
एशिया कप 2025 के लिए मंगलवार को भारतीय टीम का ऐलान किया गया। चयन समिति प्रमुख अजीत अगरकर और टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्क्वाड का एलान करते हुए मीडिया के सवालों के जवाब दिए। सब कुछ सामान्य चल रहा था, लेकिन ठीक आखिर में एक रिपोर्टर ने ऐसा सवाल दागा जिसे वहाँ मौजूद लोग 'पाकिस्तान बम' कह रहे हैं।
रिपोर्टर ने सीधे पूछा, “14 सितंबर को भारत बनाम पाकिस्तान का बड़ा मैच है। पिछले दो महीनों में दोनों देशों के बीच जो कुछ हुआ है, उसके मद्देनजर इस मैच को लेकर आपका रुख क्या होगा?”
सवाल खत्म भी नहीं हुआ था कि बीसीसीआई का मीडिया मैनेजर तुरंत बीच में कूद गया। उन्होंने साफ कहा — “रुकिए, अभी रुकिए। अगर आपके पास टीम चयन से जुड़ा हुआ कोई सवाल है तो वही पूछिए।” इस दखल से साफ हो गया कि बोर्ड नहीं चाहता था कि अगरकर और सूर्या किसी भी राजनीतिक या संवेदनशील मुद्दे पर बयान दें।
एशिया कप में 14 सितंबर को भारत और पाकिस्तान के बीच मैच तय है। इसे लेकर सोशल मीडिया पर आक्रोश है। एक बड़ा तबका उसके बहिष्कार की मांग कर रहा है। उनका कहना है कि अगर 'ऑपरेशन सिंदूर' सिर्फ स्थगित हुआ है, बंद नहीं तो इस दौरान पाकिस्तान के साथ क्रिकेट मैच का क्या मतलब? संसद में भी यह मुद्दा उठ चुका है। असदुद्दीन ओवैसी समेत कई सांसद इसे लेकर सदन तक में सवाल उठा चुके हैं। हालांकि बीसीसीआई इस पर चुप्पी साधे हुए है।
पिछले कुछ महीनों में दोनों देशों के बीच संबंध और बिगड़े हैं।
—22 अप्रैल: पहलगाम में पाकिस्तानी आतंकियों ने पर्यटकों पर हमला किया।
—7 मई: भारत ने जवाब में “ऑपरेशन सिंदूर” चलाकर POK स्थित आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया।
—इसके बाद पाकिस्तान ने भारतीय सैन्य ठिकानों और धर्मस्थलों पर मिसाइल व ड्रोन हमले की नाकाम कोशिश की, जिन्हें भारत ने हवा में ही नष्ट कर दिया।
—भारत की जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के कई एयरबेस पंगु हो गए और मजबूर होकर पाकिस्तानी DGMO को सीजफायर की अपील करनी पड़ी।
भारत ने सीजफायर तो मान लिया, लेकिन साफ चेतावनी दी कि “ऑपरेशन सिंदूर अभी स्थगित है, खत्म नहीं।”
बीसीसीआई अब तक इस विवाद पर चुप्पी साधे हुए है, और प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया मैनेजर का हस्तक्षेप उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।














