
अफगानिस्तान की राजधानी काबुल के हामिद करजई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के ठीक सामने गुरुवार शाम दो फिदायीन हमले हुए। अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक इन धमाकों में 80 लोग मारे गए हैं और 200 से ज्यादा जख्मी हैं। मरने वालों में अमेरिका के 12 मरीन कमांडो शामिल हैं, जबकि 15 घायल हैं। इस हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन ISIS के खुरासान ग्रुप ने ली है। फियादीन हमलों के बाद काबुल एयरपोर्ट से तमाम फ्लाइट ऑपरेशन्स बंद कर दिए गए हैं। वहीं, अब अमेरिकन ब्रॉडकास्ट कंपनी (ABC) के मुताबिक एयरपोर्ट पर और भी आतंकी हमले हो सकते हैं। अमेरिकन ब्रॉडकास्ट कंपनी (ABC) एयरपोर्ट के नॉर्थ गेट पर कार बम ब्लास्ट का खतरा है। ऐसे में काबुल स्थित अमेरिकी दूतावास ने नया अलर्ट जारी किया है।
उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने काबुल एयरपोर्ट पर हुए हमलों की निंदा करते हुए कहा है कि अमेरिकी सैनिकों की मौत बेहद दुखद है, दूसरों की जान बचाने में अमेरिकी सैनिकों का बलिदान हम कभी भूलेंगे नहीं और न ही हमलावरों को माफ करेंगे। हम आतंकियों को ढूंढ़कर मारेंगे, सैनिकों के परिवारों के साथ हमारी संवेदनाएं हैं। हम अफगानिस्तान से अमेरिकी नागरिकों को निकालेंगे और अपने अफगान सहयोगियों को भी बाहर निकालेंगे। हमारा मिशन जारी रहेगा और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त फौज भी भेजेंगे।
बाइडेन के हाथ खून से रंगे हुए हैं: ट्रम्प पार्टी
काबुल एयरपोर्ट पर धमाके के बाद डोनाल्ड ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी के सीनेटर और पूर्व प्रवक्ता डेन क्रेनशॉ ने प्रेसिडेंट बाइडेन पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा- 'मिस्टर प्रेसिडेंट अब इस मामले को संभालिए जिसको आपने ही खड़ा किया है। इससे भागने की कोशिश मत कीजिए। आपके हाथ खून से रंगे हुए हैं। हम अब भी जंग के मैदान में हैं। इसे युद्ध का अंत समझने की गलती मत कीजिए। आपने दुश्मन को एक और फायदेमंद मौका दिया है।'














