
Shubman Gill ने IPL 2026 के आगाज़ से पहले अपने विचारों को बेबाक अंदाज में सामने रखा है। Gujarat Titans के कप्तान गिल ने स्पष्ट कर दिया कि इस सीजन उनका मकसद किसी को कुछ साबित करना नहीं, बल्कि टीम को एक बार फिर खिताब जिताने पर पूरा ध्यान केंद्रित करना है।
गिल का कहना है कि अगर पिछले तीन-चार आईपीएल सीजन के प्रदर्शन पर नजर डाली जाए, तो उनके नाम सबसे ज्यादा रन दर्ज हैं। ऐसे में उन्हें यह महसूस नहीं होता कि उन्हें किसी तरह की अतिरिक्त परीक्षा देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में टीम ने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है और व्यक्तिगत तौर पर भी उन्होंने बल्ले से अहम योगदान दिया है।
‘अपनी क्षमता दिखाने की जरूरत नहीं’
गिल ने आगे कहा कि उन्हें अपनी काबिलियत किसी के सामने साबित करने की जरूरत नहीं है। उनका मानना है कि जो काम वह पिछले चार सालों से करते आ रहे हैं, उसी लय को बरकरार रखना ही उनकी प्राथमिकता है।
उन्होंने भरोसा जताया कि अगर टीम इसी तरह का प्रदर्शन जारी रखती है, तो ट्रॉफी फिर से उनके नाम हो सकती है। गौरतलब है कि इस समय गिल टेस्ट और वनडे फॉर्मेट में भारत की कप्तानी भी संभाल रहे हैं। वहीं, हाल ही में उन्हें टी20 टीम से बाहर किया गया था, ताकि टॉप ऑर्डर में Sanju Samson को मौका दिया जा सके। यह फैसला टीम इंडिया के लिए सफल भी रहा और भारत ने हाल में टी20 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया।
इम्पैक्ट प्लेयर नियम पर उठाए सवाल
शुभमन गिल ने आईपीएल के चर्चित ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ नियम पर भी अपनी असहमति जाहिर की। उनका मानना है कि यह नियम खेल के संतुलन को प्रभावित कर रहा है और क्रिकेट की मूल स्किल को कम कर रहा है।
गिल के अनुसार, क्रिकेट मूल रूप से 11 खिलाड़ियों का खेल है और एक अतिरिक्त बल्लेबाज को शामिल करने से मुकाबला एकतरफा हो जाता है। उन्होंने कहा कि जब टीम के पास सीमित बल्लेबाज होते हैं और जल्दी विकेट गिरते हैं, तब असली चुनौती सामने आती है कि टीम किस तरह सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचती है।
उन्होंने यह भी जोड़ा कि मुश्किल पिच पर 160 या 180 रन का पीछा करना ज्यादा रोमांचक होता है, बजाय इसके कि फ्लैट विकेट पर 220 रन बनाए जाएं। उनके मुताबिक, इम्पैक्ट प्लेयर नियम खेल के रोमांच को बढ़ाने के साथ-साथ संतुलन को थोड़ा बिगाड़ भी रहा है।
2027 तक जारी रहेगा नियम
गिल का यह बयान ऐसे समय में आया है जब हाल ही में मुंबई में हुई आईपीएल कप्तानों की बैठक में यह फैसला लिया गया कि इम्पैक्ट प्लेयर नियम 2027 तक लागू रहेगा।
हालांकि गिल ने यह स्वीकार किया कि इस नियम से मुकाबले दर्शकों के लिए ज्यादा मनोरंजक जरूर बनते हैं, लेकिन व्यक्तिगत रूप से वह इसके पक्ष में नहीं हैं। उनका मानना है कि पारंपरिक क्रिकेट का संतुलन और स्किल इस नियम के बिना ज्यादा बेहतर तरीके से सामने आता है।













