
उत्तराखंड की पवित्र चार धाम यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। इस साल होने वाली यात्रा के लिए तैयारियां तेजी से पूरी की जा रही हैं और अब तीर्थयात्रियों के लिए पंजीकरण प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। शुक्रवार 6 मार्च से चार धाम यात्रा के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। राज्य के पर्यटन विभाग ने इसके लिए सभी तकनीकी और प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली हैं, ताकि देश और विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।
पर्यटन विभाग के अनुसार, श्रद्धालु सुबह 7 बजे से ही आधिकारिक वेबसाइट और मोबाइल एप के माध्यम से अपना पंजीकरण करा सकते हैं। सरकार का उद्देश्य है कि यात्रा शुरू होने से पहले ही श्रद्धालुओं की संख्या का व्यवस्थित आंकड़ा तैयार हो सके और उसी के अनुसार व्यवस्थाएं की जा सकें।
उत्तराखंड के पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल ने जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष चार धाम यात्रा की शुरुआत 19 अप्रैल से होगी। यात्रा प्रारंभ होने के साथ ही अलग-अलग धामों के कपाट भी निर्धारित तिथियों पर खोले जाएंगे। धार्मिक परंपराओं के अनुसार पहले यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट खोले जाते हैं और इसी क्रम में इस बार भी 19 अप्रैल को दोनों धाम श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए जाएंगे।
इसके बाद केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को खुलेंगे, जबकि भगवान बदरीनाथ के पवित्र धाम के कपाट 23 अप्रैल को तीर्थयात्रियों के लिए खोले जाएंगे। कपाट खुलने के साथ ही देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु इन धामों के दर्शन के लिए उत्तराखंड पहुंचेंगे।
चार धाम यात्रा में शामिल होने वाले सभी यात्रियों के लिए पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। इसके तहत श्रद्धालु 6 मार्च से पर्यटन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट registrationandtouristcare.uk.gov.in और मोबाइल एप Tourist Care Uttarakhand के जरिए आसानी से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। ऑनलाइन पंजीकरण की यह व्यवस्था यात्रियों को घर बैठे ही अपनी यात्रा की योजना बनाने में मदद करेगी।
प्रशासन का मानना है कि इस प्रक्रिया से यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करना आसान होगा और सुरक्षा व्यवस्था भी बेहतर तरीके से लागू की जा सकेगी। साथ ही यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य सेवाएं, आवागमन और अन्य सुविधाओं का संचालन भी अधिक व्यवस्थित ढंग से किया जा सकेगा।
पंजीकरण को और आसान बनाने के लिए भारतीय श्रद्धालुओं को आधार कार्ड के माध्यम से रजिस्ट्रेशन की सुविधा दी गई है। वहीं विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए ई-मेल आईडी के जरिए पंजीकरण की व्यवस्था रखी गई है। इससे अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को भी बिना किसी जटिल प्रक्रिया के यात्रा में शामिल होने का अवसर मिल सकेगा।
इसके अलावा प्रशासन ने उन श्रद्धालुओं का भी ध्यान रखा है जो किसी कारणवश ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन नहीं कर पाएंगे। ऐसे यात्रियों के लिए ऑफलाइन पंजीकरण की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। यह व्यवस्था यात्रा शुरू होने से दो दिन पहले यानी 17 अप्रैल से लागू होगी।
ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए ऋषिकेश के ट्रांजिट कैंप, हरिद्वार के ऋषिकुल मैदान और विकासनगर में विशेष काउंटर स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों पर पहुंचकर श्रद्धालु अपनी यात्रा के लिए पंजीकरण करा सकेंगे और आगे की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पर्यटन विभाग ने एक टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है। यात्री 0135-1364 नंबर पर कॉल करके यात्रा से जुड़ी किसी भी प्रकार की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यह हेल्पलाइन चौबीसों घंटे सक्रिय रहेगी, जिससे यात्रियों को पंजीकरण, यात्रा मार्ग, मौसम या अन्य व्यवस्थाओं से जुड़ी सहायता आसानी से मिल सकेगी।
प्रशासन का कहना है कि चार धाम यात्रा को सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित बनाने के लिए राज्य के सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम कर रहे हैं। यात्रा मार्गों की मरम्मत, स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता, यातायात व्यवस्था और श्रद्धालुओं के ठहरने की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं।
हर साल लाखों श्रद्धालु चार धाम यात्रा के लिए उत्तराखंड पहुंचते हैं। ऐसे में इस बार भी प्रशासन का लक्ष्य है कि देश-विदेश से आने वाले तीर्थयात्रियों को बिना किसी परेशानी के दर्शन का अवसर मिल सके और उनकी यात्रा पूरी तरह सुरक्षित और यादगार बन सके।
इस वर्ष चार धाम के कपाट खुलने की तिथियां इस प्रकार हैं—
यमुनोत्री धाम – 19 अप्रैल 2026
गंगोत्री धाम – 19 अप्रैल 2026
केदारनाथ धाम – 22 अप्रैल 2026
बदरीनाथ धाम – 23 अप्रैल 2026













