नई दिल्ली/चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पेपर लीक के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उनकी सरकार के साढ़े चार साल के कार्यकाल में राज्य में एक भी प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक लाभ हासिल करने के लिए भाजपा लगातार पंजाब और पंजाबियों की छवि खराब करने का प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि ऐसे आरोपों का असर आगामी विधानसभा चुनाव में देखने को मिलेगा और भाजपा को इसका राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ेगा.
संसद परिसर में BJP पर साधा निशाना
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात के बाद संसद परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए भगवंत मान ने कहा कि भाजपा पंजाब को बदनाम करने के उद्देश्य से पेपर लीक को लेकर निराधार आरोप लगा रही है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के खिलाफ फैलाए जा रहे ऐसे दावों में कोई सच्चाई नहीं है और जनता इसका जवाब चुनाव में देगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने पारदर्शिता के साथ काम किया है और भर्ती प्रक्रियाओं में किसी भी तरह की गड़बड़ी को जगह नहीं दी गई। उन्होंने दोहराया कि पेपर लीक के नाम पर पंजाब को बदनाम करने की कोशिश स्वीकार नहीं की जाएगी।
'पंजाबियों को निशाना बनाना बंद करे भाजपा'
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, संसद भवन में अपने दौरे के दौरान भगवंत मान ने विपक्ष के कई नेताओं से भी मुलाकात की। इस दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से भी उनकी बातचीत हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि भाजपा को राजनीतिक मुकाबला करना है तो वह सीधे राजनीतिक मुद्दों पर करे, लेकिन चुनावी फायदे के लिए पंजाब और यहां के लोगों की छवि धूमिल करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पंजाब के मेहनती युवाओं को बेवजह विवादों में घसीटना उचित नहीं है।
मेडिकल परीक्षा के पेपर लीक को लेकर विवाद
पंजाब में मेडिकल परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों को लेकर भाजपा, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल ने राज्य सरकार को घेरा है। विपक्षी दलों ने इस मामले में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी उठाई है। चूंकि राज्य में अगले वर्ष की शुरुआत में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं, इसलिए यह मुद्दा राजनीतिक रूप से भी काफी अहम माना जा रहा है।
इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए भगवंत मान ने कहा कि विपक्षी दल झूठे दावों के जरिए पंजाब और यहां के युवाओं की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। उनका कहना था कि राज्य के युवाओं की मेहनत और उपलब्धियों को राजनीतिक लाभ के लिए निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।
69 हजार सरकारी नौकरियों का किया जिक्र
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि पिछले साढ़े चार वर्षों में राज्य में 69 हजार सरकारी नौकरियां पूरी तरह योग्यता और पारदर्शी प्रक्रिया के आधार पर दी गई हैं। उन्होंने दावा किया कि इन नियुक्तियों में न तो किसी प्रकार की सिफारिश चली और न ही पेपर लीक जैसी कोई घटना सामने आई।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत संवाद है। अलग-अलग राजनीतिक दलों की विचारधाराएं भले अलग हों, लेकिन लोकतांत्रिक व्यवस्था में बातचीत और आपसी संवाद हमेशा जारी रहना चाहिए। उनके अनुसार, राजनीतिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन इसके नाम पर किसी राज्य या उसके नागरिकों की छवि खराब करना उचित नहीं है।













