BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल राष्ट्राध्यक्षों के सम्मान में भारत मंडपम में आयोजित गाला डिनर में भारतीय खानपान की विविधता देखने को मिली। मेहमानों के लिए तैयार किए गए खास शाकाहारी मेनू में देश के अलग-अलग हिस्सों के पारंपरिक स्वाद को आधुनिक प्रस्तुति के साथ शामिल किया गया। उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत और पश्चिम से लेकर पूर्वी भारत की पाक परंपराओं की झलक इस खास डिनर में दिखाई दी।
डिनर के मेनू में खांडवी मिल-फॉय, खुंब गलौटी, पनीर लबाबदार और गुच्छी मार्मिक जैसे व्यंजन शामिल रहे। इसके अलावा दक्षिण भारतीय शैली के कैरेट बीन पोरीयल और तक्कली बेले सारू से लेकर मिलेट पुलाव और बीटरूट रायता तक कई तरह के व्यंजन मेहमानों को परोसे गए। भारतीय रोटियों और नान की अलग-अलग किस्मों की टोकरी भी मेन कोर्स का हिस्सा रही।
स्टार्टर्स में खांडवी और खुंब गलौटी का खास अंदाज
डिनर की शुरुआत के लिए दो खास स्टार्टर परोसे गए। इनमें खांडवी मिल-फॉय और खुंब गलौटी शामिल थे। गुजरात के पारंपरिक व्यंजन खांडवी को इस मेनू में नए अंदाज में पेश किया गया। इसे राई, नारियल और कड़ी पत्ते के तड़के के साथ तैयार किया गया और केसरिया आम, माइक्रो-ग्रीन्स तथा दही की ड्रेसिंग के साथ परोसा गया।
दूसरी ओर, खुंब गलौटी अवधी शैली में तैयार किया गया मशरूम का बेहद नर्म कबाब था। इसे शीरमाल ब्रेड पर रखकर पुदीने की गोलियों यानी मिंट पर्ल्स के साथ पेश किया गया। इस प्रस्तुति में पारंपरिक स्वाद के साथ आधुनिक व्यंजन शैली का मेल देखने को मिला।
मेन कोर्स में भारतीय व्यंजनों की लंबी रेंज
मुख्य भोजन में अलग-अलग क्षेत्रों के कई व्यंजन शामिल किए गए थे। पनीर लबाबदार के लिए नर्म पनीर के टुकड़ों को शलॉट्स यानी छोटे प्याज और टमाटर से तैयार गाढ़ी व समृद्ध ग्रेवी में पकाया गया।
मेनू का एक प्रमुख आकर्षण गुच्छी मार्मिक रहा। इसमें हिमालय की दुर्लभ और कीमती गुच्छी मशरूम के साथ ताजे एस्पैरागस को इस्तेमाल किया गया। इसे केसर, मुनक्का और मामरा बादाम के साथ धीमी आंच पर पकाया गया। गुच्छी के इस्तेमाल ने इस व्यंजन को मेनू के खास आकर्षणों में शामिल किया।
दक्षिण भारतीय स्वाद भी मेनू में रहा खास
गाला डिनर के मेनू में दक्षिण भारत के पारंपरिक स्वाद को भी जगह दी गई। कैरेट बीन पोरीयल में गाजर और बीन्स को नारियल के शुद्ध तेल में सुगंधित मसालों के साथ भूनकर तैयार किया गया। इसके ऊपर ताजा कसा हुआ नारियल डाला गया।
इसके साथ तक्कली बेले सारू परोसा गया। यह अरहर यानी तूर दाल, ताजे टमाटर और कड़ी पत्ते से तैयार किया गया हल्का दक्षिण भारतीय सूप या रसम था। मेनू में इन व्यंजनों के जरिए दक्षिण भारतीय भोजन की अलग पहचान को भी शामिल किया गया।
मिलेट पुलाव में पारंपरिक अनाज और आधुनिक प्रस्तुति
मेन कोर्स में मिलेट पुलाव भी शामिल था। इसे बासमती चावल और बाजरा यानी श्रीअन्न के साथ मौसमी मसालों का इस्तेमाल करके तैयार किया गया। इस व्यंजन में पारंपरिक अनाज को खास जगह दी गई।
मिलेट पुलाव के साथ बीटरूट रायता परोसा गया, जिसे ताजे चुकंदर और जड़ी-बूटियों से तैयार किया गया था। भोजन के साथ भारतीय रोटियों और नान की अलग-अलग किस्मों की विविध टोकरी भी मेहमानों के लिए रखी गई।
डेजर्ट में पुरानी दिल्ली की जलेबी और शहतूत फिरनी
डिनर के अंत में मिठास के लिए भी भारतीय स्वाद को प्राथमिकता दी गई। डेजर्ट में मौसमी फलों और हल्की व्हिप्ड क्रीम के साथ पुरानी दिल्ली की प्रसिद्ध कुरकुरी और गरमा-गरम जलेबी परोसी गई। इसके साथ शहतूत फिरनी भी मेनू का हिस्सा रही।
इस तरह डिनर के पूरे मेनू में भारतीय भोजन की क्षेत्रीय विविधता को एक साथ लाने की कोशिश दिखाई दी। पारंपरिक व्यंजनों को आधुनिक और शाही प्रस्तुति के साथ परोसकर मेहमानों के सामने भारतीय खानपान की अलग-अलग शैलियों को पेश किया गया।
'नवरस-द यूनिवर्स ऑफ शेयर्ड इमोशंस' ने जोड़ा सांस्कृतिक रंग
भारत मंडपम में आयोजित गाला डिनर केवल भोजन तक सीमित नहीं रहा। इस दौरान 'नवरस-द यूनिवर्स ऑफ शेयर्ड इमोशंस' नाम से एक खास सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। कार्यक्रम में BRICS देशों की सांस्कृतिक और संगीत परंपराओं को एक मंच पर प्रस्तुत किया गया।
इस प्रस्तुति में BRICS के सदस्य और पार्टनर देशों के संगीतकारों ने साथ मिलकर कार्यक्रम पेश किया। अलग-अलग देशों के पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुनों के साथ भारत की शास्त्रीय नृत्य परंपराओं का समन्वय देखने को मिला।
गाला डिनर के भोजन और सांस्कृतिक कार्यक्रम, दोनों में विविधता को प्रमुखता दी गई। जहां मेनू में भारत के अलग-अलग क्षेत्रों के पारंपरिक व्यंजनों को आधुनिक शैली में पेश किया गया, वहीं 'नवरस' कार्यक्रम में BRICS देशों की संगीत और सांस्कृतिक परंपराओं को एक साथ मंच मिला।













