रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। परीक्षा परिणाम और चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए अभ्यर्थियों ने आंदोलन को और तेज कर दिया है। छात्रों का आरोप है कि परीक्षा में पारदर्शिता का अभाव रहा, चयन प्रक्रिया में अनियमितताएं हुईं और पूरी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। इसी के चलते अभ्यर्थी परीक्षा रद्द करने और पूरे मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग पर अड़े हुए हैं।
इन्हीं मांगों को लेकर छात्र लगातार सत्याग्रह आंदोलन चला रहे हैं। आंदोलन के अगले चरण के तहत मंगलवार (29 जुलाई) को पदयात्रा आयोजित की जा रही है, जबकि मानसून सत्र के पहले दिन 6 अगस्त को झारखंड विधानसभा के घेराव की घोषणा भी की गई है। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
चौथे दिन पदयात्रा से सरकार तक पहुंचाएंगे अपनी आवाज
आंदोलन के चौथे दिन रांची में जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक पदयात्रा निकाली जाएगी। इसमें बड़ी संख्या में प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। छात्र नेताओं का कहना है कि इस मार्च का उद्देश्य सरकार का ध्यान भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और पारदर्शिता से जुड़े मुद्दों की ओर आकर्षित करना है।
छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने बताया कि आंदोलन स्थल को बापू वाटिका, मोरहाबादी से स्थानांतरित कर जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम कर दिया गया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि प्रशासन से इसके लिए आवश्यक अनुमति भी मिल चुकी है और आंदोलन पहले की तरह शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा।
सत्याग्रह के दिन रात समर्पित छात्रों को सलाम, नमन, धन्यवाद आंदोलन को आगे समर्थन देने के लिए जयपाल सिंह मुण्डा स्टेडियम राँची पहुँचें । @JharkhandCMO @jhar_governor @Tigerjairam pic.twitter.com/EuH42PoDdL
— Devendra Nath Mahto (@DevendraNathMa9) July 29, 2026
JPSC/JSSC भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती अभियान "अनिश्चितकालीन सत्याग्रह" के चौथे दिन आंदोलन स्थल को बापू वाटिका, मोरहाबादी से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम, रांची स्थानांतरित किया गया। प्रशासन से इसकी अनुमति प्राप्त हो चुकी है। @DC_Ranchi @JharkhandPolice @ranchipolice @JharkhandCMO… pic.twitter.com/cEmDzHlhOx
— Devendra Nath Mahto (@DevendraNathMa9) July 28, 2026
6 अगस्त को विधानसभा घेरने की तैयारी
छात्र संगठनों ने घोषणा की है कि 6 अगस्त को झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान विधानसभा का घेराव कर सरकार के सामने अपनी मांगें रखी जाएंगी। आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि जब तक परीक्षा रद्द करने, निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई को लेकर स्पष्ट निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन वापस लेने का कोई सवाल ही नहीं उठता।
अभ्यर्थियों का कहना है कि यह केवल एक परीक्षा का मामला नहीं है, बल्कि राज्य के हजारों युवाओं के भविष्य और भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता से जुड़ा मुद्दा है।
पूर्व JPSC अध्यक्ष से CID ने कई घंटे की पूछताछ
इस पूरे मामले की जांच फिलहाल अपराध अन्वेषण विभाग (CID) कर रहा है। जांच के सिलसिले में पूर्व JPSC अध्यक्ष एल. खियांग्ते से करीब आठ घंटे तक पूछताछ की गई। यह पूछताछ 14वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा समेत अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के संबंध में की गई।
गौरतलब है कि विवाद गहराने के बाद एल. खियांग्ते ने आयोग के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसे राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने स्वीकार भी कर लिया। जांच एजेंसियां अब पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं।
छापेमारी और गिरफ्तारियों के बाद तेज हुई जांच
पूर्व अध्यक्ष से पूछताछ से पहले CID ने JPSC कार्यालय और रांची स्थित उनके सरकारी आवास पर भी तलाशी अभियान चलाया था। जांच एजेंसी ने इस मामले में कई लोगों से पूछताछ की है और कुछ आरोपियों को गिरफ्तार भी किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में JPSC की परीक्षा उप-नियंत्रक श्वेता गुप्ता का नाम भी शामिल है।
CID का कहना है कि जांच विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखकर आगे बढ़ाई जा रही है और उपलब्ध दस्तावेजों व डिजिटल रिकॉर्ड की भी गहन जांच की जा रही है।
क्या है पूरा विवाद?
JPSC की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम जुलाई 2026 की शुरुआत में घोषित किया गया था। इसके बाद बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने कटऑफ, श्रेणीवार चयन प्रक्रिया और प्राप्त अंकों से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक न किए जाने पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि पूरी प्रक्रिया में पर्याप्त पारदर्शिता नहीं बरती गई।
छात्रों ने यह भी दावा किया कि परीक्षा संचालन का जिम्मा TSR Data Processing नामक एजेंसी को सौंपा गया था, जिसकी कार्यप्रणाली को लेकर पहले भी विवाद सामने आ चुके हैं और जिस पर उत्तर प्रदेश में भी कार्रवाई हो चुकी है। इन्हीं आरोपों के बाद राज्य सरकार ने मामले की जांच CID को सौंप दी।
जांच जारी रहने के बीच JPSC ने एहतियातन 14वीं संयुक्त सिविल सेवा मुख्य परीक्षा सहित कुल नौ भर्ती परीक्षाओं को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया है। अब छात्रों की निगाहें जांच रिपोर्ट और सरकार के अगले फैसले पर टिकी हुई हैं।













