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Indian Premier League में बड़ा बदलाव, 10 ओवर के बाद दिखेगा नया ट्विस्ट, पहली बार लागू हुआ ये खास नियम

Indian Premier League 2026 में नया नियम लागू, अब 10 ओवर के बाद बदली जा सकेगी गेंद। जानें कैसे यह बदलाव मैच में रोमांच बढ़ाएगा और रणनीति को प्रभावित करेगा।

Posts by : Jhanvi Gupta | Updated on: Tue, 24 Mar 2026 5:29:35

Indian Premier League में बड़ा बदलाव, 10 ओवर के बाद दिखेगा नया ट्विस्ट, पहली बार लागू हुआ ये खास नियम

इंडियन प्रीमियर लीग (Indian Premier League) का नया सीजन 28 मार्च से शुरू होने जा रहा है और इसके साथ ही इस बार कुछ नियमों में बदलाव भी देखने को मिलेगा। बीसीसीआई द्वारा लागू किया गया एक नया नियम खासतौर पर चर्चा में है, जो मैच के बीच में नया रोमांच जोड़ने वाला माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि यह बदलाव खासकर 10 ओवर के बाद खेल की दिशा और रणनीति को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में फैंस के साथ-साथ खिलाड़ियों के लिए भी इस नियम को समझना जरूरी हो गया है।

दरअसल, इस बार गेंद से जुड़ा एक अहम नियम जोड़ा गया है, जो मैच के दौरान परिस्थितियों के अनुसार लागू होगा। अब यदि खेल के दौरान गेंद ऐसी जगह चली जाती है जहां से उसे वापस लाना संभव नहीं होता या फिर अंपायर को लगता है कि गेंद अपनी गुणवत्ता खो चुकी है, तो वे उसे बदलने का फैसला ले सकते हैं। अक्सर देखा गया है कि छक्का लगने के बाद गेंद स्टेडियम के बाहर चली जाती है या खराब हो जाती है, ऐसे में नई गेंद का इस्तेमाल किया जाएगा। हालांकि, नई गेंद पहले इस्तेमाल की गई गेंद की तरह ही स्थिति वाली होनी चाहिए। गेंद बदलने के बाद अंपायर बल्लेबाज, गेंदबाजी टीम और कप्तान को इसकी पूरी जानकारी देंगे ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

इसके अलावा एक और दिलचस्प नियम दूसरी पारी से जुड़ा हुआ है। अब दूसरी इनिंग में गेंदबाजी करने वाली टीम 10 ओवर पूरे होने के बाद अंपायर से गेंद बदलने की मांग कर सकती है। यह बदलाव मैच में रणनीतिक पहलू को और मजबूत करेगा, क्योंकि टीम अपने हिसाब से गेंद की स्थिति को नियंत्रित कर सकेगी। हालांकि, यह विकल्प सिर्फ एक बार ही इस्तेमाल किया जा सकेगा। साथ ही यह नियम केवल शाम के मैचों में लागू होगा, यानी दिन के मुकाबलों में इस सुविधा का लाभ नहीं मिलेगा। एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि गेंद केवल ओवर समाप्त होने के बाद ही बदली जाएगी, बीच ओवर में ऐसा नहीं किया जा सकता।

इस नियम के पीछे मुख्य वजह ओस (dew) को माना जा रहा है, जो अक्सर दूसरी पारी में गेंदबाजों के लिए परेशानी का कारण बनती है। जब गेंद पर नमी आ जाती है, तो उसे पकड़ना और कंट्रोल करना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में गेंद बदलने का विकल्प टीमों को राहत दे सकता है। हालांकि, यह नियम पहले भी आंशिक रूप से लागू किया गया था, लेकिन इस बार इसमें एक अहम बदलाव किया गया है।

अब यदि गेंदबाजी टीम 10 ओवर के बाद गेंद बदलने की मांग करती है, तो अंपायर के लिए इसे बदलना अनिवार्य होगा, चाहे उस समय ओस हो या न हो। यानी इस बार यह पूरी तरह से एक निश्चित नियम बन गया है, जिसमें किसी प्रकार की लचीलापन नहीं रखा गया है। इससे खेल में निष्पक्षता बढ़ाने के साथ-साथ रणनीति का नया आयाम भी जुड़ने की उम्मीद है।

कुल मिलाकर, आईपीएल के इस नए नियम से मैच के दौरान रोमांच और बढ़ने की संभावना है। यह बदलाव न केवल खिलाड़ियों की रणनीति को प्रभावित करेगा, बल्कि दर्शकों के लिए भी मुकाबलों को और दिलचस्प बना देगा। आने वाले सीजन में यह देखना खास होगा कि टीमें इस नियम का इस्तेमाल किस तरह से करती हैं और इससे खेल पर क्या असर पड़ता है।

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