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FIFA World Cup 2026: 13 टीमों से शुरू हुआ कारवां, अब 48 देशों तक पहुंचा विश्व कप

FIFA World Cup 2026 इतिहास का सबसे बड़ा फुटबॉल टूर्नामेंट बनने जा रहा है। जानिए कैसे 1930 में 13 टीमों से शुरू हुआ विश्व कप अब 48 देशों तक पहुंच गया और क्या होंगे नए फॉर्मेट के बड़े बदलाव।

Posts by : Jhanvi Gupta | Updated on: Fri, 29 May 2026 3:42:28

FIFA World Cup 2026: 13 टीमों से शुरू हुआ कारवां, अब 48 देशों तक पहुंचा विश्व कप

फुटबॉल की दुनिया का सबसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट FIFA World Cup अब एक नए और ऐतिहासिक अध्याय की ओर बढ़ रहा है। साल 2026 में आयोजित होने वाला फीफा विश्व कप अब तक का सबसे बड़ा संस्करण बनने जा रहा है, जिसमें रिकॉर्ड 48 टीमें हिस्सा लेंगी। करीब एक सदी पहले 1930 में जिस प्रतियोगिता की शुरुआत केवल 13 टीमों के साथ हुई थी, वह आज वैश्विक स्तर पर करोड़ों प्रशंसकों का सबसे बड़ा खेल आयोजन बन चुकी है।

विश्व कप का यह विस्तार केवल टीमों की संख्या बढ़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह फुटबॉल की दुनिया में बढ़ती पहुंच, नए देशों की भागीदारी और खेल के तेजी से फैलते प्रभाव को भी दर्शाता है। 2026 में कई देश पहली बार विश्व कप के मंच पर उतरेंगे, जिससे टूर्नामेंट और भी रोमांचक बनने की उम्मीद है।

1930: उरुग्वे में खेला गया पहला विश्व कप

फीफा विश्व कप का पहला आयोजन 1930 में उरुग्वे में हुआ था। उस समय फीफा के कुल 16 सदस्य देश थे और लगभग सभी को टूर्नामेंट में हिस्सा लेने का निमंत्रण भेजा गया था। हालांकि लंबी समुद्री यात्रा और अन्य कारणों की वजह से कई देश प्रतियोगिता में शामिल नहीं हो सके।

जापान और सियाम (वर्तमान थाईलैंड) ने यात्रा संबंधी दिक्कतों के कारण नाम वापस ले लिया, जबकि मिस्र की टीम जहाज छूट जाने के चलते समय पर नहीं पहुंच सकी। ऐसे में टूर्नामेंट आखिरकार केवल 13 टीमों के साथ खेला गया। यही वह शुरुआत थी, जिसने आगे चलकर फुटबॉल को वैश्विक पहचान दिलाई।

1934 से 1978 तक 16 टीमों का दौर

1934 से लेकर 1978 तक फीफा विश्व कप में कुल 16 टीमें हिस्सा लेती रहीं। इस प्रारूप में चार ग्रुप बनाए जाते थे और हर ग्रुप की शीर्ष टीम सीधे सेमीफाइनल में पहुंचती थी। यह दौर विश्व कप के शुरुआती विस्तार का समय माना जाता है, जब यूरोप और दक्षिण अमेरिका की टीमों का दबदबा सबसे ज्यादा दिखाई देता था।

इसी दौरान विश्व कप ट्रॉफी भी चर्चा में रही। 1930 से 1974 तक इस्तेमाल की गई ट्रॉफी ग्रीक विजय देवी ‘नाइकी’ से प्रेरित थी। बाद में इसे मौजूदा FIFA World Cup Trophy से बदल दिया गया।

1982 में पहली बार बढ़ी टीमों की संख्या

फुटबॉल की लोकप्रियता बढ़ने के साथ फीफा ने 1982 में विश्व कप का दायरा और बड़ा करने का फैसला लिया। स्पेन में आयोजित उस विश्व कप में पहली बार 24 टीमों ने हिस्सा लिया। इससे एशिया और अफ्रीका की टीमों को अधिक मौके मिले और टूर्नामेंट पहले से ज्यादा प्रतिस्पर्धी बन गया।

उस संस्करण में दो ग्रुप चरण रखे गए थे, लेकिन बाद में फीफा ने इस फॉर्मेट को हटाकर सीधे नॉकआउट राउंड को प्राथमिकता दी। 1982 का विश्व कप कई नए फुटबॉल देशों के उभरने का भी गवाह बना।

1998 से 2022 तक कायम रहा 32 टीमों का फॉर्मेट

1998 में फीफा ने एक और बड़ा बदलाव करते हुए टीमों की संख्या 32 कर दी। यह प्रारूप फ्रांस विश्व कप से लागू हुआ और 2022 में कतर में आयोजित टूर्नामेंट तक जारी रहा। इसमें 32 टीमों को आठ ग्रुप में बांटा जाता था और हर ग्रुप से दो टीमें ‘राउंड ऑफ 16’ में पहुंचती थीं।

करीब 24 वर्षों तक यही फॉर्मेट विश्व कप की पहचान बना रहा। इसी दौर में फुटबॉल की लोकप्रियता नए स्तर पर पहुंची और एशिया, अफ्रीका व उत्तर अमेरिका की टीमों ने भी मजबूत चुनौती पेश करनी शुरू की।

2026 विश्व कप बनेगा अब तक का सबसे बड़ा संस्करण

साल 2026 में अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा की संयुक्त मेजबानी में होने वाला फीफा विश्व कप इतिहास का सबसे विशाल टूर्नामेंट होगा। पहली बार इसमें 48 टीमें हिस्सा लेंगी और कुल 104 मुकाबले खेले जाएंगे।

नए प्रारूप के तहत 12 ग्रुप बनाए जाएंगे और पहली बार ‘राउंड ऑफ 32’ भी खेला जाएगा। इससे अधिक देशों को विश्व कप में जगह मिलेगी और छोटे फुटबॉल राष्ट्रों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का बड़ा मंच मिलेगा।

इस बार यूरोप को सबसे ज्यादा 16 स्थान दिए गए हैं। अफ्रीका को 9, एशिया को 8 और दक्षिण अमेरिका व CONCACAF क्षेत्र को 6-6 स्थान मिले हैं। वहीं ओशिनिया को पहली बार सीधे क्वालीफिकेशन का मौका मिला है, जिसे न्यूजीलैंड ने हासिल किया।

फीफा विश्व कप 2026 केवल एक टूर्नामेंट नहीं, बल्कि फुटबॉल के लगातार बढ़ते वैश्विक प्रभाव और खेल की नई दिशा का प्रतीक माना जा रहा है।

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