
भारत और पाकिस्तान के बीच एशिया कप के रविवार को खेले गए मैच में जीत-हार से ज्यादा सुर्खियां भारतीय खिलाड़ियों के पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ न मिलाने की वजह से बनीं। मुकाबला भले ही एकतरफा रहा और भारत ने सहज जीत दर्ज की, लेकिन मैदान पर भारतीय खिलाड़ियों का रवैया पाकिस्तान की टीम और पूर्व क्रिकेटरों के लिए असहज रहा। इस कदम के विरोध में पाकिस्तानी कप्तान सलमान अली आगा ने पोस्ट-मैच प्रेजेंटेशन सेरिमनी का बहिष्कार किया और टीम ने रेफरी के सामने औपचारिक विरोध दर्ज कराया।
पूर्व पाकिस्तानी कप्तान और क्रिकेट विश्लेषक राशिद लतीफ इस घटना से गुस्से में दिखे। उन्होंने कहा कि अगर मामला पहलगाम हमले से जुड़ा है तो “जंग ही लड़ लेते, वो भी पूरी तरह से।” उनका तर्क था कि मैदान पर राजनीतिक मुद्दों को खेल में नहीं लाना चाहिए। लतीफ के अनुसार, खेल के दौरान भावनाओं को अलग रखना और खेल की गरिमा बनाए रखना ही उचित है।
सोशल मीडिया पर भारत-पाकिस्तान मैच को लेकर भारी विवाद देखा गया। बॉयकॉट ट्रेंड और खिलाड़ियों के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल हुआ। इसके बावजूद भारतीय टीम ने अपने कर्तव्यों का निर्वहन शानदार ढंग से किया। कप्तान और खिलाड़ी केवल वही कर सकते थे जो उनके नियंत्रण में था, और उन्होंने एकतरफा अंदाज में पाकिस्तान को पराजित किया। जीत के बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव ने इसे पहलगाम हमले में मारे गए लोगों और उनके परिवारों को समर्पित किया।
भारतीय टीम के इस कदम से पाकिस्तान का नाराज होना स्वाभाविक था। न सिर्फ उन्होंने मैच हारा, बल्कि भारतीय खिलाड़ियों ने कोई संवेदनशीलता भी नहीं दिखाई। राशिद लतीफ ने टाइम्स ऑफ इंडिया डॉट कॉम को इंटरव्यू में कहा कि युद्ध या पहलगाम हमले से जुड़ी आपत्तियां जायज हो सकती हैं, लेकिन मैदान पर खेल को सही तरीके से खेलना चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान महज कुछ घंटों में दबाव में आ गया और वहां के डीजीएमओ भारतीय समकक्ष से सीजफायर के लिए अनुरोध करने लगे।
लतीफ ने आगे कहा, “युद्ध पहले भी हुए हैं, लेकिन हमने हमेशा हाथ मिलाया है। यह घटना एक धब्बा बनकर रह जाएगी। सुनील गावस्कर जावेद मियांदाद के बारे में कई इंटरव्यू में बोलते थे, लेकिन उन्होंने कभी कहा नहीं कि हाथ नहीं मिलाए जाएंगे। हम अपने देश का प्रतिनिधित्व करते हैं, लेकिन व्यक्तिगत रूप से मैं सोचता हूं कि जो हुआ वह सही नहीं था।”
इससे पहले पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने पीटीवी स्पोर्ट्स से कहा कि क्रिकेट केवल खेल है, इसे राजनीतिक मत बनाइए। झगड़े हर घर में होते हैं, लेकिन मैदान पर खेल को अपनी पूरी गरिमा के साथ खेलना चाहिए।














