
दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन ने सियासी माहौल को गरमा दिया है। इंडियन यूथ कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं द्वारा कथित तौर पर शर्ट उतारकर किए गए प्रदर्शन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि एक वैश्विक मंच को राजनीतिक विरोध का अखाड़ा बनाना देश की छवि को नुकसान पहुंचाने जैसा है।
“भारत की उपलब्धि से कुछ दल असहज”
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि देश में कुछ राजनीतिक ताकतें भारत की प्रगति को स्वीकार नहीं कर पा रहीं। उन्होंने सवाल किया कि जब देश में विश्वस्तरीय एआई सम्मेलन आयोजित हुआ तो क्या देशवासियों को गर्व नहीं होना चाहिए था? उनके मुताबिक, जहां पूरा देश इस आयोजन पर गौरवान्वित था, वहीं कांग्रेस और उससे जुड़े समूहों ने इसे विवाद का विषय बना दिया।
उन्होंने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय मेहमानों की मौजूदगी में इस तरह का प्रदर्शन भारत की प्रतिष्ठा के खिलाफ है। पीएम ने कटाक्ष करते हुए कहा कि जिन लोगों को देश की उपलब्धि पर खुश होना चाहिए था, उन्होंने मर्यादा की सीमाएं लांघ दीं।
“देश की छवि दांव पर क्यों?”
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत जैसे देश में जब कोई बड़ा आयोजन होता है तो आम नागरिक से लेकर प्रशासन तक सभी उसकी सफलता के लिए प्रयासरत रहते हैं। गांवों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि जब किसी के घर समारोह होता है तो पूरा गांव उसे सफल बनाने में जुट जाता है, ताकि बाहर से आए लोग अच्छी छवि लेकर लौटें।
उनके अनुसार, एआई समिट किसी राजनीतिक दल का कार्यक्रम नहीं था, बल्कि देश का आयोजन था। ऐसे में इसे राजनीतिक विरोध का मंच बनाना अनुचित है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्व अपनी राजनीतिक असहमति को अंतरराष्ट्रीय मंचों तक ले जाकर देश की साख को प्रभावित करने का प्रयास कर रहा है।
“व्यक्तिगत हमलों से नहीं डिगेंगे”
प्रधानमंत्री ने अपने ऊपर होने वाले व्यक्तिगत हमलों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन व्यक्तिगत टिप्पणी और अपमानजनक भाषा स्वीकार्य नहीं हो सकती। उन्होंने यह भी कहा कि आलोचना से उन्हें फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि वे देशहित में काम करते रहेंगे।
क्या था विवाद?
दरअसल, ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ के दौरान शुक्रवार (20 फरवरी) को इंडियन यूथ कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ता कार्यक्रम स्थल के भीतर पहुंचे और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने बेरोजगारी, महंगाई और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते जैसे मुद्दों को उठाया।
कुछ कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर शर्ट उतारकर समिट के डिस्प्ले बोर्ड के सामने विरोध दर्ज कराया और तस्वीरें भी खिंचवाईं। सुरक्षा कर्मियों ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।













