न्यूज़
Yogi Adityanath Tejashwi Yadav Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

बिहार में 35 लाख वोटरों के नाम हटने की तैयारी, चुनाव आयोग ने जारी किए आंकड़े

बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची के पुनरीक्षण अभियान के तहत अब तक 35 लाख से अधिक नाम हटाए जाने की प्रक्रिया तय हो चुकी है। चुनाव आयोग ने आंकड़ों के साथ इस पर विस्तृत जानकारी दी है और हर पात्र मतदाता को जोड़ने का भरोसा दिलाया है।

Posts by : Kratika Maheshwari | Updated on: Tue, 15 July 2025 09:10:29

बिहार में 35 लाख वोटरों के नाम हटने की तैयारी, चुनाव आयोग ने जारी किए आंकड़े

बिहार में विधानसभा चुनाव जैसे बड़े लोकतांत्रिक उत्सव से पहले मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान पूरे जोर-शोर से चलाया जा रहा है। इस प्रक्रिया का मकसद सिर्फ आंकड़ों को सुधारना नहीं, बल्कि हर एक मतदाता की अहमियत को पहचान देना है। अब तक की प्रक्रिया के तहत 35 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने की तैयारी है। यह कोई छोटी बात नहीं, क्योंकि हर एक नाम के पीछे एक नागरिक की पहचान और अधिकार छिपा होता है।

इन नामों में वे लोग शामिल हैं जो अब इस दुनिया में नहीं हैं, यानी मृत पाए गए हैं, या फिर जो स्थायी रूप से बिहार से बाहर जा चुके हैं, या जिनका नाम गलती से एक से ज्यादा जगहों पर दर्ज हो गया है। चुनाव आयोग ने सोमवार को जानकारी दी कि बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान अब तक 83.66 फीसदी गणना फॉर्म प्राप्त हो चुके हैं — यह संख्या बताती है कि लोग भी अब अपने अधिकार को लेकर जागरूक हो रहे हैं।

आयोग के अनुसार, अब तक के आंकड़ों से यह सामने आया है कि लगभग 1.59 फीसदी यानी 12,55,620 मतदाता मृत पाए गए हैं। वहीं 2.2 फीसदी (17,37,336) मतदाता ऐसे हैं, जो स्थायी रूप से दूसरी जगह स्थानांतरित हो चुके हैं — शायद रोजगार, शिक्षा या अन्य कारणों से। इसके अलावा, 0.73 फीसदी (5,76,479) मतदाता ऐसे पाए गए हैं जिनके नाम एक से अधिक जगहों पर दर्ज हैं। आयोग के अनुसार, इन सभी वर्गों को मिलाकर लगभग 35,69,435 नाम मतदाता सूची से हटाए जाएंगे। हालांकि यह अंतिम आंकड़ा नहीं है, क्योंकि फॉर्म भरने की प्रक्रिया अब भी जारी है — और हर दिन नए अपडेट सामने आ रहे हैं।

आयोग ने बताया कि राज्य में कुल 7,89,69,844 मतदाताओं में से अब तक 6,60,67,208 मतदाताओं के फॉर्म प्राप्त हो चुके हैं। यानी अब केवल 11.82 फीसदी मतदाता ही बचे हैं, जिनसे फॉर्म भरवाना बाकी है। ये वही लोग हैं जिनमें से कई या तो गांव से बाहर गए हैं, या अब तक समय नहीं निकाल पाए हैं। मगर अच्छी बात यह है कि कई लोगों ने दस्तावेज़ों के साथ फॉर्म भरने के लिए समय मांगा है। यह बताता है कि लोग खुद को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़ा हुआ महसूस कर रहे हैं।

चुनाव आयोग द्वारा हाल ही में लॉन्च किए गए ईसीआई-नेट प्लेटफॉर्म ने इस प्रक्रिया को डिजिटल रूप से और भी आसान बना दिया है। सोमवार की शाम तक इस प्लेटफॉर्म पर 5.74 करोड़ फॉर्म अपलोड किए जा चुके थे — यह आंकड़ा बताता है कि तकनीक किस तरह लोकतंत्र को मजबूती दे रही है।

कोई भी पात्र मतदाता नहीं छूटे: चुनाव आयोग का भरोसा


आयोग ने यह भरोसा दिलाया है कि 'कोई भी पात्र मतदाता छूट न जाए' — इस सोच के साथ वह जमीनी स्तर पर हर संभव प्रयास कर रहा है। जल्द ही एक लाख बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) घर-घर जाकर तीसरे राउंड का दौरा शुरू करेंगे। सोचिए, यह सिर्फ एक ड्यूटी नहीं, बल्कि एक मिशन है, जो हर नागरिक को वोट देने के अधिकार से जोड़ने के लिए है। उनके साथ 1.5 लाख बीएलए (बूथ लेवल एजेंट) भी साथ रहेंगे, जो रोज़ाना 50 गणना फॉर्म प्रमाणित और जमा करेंगे।

शहरी इलाकों की भी पूरी चिंता की जा रही है। बिहार के 261 शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) के 5,683 वार्डों में विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं ताकि कोई भी शहरी मतदाता छूट न जाए। यह प्रयास सिर्फ डेटा की बात नहीं, बल्कि हर आवाज़ को लोकतंत्र में दर्ज करने की कोशिश है।

राज्य
View More

Shorts see more

गर्मियों में खीरे को अपनी डाइट में ऐसे करें शामिल, सेहत के लिए होगा फायदेमंद

गर्मियों में खीरे को अपनी डाइट में ऐसे करें शामिल, सेहत के लिए होगा फायदेमंद

  • खीरा शरीर को हाइड्रेट करता है और जल संतुलन बनाए रखता है
  • गर्मियों में खीरा शरीर को ठंडा रखता है
  • खीरा त्वचा के निखार के लिए भी फायदेमंद है
read more

ताजा खबरें
View More

अगर अमेरिका ने तेहरान पर हवाई हमला किया तो ईरान का अगला कदम क्या होगा? खामेनेई की रणनीति उजागर, ट्रंप के लिए बढ़ सकती हैं मुश्किलें
अगर अमेरिका ने तेहरान पर हवाई हमला किया तो ईरान का अगला कदम क्या होगा? खामेनेई की रणनीति उजागर, ट्रंप के लिए बढ़ सकती हैं मुश्किलें
'हम JNU में ही उनकी कब्र खोद देंगे', विवादित नारों पर तीखा बयान देते VHP नेता, बजरंग दल का सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ
'हम JNU में ही उनकी कब्र खोद देंगे', विवादित नारों पर तीखा बयान देते VHP नेता, बजरंग दल का सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ
‘यह न पाकिस्तान है, न किसी एक की जागीर’—असम के सीएम हिमंत के बयान पर ओवैसी का पलटवार
‘यह न पाकिस्तान है, न किसी एक की जागीर’—असम के सीएम हिमंत के बयान पर ओवैसी का पलटवार
ऋषभ पंत के जगह ध्रुव जुरेल को वनडे टीम में जगह, BCCI ने किया न्यूजीलैंड सीरीज के लिए रिप्लेसमेंट का ऐलान
ऋषभ पंत के जगह ध्रुव जुरेल को वनडे टीम में जगह, BCCI ने किया न्यूजीलैंड सीरीज के लिए रिप्लेसमेंट का ऐलान
साड़ी वाली PM बनेगी... हिजाब वाली प्रधानमंत्री की बात सपना, ओवैसी के बयान पर बोले रामभद्राचार्य
साड़ी वाली PM बनेगी... हिजाब वाली प्रधानमंत्री की बात सपना, ओवैसी के बयान पर बोले रामभद्राचार्य
पायरेसी की भेंट चढ़ गई प्रभास स्टारर ‘द राजा साब’, अमेरिका के एक रेस्टोरेंट में टीवी चला पायरेटेड वर्जन
पायरेसी की भेंट चढ़ गई प्रभास स्टारर ‘द राजा साब’, अमेरिका के एक रेस्टोरेंट में टीवी चला पायरेटेड वर्जन
मोबाइल और इंटरनेट से दूरी क्यों बनाए रखते हैं NSA अजीत डोभाल? खुद बताया चौंकाने वाला कारण
मोबाइल और इंटरनेट से दूरी क्यों बनाए रखते हैं NSA अजीत डोभाल? खुद बताया चौंकाने वाला कारण
'धुरंधर' की सारा अर्जुन ने दिखाया ग्लैमरस अंदाज, बैकलेस ड्रेस में फ्लॉन्ट किया किलर लुक, फैंस बोले – Gen Z की दीपिका
'धुरंधर' की सारा अर्जुन ने दिखाया ग्लैमरस अंदाज, बैकलेस ड्रेस में फ्लॉन्ट किया किलर लुक, फैंस बोले – Gen Z की दीपिका
तेलंगाना में बच्चों के सिरप में मिला केमिकल इथाइलीन ग्लाइकॉल, जानें कितना खतरनाक है यह
तेलंगाना में बच्चों के सिरप में मिला केमिकल इथाइलीन ग्लाइकॉल, जानें कितना खतरनाक है यह
शरीर पर अचानक क्यों उभरने लगते हैं कई तिल? जानिए इसके पीछे की वजहें
शरीर पर अचानक क्यों उभरने लगते हैं कई तिल? जानिए इसके पीछे की वजहें
मौनी अमावस्या 2026: इस दिन क्या करें और किन बातों से बचें, जानें पूरी जानकारी
मौनी अमावस्या 2026: इस दिन क्या करें और किन बातों से बचें, जानें पूरी जानकारी
पोस्टपार्टम में खुद को कैसे संतुलित रखती हैं परिणीति चोपड़ा? एक्ट्रेस ने बताया—‘हनुमान चालीसा से मिलता है सुकून’
पोस्टपार्टम में खुद को कैसे संतुलित रखती हैं परिणीति चोपड़ा? एक्ट्रेस ने बताया—‘हनुमान चालीसा से मिलता है सुकून’
कहीं आप ‘लव बॉम्बिंग’ के शिकार तो नहीं? जल्द पहचानें वरना पछताना पड़ेगा
कहीं आप ‘लव बॉम्बिंग’ के शिकार तो नहीं? जल्द पहचानें वरना पछताना पड़ेगा
युवाओं में उभरता ‘फिक्टोसेक्सुअलिटी’ ट्रेंड, असली रिश्तों से ज्यादा पसंद आ रहे काल्पनिक किरदार
युवाओं में उभरता ‘फिक्टोसेक्सुअलिटी’ ट्रेंड, असली रिश्तों से ज्यादा पसंद आ रहे काल्पनिक किरदार