
Tejashwi Yadav ने बिहार विधान परिषद उपचुनाव में आरजेडी की जीत के बाद एनडीए पर जोरदार हमला बोला है। भोजपुर-बक्सर स्थानीय प्राधिकार एमएलसी सीट पर मिली सफलता से उत्साहित तेजस्वी यादव ने दावा किया कि यदि देश में चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाएं, तो भाजपा और एनडीए का टिक पाना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने ईवीएम प्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सत्ता में बैठे लोग मशीनों के जरिए चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करते हैं, इसलिए सभी चुनाव पारंपरिक बैलेट पेपर से होने चाहिए।
दरअसल, हाल ही में हुए भोजपुर-बक्सर एमएलसी उपचुनाव में राष्ट्रीय जनता दल ने जनता दल यूनाइटेड को मात देकर सीट अपने नाम कर ली। इस जीत के बाद तेजस्वी यादव ने इसे जनता का सीधा संदेश बताते हुए कहा कि बैलेट आधारित चुनावों में असली जनमत सामने आता है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं, नेताओं और मतदाताओं को जीत की बधाई देते हुए कहा कि यह परिणाम विपक्ष के लिए बेहद उत्साहजनक है।
गुरुवार को मीडिया से बातचीत के दौरान तेजस्वी ने कहा, “भोजपुर-बक्सर एमएलसी उपचुनाव में आरजेडी उम्मीदवार सोनू राय ने भारी मतों से जीत दर्ज की है। एनडीए को करारी शिकस्त मिली है। यह चुनाव बैलेट पेपर से हुआ और नतीजा सबके सामने है। अगर पूरे देश में बैलेट से मतदान कराया जाए तो भाजपा और एनडीए कहीं दिखाई नहीं देंगे।”
उन्होंने आगे दावा किया कि यदि पिछले बिहार विधानसभा चुनाव भी बैलेट पेपर से हुए होते, तो महागठबंधन को 150 से अधिक सीटें मिल सकती थीं। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों के जरिए चुनाव परिणामों को प्रभावित किया जाता है। उनके मुताबिक, सरकार में बैठे लोग मशीनों का इस्तेमाल कर विपक्षी दलों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करते हैं।
ईवीएम पर अपनी आपत्ति दोहराते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि मशीनों से मतदान कराने के बावजूद मतगणना में लंबा समय लगता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब वोटों की गिनती देर रात तक चलती है और पूरा दिन लग जाता है, तो फिर ईवीएम का लाभ क्या है। उन्होंने कहा कि पहले बैलेट पेपर के दौर में भी मतगणना में समय लगता था और अब भी वही स्थिति बनी हुई है। ऐसे में बैलेट पेपर प्रणाली को दोबारा लागू करने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए।
तेजस्वी ने कहा कि बैलेट पेपर में पारदर्शिता ज्यादा होती है और जनता को चुनाव प्रक्रिया पर अधिक भरोसा रहता है। उनका दावा था कि निष्पक्ष बैलेट चुनावों में भाजपा और एनडीए को जनता का वैसा समर्थन नहीं मिलेगा जैसा ईवीएम आधारित चुनावों में दिखाई देता है।
वहीं, भोजपुर-बक्सर स्थानीय प्राधिकार सीट के नतीजों की बात करें तो आरजेडी उम्मीदवार सोनू राय ने जेडीयू प्रत्याशी कन्हैया प्रसाद को 350 से ज्यादा मतों से पराजित किया। इस जीत के साथ आरजेडी ने जेडीयू से यह सीट छीन ली। चुनावी नतीजों को बिहार की राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह मुकाबला एनडीए और महागठबंधन दोनों के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गया था।
गौरतलब है कि पहले इस सीट पर जेडीयू के राधाचरण साह सदस्य थे। बाद में संदेश विधानसभा सीट से विधायक चुने जाने के कारण उन्हें विधान परिषद की सदस्यता छोड़नी पड़ी, जिससे यह सीट खाली हुई थी। उपचुनाव में जेडीयू ने उनके बेटे कन्हैया प्रसाद को मैदान में उतारा था, लेकिन वे जीत हासिल नहीं कर सके। दूसरी ओर, आरजेडी ने इस जीत को आगामी चुनावों से पहले अपने बढ़ते जनाधार का संकेत बताया है।













