रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ ने इसी ट्रेन के महिला कोच से 78 जीवित कछुए बरामद किए थे। उस मामले में कछुए छह लावारिस कपड़े के थैलों में छिपाकर रखे गए थे। तलाशी के दौरान जब आरपीएफ को इन थैलों पर किसी यात्री ने अपना मालिकाना हक नहीं बताया, तो उन्हें खोलकर जांच की गई। अंदर जूट के बैग में कछुए मिले थे।

वन विभाग की जांच में उस मामले में बरामद कछुओं की पहचान इंडियन फ्लैपशेल प्रजाति के रूप में की गई थी। सभी कछुए जीवित थे और उन्हें बाद में वन विभाग के हवाले कर दिया गया था।

आरपीएफ ने बढ़ाई निगरानी

गया-गोमो रेल सेक्शन में आरपीएफ पहले भी कछुओं की बरामदगी कर चुकी है। आरपीएफ के अनुसार, सितंबर 2025 में 11 और दिसंबर 2025 में 226 कछुए बरामद किए गए थे। इस तरह 2025 में कुल 237 कछुए बरामद किए गए। वर्ष 2026 में मार्च में भी 28 कछुए बरामद होने की जानकारी सामने आई थी।

रेल मार्ग के जरिए वन्यजीवों की तस्करी रोकने के लिए ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर निगरानी जारी रखने की बात आरपीएफ ने कही है। संदिग्ध यात्रियों और उनके सामान की जांच के साथ जनरल कोचों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

तस्करी के नेटवर्क की जांच पर नजर

कछुओं की बरामदगी के बाद सबसे अहम सवाल यह है कि इन्हें ट्रेन के जरिए कहां से लाया गया था और इन्हें कहां पहुंचाया जाना था। पिछले मामले में भी बरामद कछुओं को वन विभाग को सौंपने के बाद उनके स्रोत और संभावित गंतव्य की जांच की जा रही थी।

लगातार बरामदगी के मामलों के बीच आरपीएफ की ओर से ट्रेनों में तलाशी और निगरानी अभियान जारी रखा जा रहा है। मौजूदा कार्रवाई में 78 कछुओं की बरामदगी ने एक बार फिर रेल मार्ग के जरिए वन्यजीवों को ले जाने की कोशिश को सामने ला दिया है।

राज्य
View More

Shorts see more

पिंपल्स और ऑयली स्किन से छुटकारा पाने के आसान और असरदार तरीके

पिंपल्स और ऑयली स्किन से छुटकारा पाने के आसान और असरदार तरीके

  • पिंपल्स कंट्रोल करें आसान स्टेप्स से
  • साफ और ग्लोइंग स्किन के लिए सही रूटीन अपनाएं
  • हाइड्रेशन और हेल्दी लाइफस्टाइल से स्किन चमकदार बनाएं
read more

ताजा खबरें
View More

PM मोदी ने एकतानगर में ₹400 करोड़ से ज्यादा की परियोजनाओं का किया उद्घाटन, IRCTC होटल समेत कई सुविधाएं शुरू
PM मोदी ने एकतानगर में ₹400 करोड़ से ज्यादा की परियोजनाओं का किया उद्घाटन, IRCTC होटल समेत कई सुविधाएं शुरू
विपक्ष की एकजुटता में कहां पड़ रही दरार? 1 नवंबर की रैली में शामिल नहीं होंगी ये पार्टियां
विपक्ष की एकजुटता में कहां पड़ रही दरार? 1 नवंबर की रैली में शामिल नहीं होंगी ये पार्टियां
कॉकरोच जनता पार्टी की दिवाली पार्टी में जुटेंगे विपक्षी नेता, दीपके और रांका की मौजूदगी पर भी नजर
कॉकरोच जनता पार्टी की दिवाली पार्टी में जुटेंगे विपक्षी नेता, दीपके और रांका की मौजूदगी पर भी नजर
‘कल मिलते हैं, साथ चलते हैं’, राहुल गांधी ने साझा किया रैली का रूट मैप
‘कल मिलते हैं, साथ चलते हैं’, राहुल गांधी ने साझा किया रैली का रूट मैप
‘CEC को जाना ही होगा, SIR पर रोक लगानी होगी’, नेहा बोरा ने रामलीला मैदान रैली से पहले किया बड़ा ऐलान
‘CEC को जाना ही होगा, SIR पर रोक लगानी होगी’, नेहा बोरा ने रामलीला मैदान रैली से पहले किया बड़ा ऐलान
दिल्ली : मंगोलपुरी में जूता फैक्ट्री में भीषण आग, 4 मजदूरों की मौत, 2 गंभीर
दिल्ली : मंगोलपुरी में जूता फैक्ट्री में भीषण आग, 4 मजदूरों की मौत, 2 गंभीर
सोना ₹12,300 और चांदी ₹48,000 सस्ती, अक्टूबर में Gold-Silver की कीमतों में बड़ी गिरावट
सोना ₹12,300 और चांदी ₹48,000 सस्ती, अक्टूबर में Gold-Silver की कीमतों में बड़ी गिरावट
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी घूमने का बना रहे हैं प्लान? जान लें टिकट का चार्ज, समय और पहुंचने का आसान रास्ता
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी घूमने का बना रहे हैं प्लान? जान लें टिकट का चार्ज, समय और पहुंचने का आसान रास्ता
शरीर में विटामिन D की कमी होने पर दिख सकते हैं ये लक्षण, समय रहते ऐसे करें पहचान
शरीर में विटामिन D की कमी होने पर दिख सकते हैं ये लक्षण, समय रहते ऐसे करें पहचान
इतिहास, समुद्र और एडवेंचर का संगम है इजरायल, घूमने के लिए ये 7 जगहें हैं खास
इतिहास, समुद्र और एडवेंचर का संगम है इजरायल, घूमने के लिए ये 7 जगहें हैं खास
हफ्ते में दो बार मछली खाने की सलाह क्यों देते हैं विशेषज्ञ? जानें कौन-सी मछली है बेहतर
हफ्ते में दो बार मछली खाने की सलाह क्यों देते हैं विशेषज्ञ? जानें कौन-सी मछली है बेहतर
अकेले सफर का है शौक तो इन बातों को न करें नजरअंदाज, सुरक्षित रहेगी आपकी यात्रा
अकेले सफर का है शौक तो इन बातों को न करें नजरअंदाज, सुरक्षित रहेगी आपकी यात्रा
खाते वक्त बार-बार दांतों के बीच आ रही है जीभ? शरीर में इन कमियों का हो सकता है संकेत
खाते वक्त बार-बार दांतों के बीच आ रही है जीभ? शरीर में इन कमियों का हो सकता है संकेत
कभी नीली तो कभी फिरोजी नजर आती है पैंगोंग झील, जानें इस खूबसूरत जगह की खासियत
कभी नीली तो कभी फिरोजी नजर आती है पैंगोंग झील, जानें इस खूबसूरत जगह की खासियत