
देशभर में मतदाता सूचियों को अधिक पारदर्शी, सटीक और त्रुटिरहित बनाने की दिशा में चुनाव आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) अभियान के तीसरे चरण की शुरुआत का ऐलान कर दिया है। इस चरण के तहत 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में बड़े स्तर पर मतदाता सत्यापन अभियान चलाया जाएगा। आयोग के अनुसार लगभग 36.73 करोड़ मतदाताओं का घर-घर जाकर सत्यापन किया जाएगा, ताकि फर्जी, डुप्लीकेट और गलत प्रविष्टियों को हटाकर वोटर लिस्ट को और अधिक विश्वसनीय बनाया जा सके। इस अभियान में उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, पंजाब, तेलंगाना, हरियाणा और चंडीगढ़ समेत कई अहम राज्य शामिल किए गए हैं।
इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चलेगा विशेष पुनरीक्षण अभियान
चुनाव आयोग द्वारा जारी जानकारी के मुताबिक तीसरे चरण में ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम, मणिपुर, दादरा एवं नगर हवेली और दमन-दीव, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, तेलंगाना, पंजाब, कर्नाटक, मेघालय, महाराष्ट्र, झारखंड, दिल्ली, नागालैंड और त्रिपुरा को शामिल किया गया है। आयोग का कहना है कि यह पूरा कार्यक्रम जनगणना के हाउस लिस्टिंग अभियान के साथ समन्वय बनाकर तैयार किया गया है, ताकि दोनों प्रक्रियाओं के दौरान प्रशासनिक कार्यों में आसानी हो सके।
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस तीसरे चरण के पूरा होने के बाद हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को छोड़कर लगभग पूरे देश में SIR प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। इन क्षेत्रों में मौसम और जनगणना के दूसरे चरण को ध्यान में रखते हुए बाद में अलग कार्यक्रम घोषित किया जाएगा, क्योंकि कई इलाकों में भारी बर्फबारी और भौगोलिक चुनौतियां हैं।
मई से सितंबर 2026 तक चलेगा अभियान
चुनाव आयोग ने SIR अभियान का विस्तृत कैलेंडर भी जारी कर दिया है। इसके तहत मई से सितंबर 2026 के बीच अलग-अलग राज्यों में मतदाता सूची पुनरीक्षण का कार्य चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। इस प्रक्रिया में घर-घर जाकर मतदाता सत्यापन, मतदान केंद्रों का पुनर्गठन, ड्राफ्ट वोटर लिस्ट का प्रकाशन, दावे और आपत्तियों का निपटारा तथा अंतिम मतदाता सूची जारी करने जैसे अहम कार्य शामिल होंगे।
सबसे पहले ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम और मणिपुर में 30 मई से 28 जून तक घर-घर सत्यापन अभियान चलाया जाएगा। इसके बाद 6 सितंबर 2026 को इन राज्यों की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। वहीं महाराष्ट्र, कर्नाटक, झारखंड, दिल्ली और मेघालय जैसे बड़े राज्यों में यह प्रक्रिया जून के अंतिम सप्ताह से शुरू होकर 7 अक्टूबर 2026 तक जारी रहेगी।
करीब 4 लाख BLO करेंगे घर-घर सत्यापन
चुनाव आयोग के मुताबिक इस बड़े अभियान को सफल बनाने के लिए लगभग 3.94 लाख बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) तैनात किए जाएंगे। ये अधिकारी घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी का सत्यापन करेंगे। इनके साथ राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त लगभग 3.42 लाख बूथ लेवल एजेंट (BLA) भी सहयोग करेंगे, ताकि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी बनी रहे।
आयोग ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे प्रत्येक मतदान केंद्र पर अपने BLA नियुक्त करें, जिससे सत्यापन प्रक्रिया में सभी पक्षों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। आयोग ने बताया कि इससे पहले पहले और दूसरे चरण में 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लगभग 59 करोड़ मतदाताओं के लिए इसी तरह का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान चलाया जा चुका है। उस दौरान 6.3 लाख से अधिक BLO और 9.2 लाख से ज्यादा BLA इस प्रक्रिया में शामिल हुए थे।
महाराष्ट्र में सबसे अधिक मतदाता, दिल्ली में भी बड़ा अभियान
आंकड़ों के अनुसार इस चरण में सबसे अधिक मतदाता महाराष्ट्र में हैं, जहां करीब 9.86 करोड़ मतदाताओं का सत्यापन किया जाएगा। इसके लिए राज्य में 97,924 BLO और 96,949 BLA की तैनाती की जाएगी। वहीं कर्नाटक में लगभग 5.55 करोड़, आंध्र प्रदेश में 4.16 करोड़ और तेलंगाना में 3.39 करोड़ मतदाता इस प्रक्रिया के दायरे में आएंगे।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी यह अभियान बड़े स्तर पर चलाया जाएगा, जहां लगभग 1.48 करोड़ मतदाताओं के सत्यापन के लिए 13,026 BLO और 28,881 BLA नियुक्त किए गए हैं। चुनाव आयोग का कहना है कि इस विशेष गहन पुनरीक्षण का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाना, फर्जी या दोहराए गए नाम हटाना और हर पात्र नागरिक को वोटर लिस्ट में शामिल करना है, ताकि चुनाव प्रणाली को और अधिक निष्पक्ष, मजबूत और भरोसेमंद बनाया जा सके।












