गर्मियों के मौसम में शरीर को ठंडा और हाइड्रेटेड बनाए रखने के लिए लोग कई घरेलू उपाय अपनाते हैं, जिनमें गोंद कतीरा का सेवन भी काफी लोकप्रिय माना जाता है। आयुर्वेद में गोंद कतीरा को प्राकृतिक शीतल पदार्थ माना गया है, जो शरीर की गर्मी कम करने, कमजोरी दूर करने और पानी की कमी से बचाने में मदद कर सकता है। यही वजह है कि गर्मियों में इसे दूध, शरबत, फालूदा और ठंडाई जैसी चीजों में मिलाकर खूब इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, इसके फायदों के साथ सही मात्रा और सेवन का तरीका जानना भी बेहद जरूरी है, क्योंकि जरूरत से ज्यादा सेवन कई बार शरीर के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार गोंद कतीरा का सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए। अधिक मात्रा में खाने से पेट से जुड़ी दिक्कतें जैसे गैस, पेट फूलना और अपच की समस्या हो सकती है। इसलिए यह जानना जरूरी है कि दिनभर में कितनी मात्रा शरीर के लिए सुरक्षित और लाभकारी मानी जाती है।
कितनी मात्रा में खाना चाहिए गोंद कतीरा?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो एक सामान्य व्यक्ति के लिए दिन में करीब 1 से 2 चम्मच भिगोया हुआ गोंद कतीरा पर्याप्त होता है। इसे सीधे सूखा खाने के बजाय रातभर पानी में भिगोकर सुबह सेवन करना ज्यादा बेहतर माना जाता है। पानी में भिगोने के बाद इसका आकार फूल जाता है और यह जेली जैसा बन जाता है, जिसे शरीर आसानी से पचा सकता है।
कुछ लोग इसे ठंडे दूध, नींबू शरबत या गुलाब शरबत में मिलाकर भी खाते हैं। गर्मी के दिनों में सुबह इसका सेवन करने से शरीर लंबे समय तक ठंडा और तरोताजा महसूस कर सकता है।
शरीर को अंदर से ठंडा रखने में मददगार
गोंद कतीरा की सबसे बड़ी खासियत इसकी ठंडी तासीर मानी जाती है। तेज गर्मी और लू के मौसम में यह शरीर के तापमान को संतुलित रखने में मदद कर सकता है। यही कारण है कि कई लोग इसे प्राकृतिक बॉडी कूलर के रूप में इस्तेमाल करते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित और सीमित मात्रा में सेवन करने से शरीर में गर्मी कम महसूस हो सकती है और गर्म हवाओं के असर से राहत मिल सकती है। जिन लोगों को गर्मियों में बार-बार शरीर में जलन या अत्यधिक गर्मी महसूस होती है, उनके लिए भी यह फायदेमंद माना जाता है।
डिहाइड्रेशन और कमजोरी से बचाव
गर्मियों में पसीना ज्यादा निकलने की वजह से शरीर में पानी की कमी होने लगती है। ऐसे में गोंद कतीरा शरीर को लंबे समय तक हाइड्रेटेड बनाए रखने में मदद कर सकता है। इसमें मौजूद गुण शरीर में नमी बनाए रखने में सहायक माने जाते हैं।
इसके अलावा इसे ऊर्जा बढ़ाने वाला खाद्य पदार्थ भी माना जाता है। इसमें प्रोटीन, फोलिक एसिड और अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो कमजोरी, थकान और चक्कर जैसी समस्याओं को कम करने में मदद कर सकते हैं। कई लोग इसे गर्मियों में एनर्जी बूस्टर की तरह भी इस्तेमाल करते हैं।
पाचन और स्किन के लिए भी फायदेमंद
गोंद कतीरा में फाइबर अच्छी मात्रा में पाया जाता है, जो पाचन तंत्र को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकता है। इसका सेवन कब्ज जैसी समस्याओं में राहत देने में भी सहायक माना जाता है। जिन लोगों को गर्मियों में पाचन संबंधी दिक्कतें ज्यादा होती हैं, उनके लिए सीमित मात्रा में इसका सेवन लाभकारी हो सकता है।
त्वचा के लिए भी इसे उपयोगी माना जाता है। शरीर को हाइड्रेटेड रखने की वजह से यह स्किन को ड्राई होने से बचाने में मदद कर सकता है। कई लोग मानते हैं कि नियमित सेवन से त्वचा में प्राकृतिक चमक बनी रहती है और गर्मियों में स्किन ज्यादा फ्रेश महसूस होती है।
सेवन करते समय रखें ये जरूरी सावधानियां
गोंद कतीरा का सेवन हमेशा भिगोकर ही करना चाहिए। सूखा गोंद कतीरा सीधे खाने से पाचन में परेशानी हो सकती है। इसके अलावा जरूरत से ज्यादा सेवन करने से पेट फूलना, गैस और अपच जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
डायबिटीज, ब्लड प्रेशर या किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों को इसका सेवन डॉक्टर की सलाह के बाद ही करना चाहिए। गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों को भी सीमित मात्रा में ही गोंद कतीरा देना बेहतर माना जाता है। अगर किसी व्यक्ति को एलर्जी या पाचन से जुड़ी समस्या हो, तो सेवन से पहले विशेषज्ञ की राय लेना जरूरी है।
सही तरीके से सेवन करने पर मिल सकते हैं कई फायदे
आयुर्वेद विशेषज्ञों का मानना है कि यदि गोंद कतीरा का सेवन संतुलित मात्रा और सही तरीके से किया जाए, तो यह गर्मियों में शरीर के लिए काफी लाभकारी साबित हो सकता है। यह न केवल शरीर को ठंडक पहुंचाता है, बल्कि ऊर्जा बनाए रखने, पानी की कमी से बचाने और पाचन सुधारने में भी मदद कर सकता है।
हालांकि, किसी भी चीज की तरह इसका अत्यधिक सेवन नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए बेहतर यही होगा कि इसे सीमित मात्रा में और संतुलित डाइट के साथ शामिल किया जाए, ताकि गर्मियों में शरीर स्वस्थ और तरोताजा बना रहे।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। किसी भी सुझाव को अपनाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।













