
राजस्थान के जैसलमेर जिले में एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां रेलवे ट्रैक पर ट्रेन की चपेट में आने से 6 ऊंटों की मौत हो गई। यह घटना लाठी गांव के पास उस समय हुई जब लीलण एक्सप्रेस गुजर रही थी। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। दुर्घटना इतनी भयावह थी कि दो ऊंट ट्रेन के इंजन में बुरी तरह फंस गए, जिन्हें बाहर निकालने में काफी समय लग गया। इस वजह से ट्रेन को कुछ देर तक ट्रैक पर ही रोकना पड़ा और करीब 20 से 30 मिनट तक रेल वहीं खड़ी रही।
पटरी पार करते समय हुआ हादसा
मिली जानकारी के अनुसार रविवार देर रात लगभग 1 बजे ऊंटों का एक झुंड लाठी रेलवे स्टेशन के पास पटरी पार कर रहा था। उसी दौरान जैसलमेर से पोकरण की ओर जा रही लीलण एक्सप्रेस वहां पहुंच गई। ट्रेन की आवाज सुनते ही ऊंटों के झुंड में घबराहट फैल गई और वे इधर-उधर भागने लगे। इस अफरा-तफरी के बीच कई ऊंट ट्रेन की चपेट में आ गए। हादसे में 5 ऊंटों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो ऊंट ट्रेन के इंजन में फंस गए, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो गई।
इंजन में फंसे ऊंटों को निकालने में लगी मशक्कत
दुर्घटना के बाद ट्रेन को बीच ट्रैक पर ही रोकना पड़ा क्योंकि इंजन में फंसे ऊंटों के कारण आगे बढ़ना संभव नहीं था। रेलवे कर्मचारियों और स्थानीय लोगों की मदद से काफी प्रयास के बाद ऊंटों को इंजन से बाहर निकाला गया। इस पूरी प्रक्रिया में करीब 20-30 मिनट का समय लग गया, जिसके कारण ट्रेन वहीं खड़ी रही। बाद में जब रास्ता साफ हुआ तब ट्रेन को आगे के लिए रवाना किया गया। इस दौरान ट्रेन में सवार यात्रियों को भी काफी देर तक इंतजार करना पड़ा।
घटना की सूचना मिलने पर सुबह रेलवे के जमादार रेंवतराम चौधरी, वन्यजीव प्रेमी मुकेश भील और कई ग्रामीण मौके पर पहुंचे। सभी ने मिलकर मृत ऊंटों को रेलवे ट्रैक से हटाकर किनारे करवाया ताकि रेल यातायात सामान्य रूप से जारी रह सके।
क्षेत्र में पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे
स्थानीय लोगों का कहना है कि लाठी और आसपास के इलाके में पशुपालन काफी बड़े पैमाने पर किया जाता है। यहां खेती के साथ-साथ लोग ऊंट और अन्य मवेशी भी पालते हैं, इसलिए क्षेत्र में पशुओं की संख्या काफी अधिक है। पोकरण-जैसलमेर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-11 के आसपास कई गांव ऐसे हैं जिनके उत्तर और दक्षिण दिशा से रेलवे ट्रैक गुजरता है। ट्रैक के आसपास का इलाका अक्सर सुनसान और झाड़ियों से घिरा रहता है, जहां मवेशी चरने के लिए पहुंच जाते हैं।
इसी वजह से कई बार जानवर रेलवे पटरी के पास पहुंच जाते हैं और ट्रेन की चपेट में आकर हादसे का शिकार हो जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं, लेकिन पशुओं की सुरक्षा के लिए अभी तक कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है। लोगों ने मांग की है कि रेलवे प्रशासन और संबंधित विभाग इस दिशा में उचित कदम उठाएं, ताकि भविष्य में ऐसे दर्दनाक हादसों को रोका जा सके।














