
गुजरात के राजकोट जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया है। चोटीला हाईवे पर बस और टैंकर की जोरदार टक्कर के बाद लगी भीषण आग में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 10 यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। टक्कर के बाद बस में आग इतनी तेजी से फैली कि कई लोग बाहर निकल भी नहीं पाए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और चीख-पुकार गूंज उठी।
अहमदाबाद से राजकोट जा रही थी बस
जानकारी के मुताबिक यह हादसा एक निजी लग्जरी बस के साथ हुआ, जो अहमदाबाद से राजकोट की ओर जा रही थी। इसी दौरान चोटीला हाईवे पर सामने चल रहे डामर से भरे टैंकर से उसकी जोरदार टक्कर हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बस तेज रफ्तार में थी और पीछे से टैंकर में टकरा गई, जिसके बाद दोनों वाहनों में आग लग गई।
टक्कर इतनी भीषण थी कि कुछ ही पलों में बस आग की लपटों में घिर गई और अंदर मौजूद यात्रियों में हड़कंप मच गया। कई यात्रियों ने किसी तरह अपनी जान बचाने की कोशिश की, जबकि कुछ लोग आग की चपेट में आ गए।
आग लगते ही मचा हड़कंप, रेस्क्यू शुरू
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकालने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। दमकल की कई गाड़ियों की मदद से आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
पुलिस के अनुसार बस में करीब 40 यात्री सवार थे। इनमें से कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन चार लोगों की मौके पर ही जलकर मौत हो गई। वहीं 10 यात्रियों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
रात डेढ़ बजे हुआ हादसा
पुलिस उपाधीक्षक एसएस भदोरिया ने जानकारी दी कि यह हादसा रात करीब 1:30 बजे चोटीला-राजकोट नेशनल हाईवे पर संगानी गांव के पास हुआ। तेज रफ्तार और अचानक हुई टक्कर ने स्थिति को बेहद भयावह बना दिया।
डिप्टी कलेक्टर एचटी मकवाना के अनुसार, “प्राइवेट बस और डामर से भरे टैंकर की टक्कर के बाद बस में आग लग गई, जिसमें चार यात्रियों की जलकर मौत हो गई।” उन्होंने बताया कि घायलों को तुरंत राजकोट सिविल अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है।
शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए चोटिला रेफरल अस्पताल भेजा गया है। वहीं हादसे में घायल यात्रियों की हालत पर डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि जैसे ही सूचना मिली, फायर ब्रिगेड की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया गया। फिलहाल हादसे के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है।
हाईवे हादसों पर फिर उठे सवाल
यह पहली घटना नहीं है जब गुजरात में इस तरह का भीषण सड़क हादसा हुआ हो। इससे पहले 11 मई को आणंद जिले में ट्रक और टेम्पो की टक्कर में चार लोगों की मौत हो गई थी और पांच लोग घायल हुए थे।
उस हादसे में टेम्पो सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकरा गया था, जिसमें कई मजदूर सवार थे। टक्कर इतनी जोरदार थी कि टेम्पो का अगला हिस्सा पूरी तरह से चकनाचूर हो गया था।
खड़े वाहनों और तेज रफ्तार पर चिंता
इन लगातार हो रहे हादसों ने एक बार फिर हाईवे पर सुरक्षा व्यवस्था और तेज रफ्तार वाहनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर रात और सुबह के समय जब दृश्यता कम होती है, तब सड़क किनारे खड़े वाहन बड़ी दुर्घटनाओं का कारण बन जाते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन और हाईवे पर बेहतर निगरानी व्यवस्था हो, तो ऐसे कई दर्दनाक हादसों को रोका जा सकता है।













