
आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। टीम को दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ मिली हार ने प्लेऑफ की राह बेहद कठिन बना दी है। लगातार तीसरे मुकाबले में हार झेलने के बाद कप्तान रियान पराग काफी नाराज नजर आए। मैच खत्म होने के बाद उन्होंने टीम के प्रदर्शन पर खुलकर नाराजगी जाहिर की और साफ कहा कि अगर टीम इसी तरह खेलती रही तो उसे टॉप-4 में रहने का कोई हक नहीं है।
राजस्थान रॉयल्स को अब प्लेऑफ की उम्मीदें जिंदा रखने के लिए अपने बाकी दोनों मुकाबले हर हाल में जीतने होंगे। लेकिन जिस तरह टीम ने दिल्ली के खिलाफ मैच में फील्डिंग, गेंदबाजी और डेथ ओवरों में गलतियां कीं, उससे कप्तान का धैर्य टूटता दिखाई दिया।
खराब फील्डिंग पर भड़के कप्तान
रियान पराग ने मैच के बाद टीम की फील्डिंग को हार की सबसे बड़ी वजहों में से एक बताया। उनका मानना था कि अगर किसी टीम को ट्रॉफी जीतनी है तो उसे मैदान पर कहीं ज्यादा अनुशासित और आक्रामक क्रिकेट खेलना होगा।
पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन में पराग ने कहा, “हमारी फील्डिंग बेहद खराब रही। अगर आप चैंपियन बनना चाहते हैं तो इस स्तर का प्रदर्शन बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है। पिछले चार-पांच मैचों में हमने अपनी असली क्षमता के मुताबिक क्रिकेट नहीं खेली है। सच कहूं तो अगर हम इसी तरह खेलते रहे तो हमें प्लेऑफ की दौड़ में नहीं होना चाहिए।”
उनके बयान से साफ झलक रहा था कि टीम का लगातार गिरता प्रदर्शन उन्हें अंदर तक परेशान कर रहा है।
अच्छी स्थिति के बावजूद मैच गंवाया
राजस्थान रॉयल्स एक समय मुकाबले में मजबूत स्थिति में दिखाई दे रही थी। बल्लेबाजी के दौरान टीम ने शुरुआती ओवरों में शानदार रन गति बनाए रखी थी और 14 ओवर तक स्कोर भी काफी मजबूत था। लेकिन उसके बाद टीम मैच पर पकड़ बनाए रखने में नाकाम रही।
रियान पराग ने माना कि उनके आउट होने के बाद टीम मोमेंटम खो बैठी और आखिरी ओवरों में बल्लेबाज तेजी से रन नहीं बना सके। उन्होंने गेंदबाजों के प्रदर्शन पर भी सवाल उठाए और कहा कि टीम मैदान पर अपनी रणनीति को सही तरीके से लागू नहीं कर पाई।
पराग ने कहा, “14 ओवर तक हम अच्छी स्थिति में थे, लेकिन मेरे आउट होने के बाद हम लय बनाए नहीं रख सके। गेंदबाजी में भी हम अपनी योजनाओं पर सही तरीके से अमल नहीं कर पाए। कई मौकों पर हमने जरूरत से ज्यादा गलतियां कीं।”
फरेरा को गेंदबाजी देने पर भी दी सफाई
मैच के दौरान डोनावन फरेरा को गेंदबाजी सौंपने के फैसले पर भी काफी सवाल उठे। हालांकि कप्तान रियान पराग ने इस फैसले का बचाव किया। उन्होंने कहा कि यह कोई जोखिम भरा कदम नहीं था, बल्कि मैच की परिस्थिति को देखते हुए लिया गया फैसला था।
उन्होंने बताया कि उस समय क्रीज पर दो बाएं हाथ के बल्लेबाज मौजूद थे, इसलिए उन्होंने शनाका की जगह फरेरा को गेंदबाजी देना बेहतर समझा।
रियान ने कहा, “टीवी पर यह फैसला जोखिम जैसा लग सकता है, लेकिन हमारे हिसाब से ऐसा नहीं था। सामने दो लेफ्ट हैंड बल्लेबाज थे और उसी वजह से हमने फरेरा को गेंद सौंपी।”
आखिरी ओवरों में दिल्ली ने पलटा मैच
दिल्ली कैपिटल्स ने इस रोमांचक मुकाबले में चार गेंद बाकी रहते पांच विकेट से जीत दर्ज की। 194 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए दिल्ली ने दबाव के बावजूद शानदार वापसी की।
मैच के आखिरी क्षणों में आशुतोष शर्मा ने विस्फोटक बल्लेबाजी कर मुकाबला राजस्थान से छीन लिया। उन्होंने 20वें ओवर की पहली गेंद पर चौका और दूसरी गेंद पर छक्का लगाकर टीम को जीत दिलाई।
आशुतोष शर्मा ने सिर्फ पांच गेंदों में नाबाद 18 रन बनाए, जिसमें एक चौका और दो लंबे छक्के शामिल रहे। वहीं कप्तान अक्षर पटेल ने भी 18 गेंदों पर 34 रन की अहम पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों के बीच छठे विकेट के लिए 22 रन की अविजित साझेदारी हुई, जिसने दिल्ली को जीत तक पहुंचाया।
इस जीत के साथ दिल्ली कैपिटल्स ने अपनी प्लेऑफ उम्मीदों को जिंदा रखा, जबकि राजस्थान रॉयल्स अब करो या मरो की स्थिति में पहुंच चुकी है।














