
IPL 2026 में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) का खराब प्रदर्शन लगातार जारी है और टीम को एक और झटका तब लगा जब उन्हें गुजरात टाइटंस के खिलाफ हार के बाद सीजन की पांचवीं लगातार हार का सामना करना पड़ा। अब तक टूर्नामेंट की 10 टीमों में से 9 टीमें कम से कम एक जीत दर्ज कर चुकी हैं, लेकिन KKR अब भी जीत के लिए तरस रही है। उनके खाते में सिर्फ एक अंक है, जो उन्हें एक मैच बारिश के कारण रद्द होने से मिला था। 17 अप्रैल को मिली इस हार के बाद टीम के कप्तान अजिंक्य रहाणे बेहद निराश नजर आए और उन्होंने मैच के तुरंत बाद प्रतिक्रिया देने को भी कठिन बताया।
हार के तुरंत बाद बयान देना मुश्किल – रहाणे
मैच के बाद प्रेजेंटेशन सेरेमनी में अजिंक्य रहाणे ने स्वीकार किया कि हार के तुरंत बाद सामने आकर स्थिति को शब्दों में बयां करना आसान नहीं होता। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में सिर्फ नकारात्मक बातों पर नहीं, बल्कि कुछ सकारात्मक पहलुओं पर भी ध्यान देना चाहिए। रहाणे ने विशेष रूप से कैमरून ग्रीन की 79 रनों की शानदार पारी का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने दबाव के बावजूद आक्रामक खेल दिखाया। रहाणे के अनुसार, ग्रीन की यह पारी टीम के लिए एक सकारात्मक संकेत थी, भले ही परिणाम उनके पक्ष में नहीं गया।
उन्होंने आगे कहा कि जब टीम ने शुरुआती झटकों के बाद वापसी की और 147 रन पर 4 विकेट खोने के बावजूद लगभग 180 रन का स्कोर खड़ा किया, तो यह बल्लेबाजी इकाई की मेहनत को दर्शाता है। रहाणे ने गेंदबाजों की भी सराहना की और कहा कि उन्होंने शानदार प्रयास किया, जिससे मैच आखिरी ओवर तक पहुंच सका। उनके मुताबिक, सभी खिलाड़ियों ने अपना योगदान देने की कोशिश की, लेकिन नतीजा टीम के पक्ष में नहीं रहा।
आगे KKR का रास्ता क्या होगा?
टीम की लगातार हार पर बात करते हुए अजिंक्य रहाणे ने कहा कि इस समय सबसे जरूरी है वर्तमान में रहना और अनावश्यक दबाव से दूर रहना। उन्होंने बताया कि जब परिणाम उम्मीद के मुताबिक नहीं आते, तो खिलाड़ी कई तरह की बातों में उलझने लगते हैं, लेकिन असल जरूरत मैदान पर ध्यान केंद्रित करने की है। रहाणे के अनुसार, टीम को उन चीजों पर ध्यान नहीं देना चाहिए जो उनके नियंत्रण में नहीं हैं, बल्कि एक यूनिट के तौर पर आत्मविश्वास बनाए रखना जरूरी है।
उन्होंने यह भी कहा कि टीम का फोकस मैदान पर जाकर अपना प्राकृतिक खेल खेलने पर होना चाहिए। रहाणे ने स्पष्ट किया कि उनकी योजना शुरुआत से ही आक्रामक और सकारात्मक क्रिकेट खेलने की थी, और यही रणनीति आगे भी जारी रहनी चाहिए। उनके अनुसार, टीम को हर मैच में पूरी ऊर्जा के साथ उतरकर खेल का आनंद लेना होगा, तभी परिणाम बदल सकते हैं।













