न्यूज़
Toxic Yogi Adityanath Jyotish Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

दिल्ली शराब नीति मामला: केजरीवाल-सिसोदिया समेत 23 आरोपियों को हाई कोर्ट का नोटिस, 16 मार्च को अगली सुनवाई

दिल्ली शराब नीति मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया समेत 23 आरोपियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। CBI की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने मामले की अगली तारीख 16 मार्च तय की है।

Posts by : Jhanvi Gupta | Updated on: Mon, 09 Mar 2026 3:18:30

दिल्ली शराब नीति मामला: केजरीवाल-सिसोदिया समेत 23 आरोपियों को हाई कोर्ट का नोटिस, 16 मार्च को अगली सुनवाई

नई दिल्ली: दिल्ली की चर्चित आबकारी नीति से जुड़े मामले में Delhi High Court ने अहम कदम उठाते हुए Central Bureau of Investigation (CBI) की उस याचिका पर सुनवाई की, जिसमें निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी गई है। निचली अदालत यानी Rouse Avenue Court ने पहले इस मामले में Arvind Kejriwal, Manish Sisodia समेत कुल 23 आरोपियों को आरोपमुक्त कर दिया था। अब हाई कोर्ट ने CBI की अपील को स्वीकार करते हुए सभी आरोपियों को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने को कहा है। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई 16 मार्च को तय की है।

सभी आरोपियों से मांगा गया जवाब

सुनवाई के दौरान Delhi High Court ने साफ किया कि मामले में आरोपमुक्त किए गए सभी 23 व्यक्तियों को नोटिस जारी कर उनसे विस्तृत जवाब मांगा जाएगा। कोर्ट ने यह भी कहा कि जब तक हाई कोर्ट में इस अपील पर सुनवाई पूरी नहीं हो जाती, तब तक हवाला से जुड़े मामले में Enforcement Directorate (ED) की कार्यवाही आगे नहीं बढ़ेगी।

अदालत ने यह भी संकेत दिया कि निचली अदालत के कुछ निष्कर्षों में तथ्यात्मक त्रुटियां हो सकती हैं। साथ ही हाई कोर्ट ने उस हिस्से पर भी रोक लगाने की बात कही, जिसमें ट्रायल कोर्ट ने CBI के जांच अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच की सिफारिश की थी। कोर्ट का मानना है कि इन टिप्पणियों की भी उच्च स्तर पर समीक्षा जरूरी है।

CBI ने फैसले को दी चुनौती

सुनवाई के दौरान CBI की ओर से सॉलिसिटर जनरल Tushar Mehta ने अदालत के सामने अपनी दलीलें रखीं। उन्होंने कहा कि एजेंसी ने ट्रायल कोर्ट द्वारा दिए गए डिस्चार्ज आदेश को चुनौती दी है क्योंकि जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं।

मेहता ने अदालत से कहा कि यह मामला देश की राजधानी के इतिहास के सबसे बड़े घोटालों में से एक माना जा सकता है। उन्होंने इसे “राष्ट्रीय शर्म” तक करार देते हुए कहा कि जांच पूरी तरह वैज्ञानिक तरीके से की गई है और इसमें कई महत्वपूर्ण सबूत सामने आए हैं। उनके मुताबिक आबकारी नीति को इस तरह तैयार किया गया था कि कुछ खास व्यापारियों को इसका सीधा फायदा मिले।

चुनिंदा कारोबारियों को फायदा पहुंचाने का आरोप


CBI की दलील में यह भी कहा गया कि दिल्ली की आबकारी नीति को जानबूझकर इस प्रकार तैयार किया गया, जिससे कुछ चुनिंदा कारोबारियों को लाभ पहुंच सके। सॉलिसिटर जनरल के अनुसार नीति को कथित रूप से “मैनिपुलेट” किया गया था और इसके जरिए बड़े पैमाने पर आर्थिक लाभ पहुंचाने की योजना बनाई गई।

एजेंसी का दावा है कि इस पूरे मामले में हवाला के माध्यम से धन का लेन-देन भी हुआ। उन्होंने अदालत से कहा कि ऐसे मामलों में आरोपी अक्सर इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताते हैं, लेकिन इससे जांच में सामने आए तथ्यों की गंभीरता कम नहीं हो जाती।

गवाहों के बयानों का भी दिया हवाला

CBI ने अपनी दलीलों के समर्थन में कई गवाहों के बयानों का भी जिक्र किया। सॉलिसिटर जनरल ने बताया कि इस मामले में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 164 के तहत कई महत्वपूर्ण गवाहों के बयान दर्ज किए गए हैं। यह बयान मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज किए जाते हैं और इनकी कानूनी अहमियत धारा 161 के बयानों से अलग होती है।

एजेंसी के अनुसार इन बयानों में कथित साजिश, रिश्वत के भुगतान और पैसों के लेन-देन से जुड़े कई विवरण सामने आए हैं। CBI का दावा है कि गवाहों ने बताया है कि किस तरह से पूरी योजना तैयार की गई और किसे इसका फायदा मिला।

डिजिटल सबूत भी जांच का हिस्सा


सुनवाई के दौरान Tushar Mehta ने अदालत को बताया कि जांच एजेंसी ने डिजिटल सबूत भी जुटाए हैं। इनमें ईमेल, व्हाट्सएप चैट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड शामिल हैं। उनके अनुसार यह कोई मनगढ़ंत आरोप नहीं बल्कि ठोस दस्तावेजी साक्ष्यों पर आधारित मामला है।

उन्होंने कहा कि एजेंसी ने विस्तृत जांच के बाद दस्तावेज, गवाहों के बयान और फॉरेंसिक सामग्री एकत्र की है। इसके बावजूद ट्रायल कोर्ट के फैसले में इन पहलुओं को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया।

“जल्दी न्याय जरूरी, लेकिन सही भी होना चाहिए”

सॉलिसिटर जनरल ने यह भी कहा कि अदालतों का उद्देश्य जल्द न्याय देना होता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि किसी मामले के तथ्यों की अनदेखी हो जाए। उन्होंने बताया कि एजेंसी की ओर से अदालत में कई दिनों तक बहस की गई थी, जबकि निर्णय अपेक्षाकृत कम समय में दे दिया गया।

उनके मुताबिक ट्रायल कोर्ट का फैसला आपराधिक कानून की सामान्य प्रक्रिया से अलग प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि गवाहों के बयानों की पुष्टि ट्रायल के दौरान जिरह के जरिए होती है, न कि डिस्चार्ज के चरण में।

रिश्वत और पैसों के ट्रांसफर का आरोप

CBI के वकील ने अदालत को बताया कि जांच के दौरान ऐसे संकेत मिले हैं कि कथित लाभ के बदले 19 करोड़ से लेकर 100 करोड़ रुपये तक की रिश्वत दी गई। एजेंसी के मुताबिक इनमें से करीब 44.50 करोड़ रुपये हवाला चैनलों के जरिए ट्रांसफर किए गए।

जांच में यह भी दावा किया गया है कि इस धन का इस्तेमाल चुनावी गतिविधियों, खासकर गोवा चुनाव के लिए फंड जुटाने में किया गया था। हालांकि इन आरोपों की सत्यता का अंतिम फैसला अदालत की सुनवाई के बाद ही होगा।

निचली अदालत के आदेश पर सवाल

CBI ने यह भी कहा कि ट्रायल कोर्ट के फैसले के कुछ हिस्से तथ्यात्मक रूप से सही नहीं हैं। एजेंसी के मुताबिक कई ऐसे सबूत थे जिन्हें आदेश में पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया। इसके अलावा जांच के दौरान सबूत नष्ट किए जाने के भी उदाहरण सामने आए हैं।

सॉलिसिटर जनरल ने अदालत को बताया कि इस मामले में करीब 170 मोबाइल फोन नष्ट किए जाने के संकेत मिले हैं। एजेंसी का कहना है कि इन उपकरणों में महत्वपूर्ण डिजिटल जानकारी मौजूद हो सकती थी।

अब इस पूरे मामले पर अंतिम फैसला आने से पहले Delhi High Court में विस्तृत सुनवाई होगी, जहां सभी पक्ष अपने-अपने तर्क और साक्ष्य पेश करेंगे। फिलहाल अदालत ने सभी आरोपियों से जवाब मांगा है और अगली सुनवाई की तारीख 16 मार्च तय की गई है।

राज्य
View More

Shorts see more

पिंपल्स और ऑयली स्किन से छुटकारा पाने के आसान और असरदार तरीके

पिंपल्स और ऑयली स्किन से छुटकारा पाने के आसान और असरदार तरीके

  • पिंपल्स कंट्रोल करें आसान स्टेप्स से
  • साफ और ग्लोइंग स्किन के लिए सही रूटीन अपनाएं
  • हाइड्रेशन और हेल्दी लाइफस्टाइल से स्किन चमकदार बनाएं
read more

ताजा खबरें
View More

नेपाल की बाढ़ में सुरक्षित बचा हरा घर, मालकिन लक्ष्मी पांडेय बोलीं- ‘हमारा दूसरा जन्म हुआ’
नेपाल की बाढ़ में सुरक्षित बचा हरा घर, मालकिन लक्ष्मी पांडेय बोलीं- ‘हमारा दूसरा जन्म हुआ’
टाइम्स स्क्वायर में महिला ने 2 लोगों पर चाकू से किया हमला, एक की मौत; पुलिस ने आरोपी को मारी गोली
टाइम्स स्क्वायर में महिला ने 2 लोगों पर चाकू से किया हमला, एक की मौत; पुलिस ने आरोपी को मारी गोली
‘बेदाग थे, बेदाग हैं, बेदाग रहेंगे’, चंपत राय को लेकर केशव मौर्य ने पहले ही सुना दिया फैसला
‘बेदाग थे, बेदाग हैं, बेदाग रहेंगे’, चंपत राय को लेकर केशव मौर्य ने पहले ही सुना दिया फैसला
CJP को मनाने में जुटी सरकार, सौरभ दास बोले- पुडुचेरी तक पहुंच गई कमिटी
CJP को मनाने में जुटी सरकार, सौरभ दास बोले- पुडुचेरी तक पहुंच गई कमिटी
हल्द्वानी ‘शुद्धिकरण’ विवाद ने पकड़ा तूल, कांग्रेस का प्रदर्शन का ऐलान; धामी ने राहुल गांधी पर साधा निशाना
हल्द्वानी ‘शुद्धिकरण’ विवाद ने पकड़ा तूल, कांग्रेस का प्रदर्शन का ऐलान; धामी ने राहुल गांधी पर साधा निशाना
PM मोदी की लोगों से खास अपील- जरूरत न हो तो सोना न खरीदें, विदेश में...
PM मोदी की लोगों से खास अपील- जरूरत न हो तो सोना न खरीदें, विदेश में...
‘पद्मावत’ के जौहर सीन पर फिर बोली स्वरा भास्कर, यूजर्स ने जमकर किया विरोध
‘पद्मावत’ के जौहर सीन पर फिर बोली स्वरा भास्कर, यूजर्स ने जमकर किया विरोध
'शादी एक बेकार कॉन्सेप्ट है', बादशाह का पुराना बयान फिर चर्चा में
'शादी एक बेकार कॉन्सेप्ट है', बादशाह का पुराना बयान फिर चर्चा में
दो सप्ताह फ्लॉप, चौथे में ब्लॉकबस्टर! ‘हनुमान अंश’ ने बदल दी बॉक्स ऑफिस की पूरी कहानी
दो सप्ताह फ्लॉप, चौथे में ब्लॉकबस्टर! ‘हनुमान अंश’ ने बदल दी बॉक्स ऑफिस की पूरी कहानी
‘टॉक्सिक’ की असफलता: कमजोर कथानक को ढक नहीं पाई सितारे की चमक, KGF की छाया से बाहर नहीं आए यश
‘टॉक्सिक’ की असफलता: कमजोर कथानक को ढक नहीं पाई सितारे की चमक, KGF की छाया से बाहर नहीं आए यश
'पति और बच्चों को बेरोजगार कहा', अर्चना पूरन सिंह के ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ में जाने पर भड़के सुनील पाल
'पति और बच्चों को बेरोजगार कहा', अर्चना पूरन सिंह के ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ में जाने पर भड़के सुनील पाल
कौन हैं शोभिनव सत्य? नीम करोली बाबा बनकर पहली ही फिल्म में जीता दर्शकों का दिल
कौन हैं शोभिनव सत्य? नीम करोली बाबा बनकर पहली ही फिल्म में जीता दर्शकों का दिल
हाथ में भाला, चेहरे पर खून और आंखों में गुस्सा… ‘मैसा’ में रश्मिका का नया अवतार देख फैंस के उड़े होश
हाथ में भाला, चेहरे पर खून और आंखों में गुस्सा… ‘मैसा’ में रश्मिका का नया अवतार देख फैंस के उड़े होश
सरकारी नौकरी का बड़ा मौका! MP में ग्रुप-3 के 1700 पदों पर भर्ती, 12 सितंबर तक करें आवेदन
सरकारी नौकरी का बड़ा मौका! MP में ग्रुप-3 के 1700 पदों पर भर्ती, 12 सितंबर तक करें आवेदन