
कोरोना की दूसरी लहर के बीच आज से लॉकडाउन के बाद अनलॉक की प्रक्रिया शुरू हुई जहां बाजारों को खुलने की इजाजत दी गई और 12 बजे से फिर लॉकडाउन लगना था। लेकिन सीकर में पुलिस की दादागिरी देखने को मिली जिसमें लॉकडाउन लगने से पहले 11 बजे ही चालान काटे गए। पुलिस ने 11 बजने के बाद सड़क पर दिखने वाले लोगों को बस में बिठाना शुरू कर दिया। जबकि लॉकडाउन 12 बजे से लगना था। बुधवार को पुलिस की यह मनमर्जी लोगों की परेशानी का कारण पड़ा। यहां लोग दुकान बंद कर जा भी रहे थे लेकिन बारिश की वजह से उन्हें देरी हुई।
मामला कल्याण सर्किल और जाट बाजार का है। कल्याण सर्किल और जाट बाजार में कोतवाली पुलिस चौराहे पर तैनात थी। 11 बजने से कुछ देर पहले पुलिस की गाड़ी से अनाउंसमैंट कराया गया कि 11 बजे अपनी दुकानें बंद कर दें। वरना चालान काटा जाएगा। उधर, जिस समय पुलिस अनाउंस कर रही थी उस समय भी तेज बारिश हो रही थीं। दुकानदार पशोपेश में पड़ गए कि बारिश में भीगे तो बीमार पड़ जाएंगे, नहीं निकले तो पुलिस चालान काट देगी। जबकि उस समय दुकानों में ग्राहक भी नहीं थे। जब बारिश कुछ कमजोर हुई। दुकानदार बंद कर जाने लगे तो रास्ते में पुलिस ने उन्हें गाड़ियों में बिठा लिया।
मामले में कलेक्टर अविचल चतुर्वेदी का कहना है कि हमारी ओर से जारी गाइडलाइन में साफ निर्देश है कि लॉकडाउन 12 बजे से लागू होगा। इसका ये मतलब तो कतई नहीं होगा कि इससे पहले बेवजह घूमें। वहीं, इसका ये मतलब साफ है कि दुकानदार या कर्मचारी दुकान बंद करने के बाद 12 बजे तक अपने घर पर पहुंच जाए। यदि इस दौरान पुलिस बेवजह लोगों को परेशान करती है तो जांच करा लेते है।














