
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ धमाकेदार प्रदर्शन के बाद युवा बल्लेबाज Vaibhav Suryavanshi ने अपनी बल्लेबाजी सोच और अप्रोच को लेकर दिलचस्प बातें साझा कीं। उन्होंने मैच में महज 26 गेंदों पर 78 रनों की तूफानी पारी खेलकर सबका ध्यान खींच लिया। इस पारी में उनके बल्ले से 7 शानदार छक्के और 8 चौके निकले, जिसके चलते उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का खिताब भी मिला। खास बात यह रही कि उन्होंने Bhuvneshwar Kumar और Josh Hazlewood जैसे अनुभवी गेंदबाजों के खिलाफ भी बिना किसी दबाव के रन बटोरे।
मैच के बाद बातचीत में सूर्यवंशी ने साफ कहा कि वह गेंदबाज की पहचान से ज्यादा गेंद पर फोकस करते हैं। उन्होंने बताया कि उनके दिमाग में यह बात नहीं रहती कि सामने कौन गेंदबाज है, बल्कि उनका पूरा ध्यान सिर्फ गेंद को सही तरीके से खेलने पर होता है। इससे पहले भी उन्होंने Jasprit Bumrah जैसे खतरनाक गेंदबाज के खिलाफ शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज दिखाया था, जो उनकी आत्मविश्वास भरी मानसिकता को दर्शाता है।
अपने जन्मदिन को लेकर भी उन्होंने एक दिलचस्प खुलासा किया। सूर्यवंशी ने बताया कि वह उस दिन केक तक नहीं काट पाए क्योंकि जल्दी सो गए थे। जब उनसे जीत के बाद केक काटने को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि आज भी ऐसा संभव नहीं है, क्योंकि अगली सुबह टीम की फ्लाइट जल्दी है और उन्हें समय पर आराम करना जरूरी है।
अपनी बल्लेबाजी के तरीके पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि वह वही करने की कोशिश करते हैं, जो नेट्स में अभ्यास के दौरान करते हैं। वह किसी तरह का अतिरिक्त दबाव लेने या कुछ अलग करने की कोशिश नहीं करते, बल्कि अपने नैचुरल गेम पर भरोसा रखते हैं। उनके अनुसार, निरंतरता बनाए रखने के लिए सरल और स्पष्ट सोच बेहद जरूरी है।
युवा बल्लेबाज ने यह भी बताया कि उनके पिता और कोच हमेशा उन्हें एक ही बात समझाते हैं कि क्रिकेट का सफर लंबा होता है। ऐसे में बाहरी चीजों से ध्यान भटकाने के बजाय अपनी प्रक्रिया और खेल पर फोकस बनाए रखना ही सफलता की कुंजी है। यही वजह है कि वह हर मैच में उसी मानसिकता के साथ उतरते हैं।
हालांकि, शानदार पारी खेलने के बावजूद आउट होने पर उनके चेहरे पर हल्की निराशा झलकती है। इस पर उन्होंने कहा कि जब वह क्रीज पर टिके रहते हैं, तो टीम के लिए और ज्यादा रन जोड़े जा सकते हैं या लक्ष्य को पहले हासिल किया जा सकता है। उन्हें इस बात का अफसोस रहता है कि अगर वह थोड़ी देर और टिकते, तो टीम को और फायदा मिल सकता था।













