
जम्मू। दक्षिण कश्मीर की बर्फीली वादियों में स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा की तीर्थयात्रा 2025 में पूरे जोश और आस्था के साथ जारी है। रविवार तड़के एक नया जत्था जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए रवाना हुआ। इस जत्थे में कुल 7,208 तीर्थयात्री शामिल थे, जिनमें 1,587 महिलाएं और 30 छोटे बच्चे भी थे। तीर्थयात्रियों के इस पांचवें जत्थे को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच तड़के 3:35 बजे से 4:15 बजे के बीच दो काफिलों में रवाना किया गया।
बालटाल और पहलगाम मार्गों से शुरू की गई यात्रा
प्रशासन के अनुसार पहला काफिला 147 वाहनों में 3,199 यात्रियों को लेकर गांदरबल जिले के बालटाल रूट से रवाना हुआ। यह मार्ग छोटा जरूर है, लेकिन 14 किलोमीटर की चढ़ाई वाला कठिन ट्रैक है। दूसरा जत्था 160 वाहनों में 4,009 तीर्थयात्रियों को लेकर अनंतनाग जिले में स्थित पहलगाम के पारंपरिक मार्ग से रवाना हुआ, जो 48 किलोमीटर लंबा है।
तीर्थयात्रा में सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बावजूद यात्रा निर्विघ्न चल रही है। उस हमले में 26 लोगों की जान गई थी, जिसके बाद से सुरक्षा व्यवस्था और अधिक कड़ी कर दी गई है। जम्मू स्थित भगवती नगर बेस कैंप को बहु-स्तरीय सुरक्षा घेरे में रखा गया है और हर तीर्थयात्री की पहचान और पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है।
तीर्थयात्रियों की संख्या 50 हजार पार
अधिकारियों के अनुसार, 3 जुलाई से शुरू हुई इस 38 दिवसीय वार्षिक यात्रा में अब तक 50,000 से अधिक श्रद्धालु पवित्र गुफा के दर्शन कर चुके हैं। यह आंकड़ा महज चार दिनों में हासिल हुआ है, जो दर्शाता है कि इस बार यात्रा को लेकर तीर्थयात्रियों में जबरदस्त उत्साह है।
प्राकृतिक बाधाओं के बावजूद श्रद्धा में नहीं आई कमी
बीती रात इलाके में भारी बारिश के कारण तीर्थयात्रियों को कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ा। बारिश से मार्गों में कीचड़ और फिसलन बढ़ गई, लेकिन उसके बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं देखी गई। प्रशासन ने मार्गों पर एहतियातन चौकसी और मदद के लिए विशेष टीमें तैनात की हैं।
तीर्थयात्रियों के लिए विशेष सुविधाएं
इस बार तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए जम्मू में दर्जनों शिविर स्थापित किए गए हैं। यात्रियों के ऑनस्पॉट पंजीकरण के लिए 12 विशेष काउंटर बनाए गए हैं। साथ ही अब तक साढ़े तीन लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन भी कराया है, जो इस साल की तीर्थयात्रा की विशालता को दर्शाता है।
उपराज्यपाल ने दिखाई थी हरी झंडी
इस यात्रा को उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 3 जुलाई को भगवती नगर आधार शिविर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। इसके बाद से हर दिन हज़ारों की संख्या में श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन को रवाना हो रहे हैं।
आगे क्या?
38 दिनों तक चलने वाली अमरनाथ यात्रा इस बार अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित और श्रद्धा से भरपूर दिखाई दे रही है। जैसे-जैसे दिन बीतते जाएंगे, श्रद्धालुओं की संख्या में और भी इज़ाफा होने की उम्मीद है। प्रशासन की प्राथमिकता श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा बनी हुई है।














