
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में ज्यादातर लोग सुबह जल्दी उठने की आदत डालना चाहते हैं, क्योंकि माना जाता है कि दिन की शुरुआत जितनी जल्दी और सकारात्मक तरीके से होती है, उतना ही दिन उत्पादक बनता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स भी बताते हैं कि सुबह जल्दी उठना शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की सेहत के लिए बेहद लाभदायक होता है। आयुर्वेद में भी ब्रह्म मुहूर्त में उठने की परंपरा का उल्लेख मिलता है, जो आमतौर पर सुबह लगभग 4:30 से 5:30 बजे के बीच का समय माना जाता है। इस समय वातावरण शांत और ऊर्जा से भरपूर होता है, इसलिए इसे ध्यान, योग और पढ़ाई के लिए सबसे अच्छा समय कहा जाता है।
हालांकि, कई लोग सुबह जल्दी उठने का लक्ष्य तो बना लेते हैं, लेकिन रात में देर तक जागने की आदत के कारण सुबह अलार्म बजने के बाद भी उठ नहीं पाते। ऐसे में यह समझना जरूरी हो जाता है कि अगर आप सुबह जल्दी उठना चाहते हैं तो रात में किस समय तक सो जाना चाहिए, ताकि शरीर को पर्याप्त आराम मिल सके और नींद भी पूरी हो सके।
सोने का सही समय तय करना जरूरी
यदि आपका लक्ष्य सुबह करीब 5 या 5:30 बजे उठने का है, तो आपको रात में लगभग 9:30 बजे तक बिस्तर पर चले जाना चाहिए। सामान्य तौर पर स्वस्थ व्यक्ति के लिए 7 से 8 घंटे की नींद जरूरी मानी जाती है। इसलिए जिस समय आप सुबह उठना चाहते हैं, उससे कम से कम 7 घंटे पहले सोने की योजना बनाना सबसे बेहतर तरीका होता है।
हर दिन एक ही समय पर सोने और उठने की आदत डालना भी बहुत जरूरी है। जब आप नियमित रूप से एक तय समय पर सोते और जागते हैं, तो शरीर की बायोलॉजिकल क्लॉक उसी के अनुसार काम करने लगती है। कुछ ही दिनों में बिना अलार्म के भी आपकी आंख उसी समय खुलने लगती है।

सोने से पहले स्क्रीन से दूरी बनाएं
अच्छी और गहरी नींद के लिए यह भी बेहद जरूरी है कि सोने से करीब एक घंटा पहले मोबाइल फोन, टीवी या लैपटॉप का इस्तेमाल बंद कर दिया जाए। स्क्रीन से निकलने वाली ब्लू लाइट दिमाग को सक्रिय बनाए रखती है, जिससे नींद आने में देर लग सकती है। यही कारण है कि विशेषज्ञ रात के समय डिजिटल डिवाइस से दूरी बनाने की सलाह देते हैं।
इसके अलावा खाने का समय भी आपकी नींद को प्रभावित करता है। कोशिश करें कि रात का भोजन सोने से कम से कम 2 से 3 घंटे पहले कर लें। देर से और भारी खाना खाने से पाचन तंत्र सक्रिय रहता है, जिससे गहरी नींद लेने में परेशानी हो सकती है। हल्का और संतुलित भोजन करने से नींद जल्दी आती है और शरीर को बेहतर आराम मिलता है।
कुछ दिनों में बन सकती है आदत
अगर आप इन छोटी-छोटी बातों का नियमित रूप से पालन करते हैं, तो लगभग एक हफ्ते के भीतर ही आपको फर्क महसूस होने लगेगा। धीरे-धीरे आपका शरीर नई दिनचर्या के अनुसार ढल जाएगा और सुबह जल्दी उठना आसान लगने लगेगा।
इसके अलावा सुबह जल्दी उठने के लिए एक रोचक तकनीक भी अपनाई जा सकती है, जिसे “पिलो टेक्निक” कहा जाता है। रात में सोने से पहले अपने तकिए को छूकर मन ही मन तीन बार यह वाक्य दोहराएं—“मैं कल सुबह (जिस समय आप उठना चाहते हैं) ताजगी के साथ उठ जाऊंगा/जाऊंगी।” यह तरीका सबकॉन्शियस माइंड पर काम करता है और कई लोगों के लिए प्रभावी साबित हुआ है।












