
IPL 2026 के तीसरे मुकाबले में Rajasthan Royals ने शानदार प्रदर्शन करते हुए Chennai Super Kings को 8 विकेट से करारी शिकस्त दी। इस मैच में राजस्थान ने 128 रन के लक्ष्य को महज 12.1 ओवर में हासिल कर लिया, जो आईपीएल इतिहास में उनके लिए गेंदों के लिहाज से सबसे बड़ी जीत साबित हुई। टीम ने 47 गेंद शेष रहते मुकाबला अपने नाम कर लिया, जिससे उन्होंने 12 साल पुराना अपना ही रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। इससे पहले साल 2014 में Royal Challengers Bangalore के खिलाफ 42 गेंद शेष रहते जीत दर्ज की थी।
इस जीत के साथ राजस्थान ने एक और खास उपलब्धि हासिल की। चेन्नई के खिलाफ सबसे ज्यादा मैच जीतने वाली टीमों की सूची में अब वह Punjab Kings के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर पहुंच गई है। दोनों टीमों ने चेन्नई को 16-16 बार हराया है। इस मामले में शीर्ष स्थान पर Mumbai Indians का कब्जा है, जिन्होंने चेन्नई के खिलाफ 21 जीत दर्ज की हैं।
अगर राजस्थान की गेंदों के लिहाज से सबसे बड़ी जीतों की बात करें, तो इस मुकाबले ने इतिहास रच दिया। 2026 में चेन्नई के खिलाफ 47 गेंद शेष रहते जीत, 2014 में आरसीबी के खिलाफ 41 गेंद, 2023 में केकेआर के खिलाफ 41 गेंद, 2011 में केटीके के खिलाफ 35 गेंद और 2008 में चेन्नई के खिलाफ 34 गेंद शेष रहते जीत—ये सभी आंकड़े इस टीम की आक्रामक शैली को दर्शाते हैं।
गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में राजस्थान के कप्तान Riyan Parag ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया, जो पूरी तरह सही साबित हुआ। पहले बल्लेबाजी करने उतरी चेन्नई की शुरुआत बेहद कमजोर रही। शुरुआती विकेट जल्दी गिरने से टीम दबाव में आ गई। मध्यक्रम में कुछ बल्लेबाजों ने पारी को संभालने की कोशिश की, लेकिन कोई भी बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं हो सका। अंत में Jamie Overton ने 43 रन बनाकर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया, लेकिन अन्य बल्लेबाज उनका साथ नहीं दे पाए और पूरी टीम 127 रन पर सिमट गई।
राजस्थान की गेंदबाजी इकाई ने इस जीत में अहम भूमिका निभाई। Jofra Archer, Nandre Burger और Ravindra Jadeja ने सधी हुई गेंदबाजी करते हुए 2-2 विकेट झटके और चेन्नई के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी राजस्थान की शुरुआत बेहद आक्रामक रही। Yashasvi Jaiswal और Vaibhav Suryavanshi ने पहले विकेट के लिए तेज़ी से रन जोड़ते हुए मैच को पूरी तरह राजस्थान के पक्ष में कर दिया। सूर्यवंशी ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से सभी का ध्यान खींचा और महज 15 गेंदों में अर्धशतक जड़ दिया। उन्होंने 17 गेंदों में 52 रन की तूफानी पारी खेली, जिसमें चौके-छक्कों की भरमार रही। दूसरी ओर जायसवाल ने संयमित बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 38 रन बनाए और टीम को जीत तक पहुंचाया।
इन शानदार पारियों की बदौलत राजस्थान ने लक्ष्य को 12.1 ओवर में हासिल कर लिया और मुकाबले को पूरी तरह एकतरफा बना दिया। चेन्नई की ओर से केवल Anshul Kamboj ही प्रभाव छोड़ सके, जिन्होंने 2 विकेट लिए, लेकिन टीम को हार से नहीं बचा सके।
यह मुकाबला राजस्थान रॉयल्स के लिए सिर्फ एक जीत नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक उपलब्धि बन गया। टीम ने न केवल अपने पुराने रिकॉर्ड को तोड़ा, बल्कि यह भी साबित किया कि इस सीजन में वे खिताब के मजबूत दावेदार के रूप में उभर सकते हैं।













